चीन को भारत देगा बड़ा झटका! इन प्रोडक्ट्स को रोकने के लिए सरकार की तैयारी पूरी

चीन को भारत देगा बड़ा झटका! इन प्रोडक्ट्स को रोकने के लिए सरकार की तैयारी पूरी
चीन को भारत दे सकता है एक बड़ा झटका! अब इस प्रोडक्ट के इम्पोर्ट पर लगाम लगेगी

चीन के साथ तनातनी के बीच भारत ने सोलर इक्विपमेंट के भारी आयात को कम करने की तैयारी तेज़ कर दी है. सूत्रों के मुताबिक इसके लिए दो तरह की रणनीति तैयार की गई हैं. रिन्यूएबल एनर्जी मंत्रालय घरेलू मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की मदद के लिए जल्द ही एक नई स्कीम की घोषणा करने जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 23, 2020, 11:18 AM IST
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नई दिल्ली. चीन के साथ तनातनी के बीच भारत ने सोलर इक्विपमेंट (Solar Equipment) के भारी आयात को कम करने की तैयारी तेज़ कर दी है. सूत्रों के मुताबिक इसके लिए दो तरह की रणनीति तैयार की गई है. रिन्यूएबल एनर्जी मंत्रालय (Renewable Energy Ministry) घरेलू मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों (Domestic Manufacturing Companies) की मदद के लिए जल्द ही एक नई स्कीम की घोषणा करने जा रहा है. चीन के साथ तनातनी के बीच ऊर्जा मंत्रालय ने यह फैसला बड़े स्तर पर सोलर इक्विपमेंट्स के आयात को कम करने के लिए लिया है. सूत्र के मुताबिक MNRE ने शॉर्ट-लॉन्ग टर्म की रणनीति तैयार की है.

पैनल, सेल्स, मॉड्यूल, कंट्रोलर्स के गैर जरूरी आयात रोकने की योजना बनाई हैं. चीन से करीब 80% सोलर इक्विपमेंट आयात हो रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि महीने भर के अंदर VGF मॉडल पर आधारित नई स्कीम की घोषणा होगी. सोलर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए नई स्कीम की प्रक्रिया तेज होगी. यह प्रोजेक्ट VGF x`कॉस्ट का 25-35% हो सकता है.

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VGF- Viability Gap Funding ऑक्शन के आधार पर कंपनियों को मिलेगा. नई स्कीम को वित्त मंत्रालय ने अगर मंजूरी दी तो Adani green, TPREL, Vikaram Solar, Azure Power जैसी कंपनियों को फायदा होगा.



चीन को लेकर भारत का रवैया बेहद सख्त 
चीन की चाल को नाकाम करने लिए सरकार उसे तीन मोर्चे पर घेरने की तैयारी कर रही है. एक तरफ भारत ने सैन्य मोर्चांबंदी तेज कर दी है, दूसरी तरफ कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चे (Economic Front) पर चीन को पछाड़ने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. इस बीच सीमा पर भारत-चीन में तनातनी जारी है. दोनों देशों के बीच टेंशन बरकरार है लेकिन हालात अब काबू में हैं. Moldo में लद्दाख पर कमांडर स्तर की बैठक होगी. ये बैठक चीन की मांग पर हो रही है. Galwan में हालात बेहतर करने की कोशिश जारी है. इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस के लिए रवाना हुए हैं. रूस में चीन के साथ त्रिपक्षीय स्तर की बातचीत हो सकती है. चीन से सैन्य मोर्चे पर निपटने के लिए सरकार नें सरकार ने LAC पर हालात से निपटने के लिए सेना को खुली छूट दे दी. (प्रकाश प्रियदर्शी , CNBC Awaaz)
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