2 रुपये तक सस्ता हो सकता है पेट्रोल! कच्चे तेल की कीमतों में आई 6% की गिरावट

2 रुपये तक सस्ता हो सकता है पेट्रोल! कच्चे तेल की कीमतों में आई 6% की गिरावट
अगले एक महीने में पेट्रोल 2 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता हो सकता है.

Petrol Price-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल एक हफ्ते में 6 फीसदी से ज्यादा सस्ता हो गया है. वहीं, रुपये में भी 2 फीसदी से ज्यादा की मज़बूती आई है. इसीलिए एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में गिरावट आ सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 12, 2020, 4:19 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना के संकट में महंगाई (Inflation) ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है. लेकिन अब उम्मीद लगाई जा रही है कि इससे कुछ राहत मिल सकती है. क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil Price Down) के दाम लुढ़क गए है और रुपये में मज़बूती लौटी है. ऐसे में एक्सपर्ट्स घरेलू स्तर पर पेट्रोल डीज़ल की कीमतों में गिरावट का अनुमान लगा रहे हैं. एसकोर्ट सिक्योरिटी के रिसर्च आसिफ इकबाल ने न्यूज18हिंदी को बताया कि कच्चा तेल सस्ता होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को राहत मिलेगी. क्योंकि भारत अपनी जरूरतों का 82 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है. पिछले कुछ महीनों से पेट्रोल के दाम लगातार बढ़े हैं या स्थिर रहे हैं. तेल कंपनियों पर दाम घटाने का दबाव है. ऐसे में ब्रेंट क्रूड की ओर से कंपनियों को राहत मिलती है तो वे कंज्यूमर्स को राहत दे सकती हैं. अगर क्रूड में 20 फीसदी की कमी आती है तो पेट्रोल और डीजल में 5 फीसदी कमी की जा सकती है.  लिहाजा पेट्रोल और डीजल 2.5 से 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो सकता है.

6 फीसदी लुढ़का कच्चा तेल- न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की खबर के मुताबिक, बीते हफ्ते में कच्चाे तेल के दाम 6 फीसदी से ज्यादा गिर गए  है. इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह कच्चे तेल की डिमांड में आई कमी है. क्योंकि कोरोना वायरस के मामले जहां बढ़ रहे हैं. वहां, बिजनेस गतिविधियां धीमी पड़ रही है. इसीलिए डिमांड में कमी आ रही है. वहीं, वैक्सीन को लेकर भी उम्मीदों को झटका लगा है. इसी वजह से कई कंपनियों ने डिस्काउंट देना शुरू कर दिया है कि उनका प्रोडक्शन खप जाए. ऐसे में आगे क्रूड में फिर बड़ी गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता है. अक्टूबर तक ब्रेंट क्रूड के दाम गिरकर 32 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ सकते हैं.

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पेट्रोल-डीजल की थमी रफ़्तार


S&P की रिपोर्ट के अनुसार प्रमुख कंज्यूमर देश चीन में जून के दौरान क्रूड का इंपोर्ट 12.99 मिलियन बैरल प्रति दिन के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था. क्रूड इंपोर्ट मार्च में 9.72 मिलिसन प्रति बैरल था. अब यह घटकर 12.13 मिलियन प्रति बैरल पर आ गया. रॉयटर्स के मुताबिक चीन का क्रूड इंपोर्ट घटकर 11.18 मिलियन प्रति बैरल रह गया है.

भारत में गिरी पेट्रोल -डीज़ल की डिमांड-पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) के आंकड़ों के अनुसार अगस्त में पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री पिछले महीने की तुलना में 7.5 फीसदी घटकर 1.43 करोड़ टन रह गई. वहीं एक साल पहले के अगस्त महीने की तुलना में बिक्री में 16 फीसदी की गिरावट आई है. वर्ष के दौरान अगस्त लगातार छठा महीना है जबकि पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री में एक साल पहले के मुकाबले गिरावट आई है.

जुलाई से लगातार गिर रही है पेट्रोल-डीजल की मांग-अप्रैल 2020 में ईंधन की मांग रिकॉर्ड 48.6 फीसदी की गिरावट के साथ 94 लाख टन रही थी. उस समय सरकार ने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाया था. उसके बाद के दो महीनों में ईंधन की मांग कुछ सुधरी. लेकिन जुलाई से मासिक आधार पर मांग में लगातार गिरावट आ रही है.

देश में सबसे अधिक बिकने वाले ईंधन डीजल की बिक्री अगस्त में 12 फीसदी गिरकर 48.4 लाख टन रह गई, जो जुलाई में 55.1 लाख टन थी. सालाना आधार पर डीजल की बिक्री में 20.7 फीसदी की गिरावट रही. इसी तरह अगस्त में पेट्रोल की बिक्री सालाना आधार 7.4 फीसदी घटकर 23.8 लाख टन रह गई. हालांकि जुलाई के मुकाबले इसमें 5.3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गयी. जुलाई में 22.6 लाख टन पेट्रोल की बिक्री हुई थी.

एलपीजी-मिट्टी का तेल भी कम बिका-अगस्त में एलपीजी बिक्री सालाना आधार पर पांच फीसदी घटकर 22 लाख टन रही. वहीं मिट्टी तेल की मांग 43 फीसदी घटकर 1,32,000 टन रह गई. माह- दर- माह आधार पर इनकी बिक्री लगभग स्थिर रही.
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