सावधान! अब बिना हेलमेट बाइक चलाने पर लाइसेंस होगा रद्द, जानिए नए नियम

विधेयक में तेज गाड़ी भगाने पर भी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है. बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर जुर्माना एवं तीन माह के लिए लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है.

भाषा
Updated: July 24, 2019, 10:40 AM IST
सावधान! अब बिना हेलमेट बाइक चलाने पर लाइसेंस होगा रद्द, जानिए नए नियम
बगैर हेलमेट बाइक चलाई तो लाइसेंस हो सकता है रद्द (फाइल फोटो)
भाषा
Updated: July 24, 2019, 10:40 AM IST
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि सरकार का मोटर यान संशोधन विधेयक के माध्यम से राज्यों के अधिकार में कोई दखल नहीं दिया जाएगा. इसके प्रावधानों को लागू करना राज्यों की मर्जी पर निर्भर है. उन्होंने कहा कि विधेयक में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में काफी सख्त प्रावधान रखे गये हैं. अगर किसी व्यक्ति ने बगैर हेलमेट बाइक चलाई तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है.

लोकसभा में ‘मोटर यान (संशोधन) विधेयक-2019’ पर चर्चा का जवाब देते हुए नितिन गडकरी ने राज्यों के अधिकारों में दखल देने को लेकर कई विपक्षी सदस्यों की चिंताएं दूर करने का प्रयास किया. उन्होंने कहा, ‘राज्यों के अधिकार में कोई दखल नहीं दिया जाएगा. जो राज्य इसके प्रावधानों को लागू करना चाहते हैं वो करें, जो नहीं चाहते हैं वो न करें. हमारा रूख सहयोग करने का रहेगा.’ गडकरी ने कहा कि वाहनों की खरीद की स्थिति में उसके पंजीकरण का काम डीलर को देने से राज्यों को राजस्व का कोई नुकसान नहीं होगा, क्योंकि कर का पैसा सीधा राज्य सरकारों के खाते में जाएगा. इस संबंध में कर की दर का निर्धारण भी राज्य अपने हिसाब से कर सकते हैं.

सड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि इस विधेयक को 18 राज्यों के परिवहन मंत्रियों वाली समिति, प्रवर समिति और विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि नयी प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष के साथ निजी निवेश की मदद से परिवहन क्षेत्र में व्यापक सुधार किया जा रहा है.

लोकसभा में ‘मोटर यान (संशोधन) विधेयक पर चर्चा करते नितिन गडकरी


संसद में मोटर व्हीकल संशोधन बिल पास
गडकरी ने कहा कि सरकार इलेक्ट्रिक बसों को संचालित करने की कोशिश कर रही है जो आम लोगों के लिए किफायती होने के साथ बहुत सुविधाजनक रहेगी. मंत्री के जवाब के बाद सदन ने विपक्ष के संशोधनों को खारिज करते हुए विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी. केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि परिवहन क्षेत्र में बहुत पैसे की जरूरत है. केंद्र और राज्यों के पास पैसे नहीं हैं. ऐसे में कम ब्याज पर निजी क्षेत्र से निवेश लाना होगा.

सड़कों पर खर्च किए जाएंगे 14,000 करोड़
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उन्होंने कहा कि देश में जब मारुति की शुरूआत हुई तब उसके जरिए नयी प्रौद्योगिकी आई. आज देश का ऑटोमोबाइल क्षेत्र साढ़े चार लाख करोड़ रुपये का है तथा हम 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात भी कर रहे हैं. गडकरी ने कहा कि देश में सड़कों पर 14 हजार से अधिक ‘ब्लैक स्पॉट’ का पता चला है और इसके लिये 14 हजार करोड़ रूपये भी खर्च किये जायेंगे. उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर आगे से स्वतंत्र अभियंता की व्यवस्था को खत्म किया जाएगा और इसके स्थान पर विशेषज्ञों की मौजूदगी वाली कंपनी को निरीक्षण का काम दिया जाएगा.

‘हादसों को रोकने में नहीं मिली सफलता’
गडकरी ने कहा कि तमाम प्रयासों के बावजूद वह सड़क हादसों में उम्मीद के मुताबिक कमी नहीं ला पाए. इस संबंध में तमिलनाडु ने बहुत अच्छा काम किया है और इसका हम भी अनुकरण करेंगे. केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि जो लोग सपने दिखाकर उनको पूरा नहीं करते, उन्हें जनता बदल देती है, लेकिन जो पूरा करते हैं उनको जनता दोबारा चुनती है.

इन गलतियों पर भरना होगा जुर्माना
इस विधेयक में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में काफी सख्त प्रावधान रखे गये हैं. किशोर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना, बिना लाइसेंस, खतरनाक ढंग से वाहन चलाना, शराब पीकर गाड़ी चलाना, निर्धारित सीमा से तेज गाड़ी चलाना और निर्धारित मानकों से अधिक लोगों को बिठाकर अथवा अधिक माल लादकर गाड़ी चलाने जैसे नियमों के उल्लंघन पर कड़े जुर्माने का प्रावधान किया गया है. इसमें आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर भी जुर्माने का प्रस्ताव किया गया है. विधेयक में किये गये प्रावधान 18 राज्यों के परिवहन मंत्रियों की सिफारिशों पर आधारित हैं. इन सिफारिशों की संसद की स्थायी समिति ने भी जांच परख की है.

बगैर हेलमेट बाइक चलाने पर मिलेगी ये सजा
विधेयक में तेज गाड़ी भगाने पर भी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है. बिना बीमा पॉलिसी के वाहन चलाने पर भी जुर्माना रखा गया है. बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर जुर्माना एवं तीन माह के लिए लाइसेंस निलंबित किया जाना शामिल है. किशोर द्वारा गाड़ी चलाते हुये सड़क पर कोई अपराध करने की स्थिति में गाड़ी के मालिक अथवा अभिभावक को दोषी माना जायेगा और वाहन का पंजीकरण भी निरस्त किया जायेगा. इस तरह के अपराध में वाहन मालिक अथवा अभिभावक को दोषी माना जायेगा इस विधेयक में केंद्र सरकार के लिये मोटर वाहन दुर्घटना कोष के गठन की बात कही गई है जो भारत में सड़क का उपयोग करने वालों को अनिवार्य बीमा कवर प्रदान करेगा. इस विधेयक में यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है.

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First published: July 24, 2019, 10:26 AM IST
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