कोरोना और घटती कमाई के बीच संकट में क्रेडिट कार्ड पर लोन लेने से क्यों बचना चाहिए, क्या है बेहतर विकल्प

इन तरीकों को अपनाकर समय से पहले चुकाएं लोन

इन तरीकों को अपनाकर समय से पहले चुकाएं लोन

अगर अचानक पैसे की जरूरत पड़ गई तो आदमी पहले पर्सनल और क्रेडिट कार्ड पर लोन के बारे में विचार करता है. क्रेडिट कार्ड पर लोन पहले से एप्रूव्ड होता है. लिहाजा एक दिन में मिल जाता है. वहीं, पर्सनल लोन में 3 से 7 दिन लग जाते हैं. लिहाजा आदमी क्रेडिट कार्ड पर लोन ले लेता है. लेकिन इससे बचना चाहिए.

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नई दिल्ली. कोरोना महामारी में एक तरफ जहां रोजगार और कमाई पर संकट आया है, वहीं दूसरी तरफ ज्यादातरों घरों का हेल्थ बजट बिगड़ गया है. आय कम हुई है और खर्चे बढ़ गए हैं. कोरोना के कारण राज्यों में लॉकडाउन है. बाजार बंद हैं और बहुत सारे लोगों की कमाई रुक गई है.

ऐसी परिस्थिति में अगर अचानक पैसे की जरूरत पड़ गई तो आदमी लोन पर विचार करता है. इसमें पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड पर लोन सबसे पहले आदमी सोचता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड पर लोन पहले से एप्रूव्ड होता है. लिहाजा एक दिन में मिल जाता है. वहीं, पर्सनल लोन में 3 से 7 दिन लग जाता है. लिहाजा आदमी क्रेडिट कार्ड पर लोन ले लेता है. लेकिन इससे बचना चाहिए.

महंगा पड़ता है क्रेडिट कार्ड का लोन

पर्सनल लोन ऑफर करने वाले बैंक और एबीएफसी की ब्याज दरें सालाना 10-24 फीसदी के करीब होती हैं. प्रभावी ब्याज दर लोन संस्थान और आवेदक की प्रोफाइल के विभिन्न पहलुओं पर निर्भर करती है. जैसे क्रेडिट स्कोर, मासिक आय, जॉब प्रोफाइल और कंपनी की प्रोफइल. वहीं, क्रेडिट कार्ड से लोन काफी महंगा पड़ता है. क्रेडिट कार्ड की ब्याद दर 35 से 40 फीसदी सालाना आती है. एक ही बैंक आपको पर्सनल लोन पर 15 फीसदी सालाना ब्याज लेगा, लेकिन वही बैंक क्रेडिट कार्ड पर 40 फीसदी तक ब्याज वसूलता है.
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पर्सनल लोन की लिमिट ज्यादा

क्रेडिट कार्ड पर प्री-एप्रूव्ड लोन होते है. इनकी राशि कम होती है. वहीं, पसर्नल लोन की 50 हजार से लेकर 25 लाख रुपए तक हो सकती है. लिहाजा बड़े खर्च के लिए पर्सनल लोन मददगार साबित होता है. प्रोसेसिंग फीस भी दोनों तरह के लोन की लगभग बराबर ही होती है. इसलिए लोन राशि पर बी बहुत अधिक फर्क नहीं पड़ता.



एलआईसी (LIC) पर लोन भी बेहतर विकल्प

अगर आपने जीवन बीमा करा रखा है तो आपके पास लोन के एक और बेहतर विकल्प है. एलआईसी अपने पॉलिसी धारकों को कम ब्याज दर पर लोन मुहैया कराती है. इसमें आपको दो साल पुराना बीमाधारक होना चाहिए. साथ ही पॉलिसी किस्म सही समय से जमा की जा रही हो. लोन की राशि आपकी एलआईसी पॉलिसी के आधार पर तय होती है. LIC तय करता है कि आपको कितना लोन मिलेगा.

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