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यूनिफॉर्म बिल्डर-बायर्स एग्रीमेंट एग्रीमेंट से क्या घर खरीदारों को फायदा मिलेगा, विशेषज्ञों से जानिए इसके बारे में सब कुछ

यूनिफॉर्म बिल्डर-बायर्स एग्रीमेंट एग्रीमेंट से क्या घर खरीदारों को फायदा मिलेगा, विशेषज्ञों से जानिए इसके बारे में सब कुछ

बिल्डर्स द्वारा बनाए गए एग्रीमेंट्स की शर्तां से घर खरीदार बैक फुट पर होते हैं. (सांके‍त‍िक तस्‍वीर)

बिल्डर्स द्वारा बनाए गए एग्रीमेंट्स की शर्तां से घर खरीदार बैक फुट पर होते हैं. (सांके‍त‍िक तस्‍वीर)

Uniform Builder-Buyers Agreement: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने घर खरीदारों (home buyers) के लिए केंद्र सरकार को एक यूनिफॉर्म बिल्डर-बायर्स एग्रीमेंट बनाने की जरूरत पर नोटिस जारी किया है.

    नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को कहा कि देश के लाखों घर खरीदारों (home buyers) के लिए केंद्र सरकार को एक यूनिफॉर्म बिल्डर-बायर्स एग्रीमेंट (uniform builder-buyers agreement) बनाने की जरूरत है. जस्टिस डी वाई चंद्रचूड की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि घर खरीदारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए यूनिफार्म एग्रीमेंट बेहद जरूरी है. अक्सर बिल्डर्स द्वारा बनाए गए एग्रीमेंट्स की शर्तों से घर खरीदार बैक फुट पर होते हैं. हालांकि विशेषज्ञों और बिल्डरों की राय इससे जुदा है. रियल एस्टेट एक्सपर्ट की मानें तो यूनिफॉर्म एग्रीमेंट सिर्फ कागजी दस्तावेज साबित होगा. आईए सवाल-जवाबों के जरिए आसान भाषा में समझें यूनिफार्म बिल्डर्स – होम बॉयर्स एग्रीमेंट… यह भी पढ़ें: Success Story: मां की बीमारी के इलाज के लिए गेहूं की नई किस्म उपजाई, अब विदेशों से मिल रहे आर्डर

  • सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्देश दिए हैं?
    सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट सेक्टर में मॉडल बिल्डर-बायर एग्रीमेंट और एजेंट-बायर एग्रीमेंट बनाने के लिए केंद्र को नोटिस जारी कर चार हफ्तों में जवाब मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस में सरकार से पूछा है कि क्या ऐसा किया जा सकता है? साथ ही, जस्टिस चंद्रचूड ने कहा कि एक बार केंद्र मॉडल बायर-बिल्डर एग्रीमेंट बना लेता है तो उसके बाद सुप्रीम कोर्ट राज्यों को इसका पालन करने के लिए कहेगा.
  • बिल्डर्स- होम बॉयर्स एग्रीमेंट क्या है?
  • जब भी कोई घर खरीदार बिल्डर से फ्लैट या घर की बुकिंग करवाता है या खरीदता है तो दोनों के बीच एग्रीमेंट होता है. इस एग्रीमेंट में घर खरीदी से संबंधितत शर्तें होती है. मसलन घर का साइज से लेकर विभिन्न सुविधाएं, कीमत व इसे चुकानें के तरीके आदि. यही नहीं, कॉलोनी का मेंटेनेंस, बिजली, कामन एरिया फैसिलिटी जैसे कई बातों के लिए शर्तें होती हैं.
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  • अभी क्या स्थिति है?
  • कई राज्यों में पहले से ही मॉडल एग्रीमेंट मौजूद है तो कई राज्यों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है. इसके समर्थकों का माना है कि मॉडल या यूनिफॉर्म बिल्डर-बायर एग्रीमेंट और मॉडल एजेंट-बायर एग्रीमेंट से रियल एस्टेट में पारदर्शिता आएगी. फ्लैट खरीदारों को धोखाधड़ी का सामना नहीं करना पडे़गा. अभी रियल इस्टेट के कई एग्रीमेंट एकतरफा और मनमाने होते हैं. ये एग्रीमेंट फ्लैट खरीदारों के हितों को नजरअंदाज करने वाले हैं.
  • यूनिफार्म या मॉडल बिल्डर्स- होम बॉयर्स एग्रीमेंट की जरूरत क्यों है?
  • प्रोजेक्ट व बिल्डरों के हिसाब से एग्रीमेंट की शर्तें बदल जाती है. होम-बायर्स इतना जानकार नहीं होता है कि व एग्रीमेंट की सभी शर्तें समझ सकें. जब भी विवाद की स्थिति बनती है तो बिल्डर एग्रीमेंट की शर्ताें का हवाला देकर बच निकलते हैं. ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि निजी बिल्डर फ्लैट बेचते समय अपने फायदे का एग्रीमेंट बनवा लेते हैं. इसका नुकसान फ्लैट खरीददारों को होता है. इसलिए, रेरा कानून में मॉडल बिल्डर्स-होम बायर्स एग्रीमेंट का उल्लेख है. लेकिन अब तक केंद्र सरकार ने इसका खाका तैयार नहीं किया है.
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  • बिल्डरों को इसके प्रावधानों से क्यों नाराजगी है?
  • बिल्डरों और डेवलपर्स की संस्था क्रेडाई के राष्ट्रीय सचिव वासिक हुसैन कहते हैं कि रेरा काम में बाधा डालने की नई खिड़की है. इसी तरह से यूनिफार्म एग्रीमेंट भी बिजनेस में दखल डालने वाला साबित होगा. उनके मुताबिक यदि सरकार ही सब कुछ तय कर देगी तो बिजनेस कहां बचा? फिर क्यों कोई बिल्डर बनेगा या बिजनेस करेगा.
  • रेरा एग्रीमेंट की स्वीकृति देता है फिर भी यूनिफॉर्म एग्रीमेंट की जरूरत क्यों है?
  • दिल्ली के अर्बन प्लानर ललित परमार कहते हैं कि रेरा का मुख्य काम एग्रीमेंट पर अमल करवाने का है, न कि एग्रीमेंट को पास करना. वह एग्रीमेंट की शर्तें तय नहीं करता है. लिहाजा, यह कह पाना मुश्किल होता है कि एग्रीमेंट की शर्तों में बॉयर्स के हितों का कितना ध्यान रखा गया है? एग्रीमेंट को बायर्स के हितों के हिसाब से बनाने के लिए यूनिफॉर्म एग्रीमेंट की जरूरत है.
  • क्या यूनिफॉर्म एग्रीमेंट संभव है?
  • शहरी प्लानिंग के जानकार मनोज सिंह मीक बताते हैं कि रेरा एक्ट में मॉडल एग्रीमेंट का प्रावधान है. इसलिए अलग से यूनिफार्म एग्रीमेंट की जरूरत नहीं है. वे बताते हैं कि रेरा रजिस्ट्रेशन के लिए बिल्डरों को एग्रीमेंट भी रेरा से पास कराना होता है. इसलिए इसकी जरूरत नहीं है. विधि विशेषज्ञ रंजना चौधरी कहती है जमीन या भूमि राज्य का विषय है, इसलिए केंद्र सरकार सिर्फ एग्रीमेंट का प्रकार बता सकती है. इसे लागू करवाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होगी. उनके मुताबिक हर राज्य, शहर और यहां तक कि प्रोजेक्ट के हिसाब से एग्रीमेंट की शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए यूनिफाॅर्म एग्रीमेंट तैयार करना बेहद कठिन है.

    Tags: Buying a home, Home, Housing project groups, Indian real estate sector, Real Estate Regulation & Development Act

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