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    फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों में क्यों देना पड़ता है 30% तक ज्यादा किराया, जानिए इससे जुड़ी सभी बातें

    त्‍योहारी सीजन में बढ़ी मांग के मद्देनजर इंडियन रेलवे कई स्‍टेशनों के बीच स्‍पेशल ट्रेनें शुरू कर रहा है.
    त्‍योहारी सीजन में बढ़ी मांग के मद्देनजर इंडियन रेलवे कई स्‍टेशनों के बीच स्‍पेशल ट्रेनें शुरू कर रहा है.

    फेस्टिव सीजन में यात्रियों की मांग को देखते हुए भारतीय रेलवे 20 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच 196 जोड़ी यानी 392 ट्रेन चलाने का फैसला किया है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 14, 2020, 10:10 PM IST
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    नई दिल्ली. अक्टूबर माह के आते ही देश में फेस्टिव सीजन शुरू हो जाती हैं. लोगों का आवाजाही काफी बढ़ जाती है. फेस्टिव सीजन में अधिकांश लोग ट्रेनों से जाना ज्यादा पसंद करते हैं. लेकिन कोरोना काल में सीमित ट्रेनें चलाई जा रही हैं. यात्रियों की मांग को देखते हुए भारतीय रेलवे (Indian Railways) 20 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच 196 जोड़ी यानी 392 ट्रेन चलाने का फैसला किया है. लेकिन इन फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों (Special Trains) में सफर करने के लिए आपको ज्यादा खर्च करने होंगे.

    फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का यात्रा टिकट किराया 30 फीसदी तक होता है ज्यादा
    त्यौहारों में चलने वाले फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों के लिए यात्रियों से 30 फीसदी तक किराया ज्यादा वसूला जाता है। दरअसल यह नियम साल 2015 के कमर्शियल सर्कुलर नंबर 30 के बाद से लागू किया गया है. भारतीय रेलवे ने जानकारी दी है कि 20 अक्टूबर से चलने वाले फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों में भी यह नियम लागू रहेगा. 21 मई 2015 को जारी किए गए वाणिज्य परिपत्र संख्या 30 के मुताबिक इन ट्रेनों का किराया संरचना मेल या एक्सप्रेस ट्रेन गाड़ियों के पैटर्न पर होगा. इन ट्रेनों के यात्रा करने के लिए किरायों के अलावा विशेष प्रभार लिया जाएगा. द्वितीय श्रेणी के लिए आधार किराया का 10 फीसदी और अन्य सभी श्रेणियों के लिए आधार किराए के 30 फीसदी की दर से किराए प्रतिशत के रुप में तय किया जाएगा. इसमें यह भी कहा गया है प्रतिशत बढ़ोत्तरी में न्यूनतम और अधिकतम सीमा भी तय किया गया है.

    यात्रा की श्रेणी न्यूनतम प्रभार और अधिकतम प्रभार
    आरक्षित द्वितीय श्रेणी- 10 से 15 रुपये


    शयनयान- 90 से 175 रुपये
    वातानुकूलित कुर्सीयान- 100 से 200 रुपये
    वातानुकूलित 3 टीयर- 250 से 350 रुपये
    वातानुकूलित 2 टीयर- 300 से 400 रुपये
    एग्जक्यूटिव- 300 से 400 रुपये
    प्रथम वातानुकूलित- 300 से 400 रुपये

    फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों के यात्रा किराया टिकटों में ये नियम भी होते हैं लागू
    इन ट्रेनों में सफर करने के लिए टिकटें गाड़ी के लिए लागू दूरी प्रतिबंध के तहत यात्रा की वास्तविक दूरी के लिए जारी की जाएगी. इन गाड़ियों में टिकट बुक कराने के लिए न्यूनतम दूरी का मानदंड निर्धारित किया गया है. यदि गाड़ी द्वारा तय की गई कुल दूरी प्रतिबंधित दूरी से कम हो तो उसे मामले में एक छोर से दूसरे छोर तक का यानी कि आरंभिक स्टेशन से अंतिम स्टेशन तक का किराया लिया जाएगा. सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि क्षेत्रीय रेलों (जोनल रेलवे) को ट्रेनों के आने और जाने दोनों दिशाओं में मांग के स्थितियों का आकलन करना चाहिए. अगर यात्रियों द्वारा दोनों दिशाओं में टिकटों की मांग बनी रहती है तो दोनों दिशाओं में सामान्य किराया और विशेष प्रभार लगाया जाएगा. यदि मांग केवल एक दिशा में हो तो विशेष प्रभार एक ही दिशा में लगाया जा सकता है. लेकिन फैसला रेलवे के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक के अनुमोदन से लिया जाएगा.



    श्रेणी प्रभार के लिए न्यूनतम दूरी किलोमीटर में
    2एएस- 100
    शयनयान-  500
    वातानुकूलित कुर्सीयान- 250
    3ई-3ए 500
    2ए- 500
    ईसी- 250
    1ए- 300

    फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों में नहीं मिलेगा छूट
    साल 2015 को जारी हुए सर्कुलर मेंं साफ कहा गया है कि इन स्पेशल ट्रेनों में किसी प्रकार की रियायती या खरीद पूर्व बुकिंग की नहीं होगी. और ना ही इन ट्रेनों में तत्काल का कोटा होगा. यात्रियों की मांग को देखते हुए जोनल रेलवे प्रीमियम तत्काल कोटा की व्यवस्था कर सकती है. इसके अलावा इन ट्रेनों में क्लस्टर बुकिंग,बीपीटी बुकिंग,ब्लॉक बुकिंग और चालू बुकिंग की भी अनुमति होगी. इन ट्रेनों के लिए बुक हुए टिकटों का रद्दीकरण (केंशेलेशन), संशोधन, डुप्लीकेट, टिकट जारी करना या रद्द करने, किराया का अंतर वापस करने जैसे स्थिति के लिए सामान्य टिकट नियम लागू होंगे. इसके अलावा सर्कुलर में कहा गया है कि अतिरिक्त प्रभार मसलन-आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट शुल्क, सेवाकर और मेला प्रभार जैसे अलग से लगाए जाएंगे. यह स्पेशल सेवा प्रिमियम या अन्य निर्धारित स्पेशल सेवाओं के अतिरिक्त होगी.
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