बैंकों से समय पर मिलेगा 5 लाख के डिपॉजिट बीमा का लाभ, DICGC एक्ट में जल्द होगा बदलाव

बैंकों में 5 लाख रुपये तक की जमा सुरक्षित होने की गारंटी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन की ओर से ​होती है.

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए बजट (Budget 2021) में बैंक जमा पर मौजूदा एक लाख रुपये के बीमा कवर को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का ऐलान किया.

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    नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बैंक खातों में अपनी गाढ़ी कमाई जमा करने वाले लोगों को बड़ी राहत दी है. दरअसल, वित्त मंत्री ने बजट 2021 में डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation) एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रखा है.

    क्या है डीआईसीजीसी
    बैंकों में 5 लाख रुपये तक की जमा सुरक्षित होने की गारंटी  डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन की ओर से ​होती है. डीआईसीजीसी, भारतीय रिजर्व बैंक के स्वामित्व वाली सब्सिडियरी है, जो बैंक जमा पर इंश्योरेंस कवर उपलब्ध कराती है.  5 लाख के डिपॉजिट बीमा के प्रावधानों के मुताबिक, बैंक के दिवालिया होने या उसका लाइसेंस रद्द होने पर 5 लाख रुपये तक की धनराशि का भुगतान जमाकर्ता को किया जाता है, फिर चाहे बैंक में उसका कितना ही पैसा जमा क्यों न हो.

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    मौजूदा बजट सत्र में ही DICGC एक्ट में होगा बदलाव
    सीतारमण ने घोषणा की है कि मौजूदा बजट सत्र में डीआईसीजीसी एक्ट 1961 में संशोधन कर एक प्रस्ताव लाया जाएगा, जिससे कि प्रावधानों को स्ट्रीम लाइन किया जा सके.

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    वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा. ''यदि कोई बैंक अस्थायी रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असफल हो जाता है तो ऐसे बैंक में जमा करने वाले व्यक्ति आसानी से और समय से अपनी जमाराशि को उस सीमा तक हासिल कर सकेंगे जितने पर उन्हें बीमा सुरक्षा मिली है.''