जब तक मेरी जरूरत है तब तक ही हूं इन्फोसिस के साथ: नीलेकणी

इन्फोसिस के को-फाउंडर और नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कंपनी में स्थिरता लाने की दिशा में हो रही प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि वह तभी तक कंपनी के साथ हैं जब तक उनकी जरूरत है.

भाषा
Updated: January 13, 2018, 4:50 AM IST
जब तक मेरी जरूरत है तब तक ही हूं इन्फोसिस के साथ: नीलेकणी
नंदन नीलेकणि (फाइल फोटो)
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Updated: January 13, 2018, 4:50 AM IST
इन्फोसिस के को-फाउंडर और नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कंपनी में स्थिरता लाने की दिशा में हो रही प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि वह तभी तक कंपनी के साथ हैं जब तक उनकी जरूरत है.

नीलेकणीको पिछले साल अगस्त में तत्कालीन सीईओ विशाल सिक्का और पूर्व चेयरमैन आर. शेषाशायी के इस्तीफे के बाद निदेशक मंडल में शामिल किया गया था. नीलेकणी को कंपनी को वापस पटरी पर लाने तथा नया सीईओ खोजने का काम दिया गया था.

इस महीने की शुरुआत में सलिल पारेख को सीईओ एवं प्रबंध निदेशक नियुक्त किया जा चुका है.

नीलेकणी ने कंपनी की तीसरी तिमाही का परिणाम घोषित होने के बाद मीडिया से कहा कि पारेख ने इन्फोसिस में स्थिरता ला दी है. उन्होंने कहा, ‘‘यह (इन्फोसिस) स्थिरता पा चुका है और मुझे लगता है कि यह काफी जल्दी हुआ है.’’

कंपनी से जुड़े रहने की अवधि के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां तब तक ही हूं जब तक कि मेरी यहां जरूरत है। उसके बाद मैं एक भी अतिरिक्त दिन नहीं रुकने वाला.’’.

बताते चलें कि इन्फोसिस ने तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं. वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 37.6 फीसदी बढ़कर 5129 करोड़ रुपए रहा है. वित्त वर्ष 2018 दूसरी तिमाही में इन्फोसिस का मुनाफा 3726 करोड़ रुपए रहा था. वित्त वर्ष 2018 तीसरी तिमाही में इन्फोसिस की आय 1.3 फीसदी बढ़कर 17794 करोड़ रुपए रही है.
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