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आखिर क्यों लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल करने के लिए लगाना होगा जीरो, जानें पूरा मामला

आखिर क्यों लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल करने के लिए लगाना होगा जीरो, जानें पूरा मामला

यहां वीडियो का लिंक पेस्ट कर दें. इसके बाद आपके सामने एक पेज ओपन होगा जहां टैप करना होगा, जिसके बाद आपके सामने एक ऑप्शन आएगा कि आप उस विडियो को किस फाइल में सेव करना चाहते हैं. इस तरह इस प्रोसेस को फॉलो कर Android फोन में फेसबुक वीडियो को डाउनलोड कर सकते हैं. 

यहां वीडियो का लिंक पेस्ट कर दें. इसके बाद आपके सामने एक पेज ओपन होगा जहां टैप करना होगा, जिसके बाद आपके सामने एक ऑप्शन आएगा कि आप उस विडियो को किस फाइल में सेव करना चाहते हैं. इस तरह इस प्रोसेस को फॉलो कर Android फोन में फेसबुक वीडियो को डाउनलोड कर सकते हैं. 

नए साल से लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए मोबाइल फोन पर कॉल करने के लिए नंबर से पहले जीरो डायल करना जरूरी होगा. जीरो नहीं डायल करने पर नंबर नहीं लगेगा.

    नई दिल्ली: नए साल से लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए मोबाइल फोन पर कॉल करने के लिए नंबर से पहले जीरो डायल करना जरूरी होगा. जीरो नहीं डायल करने पर नंबर नहीं लगेगा. दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी (TRAI) की सिफारिशें को स्वीकार करते हुए नया नियम लागू करने का फैसला किया है. 15 जनवरी से यह नियम पूरे देश में लागू हो जाएगा. नियम लागू होने के बाद नंबर से पहले जीरो नहीं लगाने वाले लोगों को एक रिकॉर्ड किया हुआ मैसेज सुनाई देगा.

    मोबाइल से डायलिंग पर लागू नहीं होगा नियम
    आपको बता दें नियम लागू होने से पहले भी आउट स्टेशन मोबाइल नंबर पर कॉल करने के लिए जीरो डायल करना पड़ता था. आपको बता दें यह नियम मोबाइल फोन से मोबाइल फोन पर कॉल करने पर लागू नहीं होगा यानि मोबाइल से कॉल करने पर जीरो (0) लगाने की जरूरत नहीं होगी.

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    1 जनवरी तक करना होगा लागू
    नई व्यवस्था को लागू करने के लिए टेलिकॉम डिपार्टमेंट (DoT) ने कंपनियों को 1 जनवरी 2021 तक जरूरी इंतजाम करने का निर्देश दे दिया है. इस कदम से टेलिकॉम सेवाओं के लिए पर्याप्त नंबर उपलब्ध हो सकेंगे. केंद्र सरकार ने फिक्स्ड लाइन और मोबाइल सेवाओं के लिए पर्याप्त संसाधन सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है.

    DoT ने जारी किया सर्कुलर
    DoT ने फिक्स्ड लाइन नंबरों से मोबाइल नंबर के डायलिंग पैटर्न में बदलाव को लेकर जारी एक सर्कुलर में कहा कि फिक्स्ड लाइन और मोबाइल सेवाओं के लिए पर्याप्त नंबर सुनिश्चित करने के लिए 29 मई 2020 को TRAI की ओर से दिए गए सुझावों को मान लिया है. विभाग की ओर से कहा गया है कि सभी फिक्स्ड लाइन सब्सक्राइबर्स को '0' डायलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जो STD डायलिंग सुविधा है.

    इस्तेमाल होते हैं 10 अंकों के नंबर
    भारत में अभी 10 अंकों के मोबाइल फोन नंबर इस्तेमाल होते हैं. 0 और 1 से शुरू होने वाले नंबर स्पेशल सुविधाओं के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं. इससे पहले ज्यादातर मोबाइल नंबर सीरीज़ की शुरुआत 9 से होती थी और अब 8, 7 और 6 अंक से शुरू होने नंबर भी आ चुके हैं. इन सभी कॉम्बिनेशंस की बात करें तो देश में इस समय कुल 115 करोड़ मोबाइल नंबर मौजूद हैं. मौजूदा समय में 9 से शुरू होने वाले मोबाइल नंबर का कॉम्बिनेशन भी लगभग खत्म हो चुका है. यानि 9 से शुरू होने वाले अब और नंबर नहीं जारी किए जा सकते. इसी समस्या को दूर करने के लिए मोबाइल नंबर से पहले जीरो लगाने का फैसला किया गया है.

    114.79 करोड़ मोबाइल यूजर्स हैं
    TRAI ने सिम बेस्ड M2M कनेक्शन के लिए भी 10 डिजिट के मोबाइल नंबर सीरीज की जगह 13 अंकों के मोबाइल नंबर के इस्तेमाल की सलाह दी थी. 31 अगस्त 2020 तक देश में 114.79 करोड़ वायरलेस सब्सक्राइबर्स यानि मोबाइल फोन उपभोक्ता हैं, यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और वहीं दूसरी तरफ लैंडलाइन सब्सक्राइबर्स की संख्या लगातार घट रही है.

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    कुछ नंबर की सीरीज सिर्फ लैंडलाइन उपभोक्ताओं को ही उपलब्ध कराई गई है जैसे- अंक 2 से शुरू होने वाली सीरीज़ बीएसएनएल और एमटीएनएल के लैंडलाइन उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई गई है, अंक 4 एयरटेल, अंक 35 और 796 रिलायंस जिओ के लैंडलाइन उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध है. इसलिए भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जीरो प्रीफिक्स के इस्तेमाल का फैसला लिया गया है, जिससे न सिर्फ लैंडलाइन और मोबाइल फोन नंबर की ओवरलैपिंग की समस्या खत्म होगी बल्कि 253.9 करोड़ नए नंबर जनरेट करने में सहायता भी मिलेगी.undefined

    Tags: Business news in hindi

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