इस ऐप से रेहड़ी-पटरी वालों को मिनटों में मिलेगा लोन, जानिए इसके बारे में सबकुछ

कोरोना संकट के कारण रोजगार खोने वाले स्‍ट्रीट वेंडर्स को आसानी से वर्किंग कैपिटल लोन उपलब्‍ध कराने के लिए सरकार ने पीएम स्‍वनिधि मोबाइल ऐप लॉन्‍च किया है.

कोरोना संकट के कारण रोजगार खोने वाले स्‍ट्रीट वेंडर्स को आसानी से वर्किंग कैपिटल लोन उपलब्‍ध कराने के लिए सरकार ने पीएम स्‍वनिधि मोबाइल ऐप लॉन्‍च किया है.

केंद्र सरकार (central government) ने पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (PM SVA Nidhi) योजना के तहत पीएम स्वनिधि मोबाइल ऐप (PM Street Vendor Atmanirbhar Nidhi) लांच किया है. कोरोना संकट के बीच अपना रोजगार खो चुके रेहड़ी-पटरी वाले अपना काम दोबारा शुरू करने के लिए इस ऐप की मदद से 10,000 रुपये तक के लोन (Working Capital) आवेदन कर सकते हैं. रिये

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 19, 2020, 7:42 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने कोरोना संकट के बीच अपना रोजगार खो चुके रेहड़ी-पटरी वालों की आर्थिक मदद के लिए पीएम स्‍ट्रीट वेंडर आत्‍मनिर्भर निधि (PM Street Vendor Atmanirbhar Nidhi) योजना शुरू की थी. इसके तहत उन्‍हें दोबारा काम शुरू करने के लिए 10,000 रुपये तक का लोन देने की योजना पेश की गई थी. आवास व शहरी मामलों के राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने आज एक बैठक के दौरान कहा कि राज्य योजना के लाभार्थियों को अपनी शिकायतें रखने में मदद करने के लिए एक मंच बनाएं. उन्‍होंने स्‍ट्रीट वेंडर्स के लिए पीएम स्वनिधि मोबाइल ऐप (PM SVA Nidhi Mobile App) लांच किया. इस दौरान उन्‍होंने शहरी निकाय अधिकारियों (ULB Officials) के लिए भी मोबाइल ऐप लॉन्‍च किया.

स्‍ट्रीट वेंडर्स के घर तक लोन की सुविधा पहुंचाने के लिए लॉन्‍च किया ऐप

पीएम स्वनिधि मोबाइल ऐप को शुरू करने का उद्देश्य स्ट्रीट वेंडर्स (Street Vendors) के लिए लोन अप्लाई करने के प्रोसेस को आसान बनाना है. साथ ही लोन देने वाली संस्थाओं और उनके फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों में भी इस डिजिटल इंटरफेस (Digital interface) के चलते काफी सहूलियत होगी. इस ऐप के जरिये लोन देने वाली संस्थाओं के फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों जैसे बैंकिंग प्रतिनिधि (बीसी) और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) या माइक्रो-फाइनेंस संस्थानों (MFI) के एजेंटों के जरिये स्ट्रीट वेंडर्स तक आसानी से लोन सुविधा को पहुंचाया जा सकेगा.

ये भी पढ़ें- केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए अब अलग-अलग नहीं देना होगा टेस्‍ट, नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी लेगी एक परीक्षा
रेहड़ी-पटरी वालों को बिना कागजी कार्रवाई के आसानी से मिलेगा लोन

पीएम स्वनिधि मोबाइल ऐप के जरिये स्ट्रीट वेंडर्स को बिना किसी कागजी कार्रवाई के माइक्रो-क्रेडिट सुविधाओं के जरिये आसानी से लोन दिया जा सकेगा. मंत्रालय की ओर इस स्कीम के तहत वेब पोर्टल की शुरूआत 29 जून, 2020 को की गई. इस ऐप में पीएम स्वनिधि के वेब पोर्टल के जैसी ही सभी सुविधाएं हैं, जिसे आसान पोर्टेबिलिटी की सुविधा के साथ जोड़ा गया है. इनके फीचरों में सर्वे डेटा में वेंडरों की खोज, लोन के लिए अप्लाई करने के लिए ई-केवाईसी, एप्लीकेशन की प्रोसेसिंग और रियल टाइम मॉनेटरिंग शामिल है. प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत लिए वर्किंग कैपिटल लोन को एक साल में मासिक किस्‍तों में चुकाया जाना है. लोन को समय से चुकाने पर हर साल 7 फीसदी की दर से ब्याज सब्सिडी मिलेगी. ये सब्सिडी सीधे लोन लेने वाले के खाते में जाएगी. ऐप को गुगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है.

ये भी पढ़ें- राज्‍यों की Discoms को राहत! कैबिनेट ने वर्किंग कैपिटल लिमिट नियमों में दी ढील, ले सकेंगे ज्‍यादा कर्ज



पुरी ने कहा, उत्‍पीड़न करने वाले अधिकारियों पर की जाए कार्रवाई

यूएलबी अधिकारियों के लिए लॉन्‍च किए गए ऐप का उद्देश्य स्ट्रीट वेंडर्स से कर्ज के लिए आवेदन मंगाने के लिए उपयोगकर्ता के अनुकूल डिजिटल इंटरफेस उपलब्ध कराना है. पुरी ने कहा कि राज्‍य सरकारों को रेहड़ी वालों को पारंपरिक ठेलों की जगह आधुनिक ठेले खरीदने के लिए मुद्रा जैसी अन्‍य योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. पुलिस या नगरपालिका अधिकारियों की ओर से रेहड़ी-पटरी वालों के उत्पीड़न के संबंध में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए. लाभार्थी की शिकायत दर्ज कराने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में पुलिस, यूएलबी और अन्य विभागों के अधिकारियों का एक फोरम बनाया जाए. इस फोरम की एक महीने में कम से कम एक बैठक जरूर होनी चाहिए.

ये भी पढ़ें- खुशखबरी - सोने-चांदी की कीमतों में आई बड़ी गिरावट, आज हुए 3000 रुपये से ज्यादा सस्ते

पीएम स्‍वनिधि पोर्टल पर अब मिल चुके हैं 5.68 लाख आवेदन

पीएम स्वनिधि पोर्टल पर 2 जुलाई, 2020 को आवेदनों के ऑनलाइन जमा करने की सुविधा शुरू की गई थी. तब से इस पोर्टल के जरिये 5.68 लाख से अधिक स्‍ट्रीट वेंडर्स ने लोन के लिए आवेदन किया है. वहीं, विभिनन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अब तक 1.30 लाख से अधिक लोन आवेदन मंजूर हो चुके हैं. हड़ी-पटरी वालों के घर के दरवाजे तक माइक्रो क्रेडिट सुविधा पहुंचाने के लिए मंत्रालय की ओर से कर्जदाता संस्थाओं के लिए एक मोबाइल ऐप पीएम स्वनिधि मोबाइल ऐप (PM SVA Nidhi Mobile App) लॉन्‍च कर दिया गया है, जो गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज