विप्रो ने लंदन की कंपनी Capco का 1.45 अरब डॉलर में किया अधिग्रहण, कंसल्टेंसी कारोबार में मिलेगी मजबूती

प्रतीकात्मक तस्वीर

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नई दिल्ली. सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी विप्रो (Wipro) ने बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर कंसल्टेंसी फर्म कैपको (Capco) का 1.45 अरब डॉलर के निवेश से अधिग्रहण कर लिया है. यह विप्रो द्वारा अब तक किया गया सबसे बड़ा अधिग्रहण है.

आईटी सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर बढ़ेगी विप्रो की मजबूती
विप्रो ने इस बारे में जारी अपने एक अधिकृत बयान में कहा है कि इस अधिग्रहण से बैंकिंग, फाइनेशियल सर्विसेस और इंश्योरेंस सेक्टर (BFSI) में कंपनी की आईटी सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर मजबूती और बढ़ेगी. इस अधिग्रहण से कंपनी को बड़े और अहम बीएफएसआई क्लायंट हासिल करने में मदद मिलेगी. कंसल्टेंसी कारोबार में कंपनी की पहचान को और मजबूती मिलेगी.

कैपको के पास 30 लोकेशन पर 5000 कर्मचारी 
बता दें कि कैपको के पास 30 लोकेशन पर 5000 कर्मचारी है. यह सौदा पूरी तरह कैश में होगा. 30 जून 2021 को समाप्त होने वाली तिमाही में इस सौदे के संपन्न होने की संभावनाएं हैं. कैपको का मुख्यालय लंदन में है. कंपनी कैपिटल मार्केट से जुड़ी हुई है जो एक टेक्नोलॉजी और कंसल्टेंसी कंपनी के तौर पर दुनिया भर के बैकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेस इंडस्ट्री को डिजिटल कंसल्टेंसी और टेक्नोलॉजी सेवाएं उपलब्ध कराती है.



विप्रो का मुनाफा 20.8 फीसदी बढ़कर 2967 करोड़ पहुंचा
बता दें कि 31 दिसंबर 2020 को खत्म हुई तिमाही में विप्रो का प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 20.8 फीसदी बढ़ा था. तीसरी तिमाही नतीजों के मुताबिक दिसंबर में खत्म हुई तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट 2967 करोड़ रुपये रहा था. पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी को 2456 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था. तिमाही के दौरान कंपनी की आय पिछले साल के मुकाबले 1.3 फीसदी बढ़कर 15670 करोड़ रुपये रही थी. पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी की आय 15471 करोड़ रुपये थी. पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 3.7 फीसदी की बढ़त देखने को मिली थी.
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