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कोरोना संकट : प्रॉविडेंट फंड से 1 लाख रुपये निकालने पर हो सकता है 11.55 लाख का नुकसान, जानिए कैसे?

कोरोना संकट : प्रॉविडेंट फंड से 1 लाख रुपये निकालने पर हो सकता है 11.55 लाख का नुकसान, जानिए कैसे?

पीएफ अकाउंट से विड्रॉल बेहत​र विकल्प नहीं

पीएफ अकाउंट से विड्रॉल बेहत​र विकल्प नहीं

सरकार (Government of India) ने घोषणा की थी कि कोई भी कर्मचारी अपने EPF खाते से तीन महीने की सैलरी और महंगाई भत्ते के बराबर या कुल बैलेंस का 75 फीसदी निकाल सकता है. लेकिन अभी निकाली गई रकम रिटायरमेंट फंड पर कितना असर डालेगी. आइए जानें कैसे?

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    नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी के बीच नकदी के संकट को देखते हुए सरकार ने कर्मचारियों को अपने प्रॉविडेंट फंड (Provident Fund) का एक तय हिस्सा निकालने की छूट देने की घोषणा की हैं. केंद्र सरकार ने इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया और उसके बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने तैयारियां भी शुरू कर दीं. सरकार द्वारा ऐलान के बाद 15 दिनों के अंदर 10.02 लाख क्लेम के जरिए कुल 3,600.5 करोड़ रुपये EPFO द्वारा जारी किए जा चुके हैं. इसके अलावा, 17 अप्रैल तक प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एग्जेम्प्टेड पीएफ ट्रस्ट के जरिए भी 40,826 मेंबर्स ने कुल 481.63 करोड़ रुपये की निकासी की है.

    सरकार ने घोषणा की थी कि कोई भी कर्मचारी अपने-अपने PF खाते से तीन महीने की सैलरी और महंगाई भत्ते के बराबर या कुल बैलेंस का 75 फीसदी निकाल सकता है. इनमें से जो भी ज्यादा रकम होगी, वही रकम पीएफ मेंबर्स को अपने अकाउंट से निकालने की अनुमति होगी. औसतन देखा जाए EPFO मेंबर्स ने अपने पीएफ अकाउंट से करीब 28,500 रुपये और एग्जेम्प्टेड पीएफ ट्रस्ट (Exempted PF Trust) से औसतन 1.18 लाख रुपये की निकासी की है. लेकिन, क्या आपको पता है कि पीएफ अकाउंट (PF Account) से पैसे निकालना आपके ​रिटायरमेंट फंड पर कितना असर डालेगा? आइए जानते हैं इसके बारे में...

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    नियमों के मुताबिक, सैलरी पाने वाले लोगों को अपने वेतन और महंगाई भत्ते की 12 फीसदी रकम पीएफ खाते में योगदान करना अनिवार्य होता है. नियोक्ता भी कर्मचारी के पीएफ अकाउंट में इतना ही योगदान देता है. इस रकम को रिटायरमेंट के बाद ही निकाला जाता है. हालांकि, रिटायरमेंट से पहले अगर कोई अपने पीएफ अकाउंट से पैसे निकालना चाहता है कि इसके लिए उन्हें कुछ शर्तों को पूरा करना होता है.

    पीएफ अकाउंट में योगदान किए गए अंश पर कम्पाउंडिंग के आधार पर ब्याज मिलता है. यही कारण है कि हर महीने सैलरी से मामूली योगदान के बाद भी रिटायरमेंट के समय एक बड़ी रकम खड़ी हो जाती है.

    कितना हो सकता है नुकसान-एक अनुमानित कैलकुलेशन के मुताबिक, अगर आपके रिटायरमेंट में 30 साल का समय बाकी है और अभी आप पीएफ अकाउंट से 1 लाख रुपये निकालते हैं तो ​इससे आपके रिटायरमेंट फंड पर 11.55 लाख रुपये का असर पड़ेगा. जबकि, इस पर 8.5 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. इस समय जितनी बड़ी रकम ईपीएफ से निकाली जाएगी, रिटायरमेंट फंड पर उतना बड़ा ही असर पड़ेगा.

    समान ब्याज दर और रिटायरमेंट अवधि को ध्यान में रखते हुए अगर हम देखेंगे कि कोई मेंबर अपने पीएफ अकाउंट से 3 लाख रुपये निकालता है तो इससे उनके रिटायरमेंट फंड पर करीब 34.67 लाख रुपये का असर पड़ेगा.

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    किन विकल्प पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए?
    जानकारों का कहना है कि किसी भी सैलरीड व्यक्ति के लिए अपने रिटायरमेंट फंड से पूंजी निकालना उनके लिए अंतिम विकल्प होना चाहिए. ​अन्य फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स की तुलना में EPF पर सबसे अधिक ब्याज मिलता है. हालांकि, इस समय इक्विटी इन्वेस्टमेंट से ​विड्रॉल से भी परहेज करना चाहिए. अगर किसी व्यक्ति के पास फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) या डेट फंड (Debt Fund) का​ विकल्प है तो वहां से विड्रॉल करना बेहतर विकल्प साबित हो सकता है.

    फाइनेंशियल प्लानर्स का कहना है कि अगर पैसों की कमी है और आपके पास कोई अन्य विकल्प नहीं है तो ऐसे में पीएफ से पैसा निकाला जा सकता है.

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    Tags: Benefits of PF, Business news in hindi, EPF Advance, EPF deposits, EPFO subscribers, PF अकाउंट

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