केंद्र सरकार के इस कदम से जल्द सस्ता होगा आलू और प्याज, जानिए पूरा मामला?

केंद्र सरकार के इस कदम से जल्द सस्ता होगा आलू और प्याज, जानिए पूरा मामला?
केंद्र सरकार के इस कदम से जल्द सस्ता होगा आलू और प्याज, जानिए पूरा मामला?

बाजारों में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार प्याज उत्पादक देशों से प्याज आयात कर रही है. 7000 मिट्रिक टन प्याज का आयात किया जा चुका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 30, 2020, 7:19 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. आलू और टमाटर के बाद प्याज भी लोगों के किचन बजट को बिगाड़ रहा है. प्याज और आलू की आसमान छूती कीमत से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है. एक महीने पहले 25 से 30 रुपये प्रति किलो बिकने वाला प्याज आज खुदरा बाजारों में 65 से 80 रुपये प्रति किलों बिक रहा है. प्याज की आवक कम होने की वजह से प्याज की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रही है.

केंद्र सरकार के इस कदम से प्याज होगा सस्ता
बाजारों में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार प्याज उत्पादक देशों से प्याज आयात कर रही है. 7000 मिट्रिक टन प्याज का आयात किया जा चुका है. सरकार ने जानकारी दी कि दीवाली से पहले 25000 एमटी आयातित प्याज देश में पहुंच जायेगा. केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकडों के मुताबिक 27 अक्टूबर को प्याज का खुदरा मूल्य 65.95 रुपये प्रति किलो था जबकि 28 अक्टूबर को 66.34 रुपये और 29 अक्टूबर को 65.88 रुपये प्रति किलो प्याज की बिक्री हो रही थी.

प्याज की कीमतों को नियंत्रण करने के लिए केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है
देश में प्याज की उपलब्थता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 14 सितंंबर को प्याज के निर्यात पर पाबंदी लगा थी. निजी कंपनियों या व्यापारियों द्वारा प्याज का आयात करने में डीजीएफटी मदद कर रहा है.प्याज आयात से संबंधित कई नियमों में भी केंद्र सरकार ने ढ़ील दी. 23 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने प्याज का स्टॉक लिमिट तय करने फैसला लिया. जिसके तहत थोक व्यापारी 25 एमटी और खुदरा व्यापारी 2 एमटी तक ही प्याज का स्टॉक कर सकते है. 29 अक्टूबर से प्याज के बीज के निर्यात पर भी केंद्र की मोदी सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया. राज्य सरकारों के एजेंसियों और ओपन मार्किट सेल के जरिए नाफेड अपने बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति बढ़ा रही है. टियर 1 और टियर 2 शहरों में प्याजों की आपूर्ति बढ़ाने में नाफेड लगातार प्रयास कर रहा है. 27 अक्टूबर तक नाफेड ने 36,488 एमटी प्याज की आपूर्ति कर चुका है.



आलू की कीमतों में जल्द होगी नरमी
प्याज और टमाटर के साथ आलू की कीमतों में भी भारी उछाल देखने को मिल रहा है. पिछले कुछ दिनों से 42 से 50 रुपये प्रति किलो आलू खरीदने के लिए आम जनता मजबूर हो गई है. लेकिन आलू की महंगाई के दिन जल्द लदने वाले है. केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि 30 हजार एमटी आलू भूटान से आयात किए जा रहे है. केंद्र सरकार ने आलू पर लगने वाले आयात शुल्क में भी 20 फीसदी की कटौती कर दी है. पहले आलू के आयात पर 30 फीसदी आयात शुल्क का भुगतान करना पड़ता था लेकिन नए प्रावधान के मुताबिक 10 लाख एमटी तक आलू के आयात पर 10 फीसदी ही आयात शुल्क का भुगतान करना होगा.केंद्र सरकार ने यह व्यवस्था 31 जनवरी 2021 तक के लिए निर्धारित कर दी है. बाजारों में आलू की आवक बढ़ाने के लिए डीजीएफटी और डीएसीएफडब्ल्यूू आलू के आयातकों की हरसंभव मदद कर रहा है. केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 27 अक्टूबर को आलू का खुदरा भाव 42.30 रुपये प्रति किलो था. 28 अक्टूबर को 42.91 रुपये और 29 अक्टूबर को 42.22 रुपये प्रति किलो आलू बिक्री हो रही है.

दालों की बढ़ती कीमतों पर लगेगा अंकुश
दालों की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करने के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाने का ऐलान की है. दालों के आयात से संबंधित कई प्रावधानों और मियाद को बढ़ाने का फैसला केंद्र की मोदी सरकार ने किया है. अगले 15 दिनों में 2 लाख एमटी तुर दाल ओपन मार्किट सेल के जरिए बाजारों में उपलब्ध कराई जायेगी.  साल 2020-21 के लिए 4 लाख एमटी तक तुर दाल के आयात करने के कोटा की मियाद को केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है.  उड़द दाल के आयात में तेजी लाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है. मसूर दाल पर लगने वाला 10 फीसदी आयात शुल्क की मियाद को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है. तुर,मूंग और उड़द दालों की आपूर्ति लगातार बाजारों में बढ़ायी जा रही है. इसके अलावा 2 लाख एमटी तुर दाल की आयात के लिए मोजाम्बिक देश के साथ हुए एमओयू को और 5 सालों के लिए बढ़ाने पर भी केंद्र सरकार बातचीत करेगी. 2.5 लाख एमटी उड़द दाल के आयात के लिए केंद्र सरकार म्यांमार के साथ भी जल्द एमओयू करने जा रही है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज