Women's Day Special: मिलिए L&T की इन चार सुपर महिलाओं से, मुंबई एयरपोर्ट डिजाइन करने से लेकर हैदराबाद मेट्रो चलाने में रहा रोल

L&T में महिलाएं अहम भूमिका में काम कर रही हैं.

L&T में महिलाएं अहम भूमिका में काम कर रही हैं.

International Women's Day 2021: कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग (Construction engineering company) में ज्यादातर पुरुषों का वर्चस्व रहा है. पुराने समय से ही इंजीनियरिंग का नाम लेते ही मुश्किल, भारी और गंदगी से भरी मशीनों से जूझते रहने की छवि उभरती है. इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी Larsen & Toubro में महिलाएं अहम भूमिका में हैं. जहां इंजीनियरिंग में ज्यादातर महिलाएं काम कर रही हैं.

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नई दिल्ली. कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग (Construction engineering company) में ज्यादातर पुरुषों का वर्चस्व रहा है. पुराने समय से ही इंजीनियरिंग का नाम लेते ही जहन में मुश्किल, भारीभरकम और गंदगी से भरी मशीनों से जूझते रहने की छवि उभरती है. यह छवि इतनी प्रबल है कि इंजीनियरिंग, प्रोफेशनल भेदभाव का प्रतिनिधित्व करने लगी हैं और इसे महिलाओे के लिए अनुपयुक्त (out of place) मान लिया गया है. ऐसा कहा जाता है कि इंजीनियरिंग पुरुष-प्रधान इंडस्ट्री है. यहां भारी मशीनों और जेंडर असमानताओं की समस्याओं के कारण इंजीनियरिंग का पेशा महिलाओं के लिए ठीक नहीं है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी Larsen & Toubro (L&T) में महिलाएं अहम भूमिका में हैं. जहां, इंजीनियरिंग में ज्यादातर महिलाएं काम कर रही हैं. वे पॉवर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, स्टीम टर्बाइन, हैदराबाद मेट्रो चलाने, रॉकेट मोटर केसिंग, डिफेंस मिसाइल सिस्टम या न्यूक्लियर कंटेनर से लेकर इंडस्ट्री में सबसे चुनौतीपूर्ण हैवी इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन रोल्स में से भी कुछ का नेतृत्व कर रही हैं. आज महिला दिवस (International Women's Day) के मौके पर News18 आपको L&T में काम करने वाली इन चार सुपर महिलाओं के बारे में बता रहे हैं जिनकी भूमिका कंपनी के लिए काफी अहम है.

1. रेणु गुप्ता -वेल्डिंग एक्सीलेंस (Welding excellence)

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रॉकेट मोटर केसिंग, डिफेंस मिसाइल सिस्टम, हेवी वाटर रिएक्टर्स और फास्ट-ब्रीडर रिएक्टर्स, न्यूकिलर उपकरण, प्रोसेस प्लांट, रिफाइनरी, उर्वरक और पेट्रोकेमिकल्स के लिए इक्विपमेंट, इन सब पर बड़ी आसानी से रेणु एन गुप्ता काम करती हैं. इतना ही नहीं रेणु गुप्ता L&T हेवी इंजीनियरिंग में डिजाइन क्यूए एंड डिजाइन फॉर मैन्युफैक्चरिंग की हेड हैं. पिछले साल 2020 में वे इस पद पर आईं. इससे पहले, वह Welding और Metallurgy की हेड थीं.
एलएंडटी के साथ अपने 16 साल के सफर में वे रिफाइनरी, उर्वरक और पेट्रोकेमिकल में काम करने के अलावा इसरो के लिए मोटर केसिंग, रक्षा मिसाइल प्रणाली, रिएक्टरों और प्रोसेस प्लांट के लिए परमाणु उपकरण के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल थे. उन्हें वूमन एम्पावरमेंट समिट 2019 का इनोवेटिव वूमेन लीडर ऑफ द ईयर अवार्ड भी मिला है. डॉ. गुप्ता आइआइडब्ल्यू काउंसिल कमेटी की सदस्य के रूप में प्रतिष्ठित योग्यता रखती हैं. यहां वह एल एंड टी का प्रतिनिधित्व औद्योगिक कॉर्पोरेट सदस्य के रूप में करती हैं. वह वेल्डिंग टेक्नोलॉजी पर भारतीय उद्योग परिसंघ के कोर ग्रुप की सदस्य भी हैं.



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2. सिंधु नायर - स्ट्रक्चरिंग ब्यूटी (Structuring Beauty)

Sindu
अगली बार जब आप मुंबई एयरपोर्ट के Terminal-2 से फ्लाइट लेने के लिए जाएं तो T-2 की उस छत पर एक नजर जरूरी डाल लें. इसे सिंधु नायर ने डिजाइन किया है. वे मुंबई में एलएंडटी की बिल्डिंग एंड फैक्ट्रीज शाखा इंजीनियरिंग, डिजाइन एंड रिसर्च सेंटर (EDRC) में चीफ इंजीनियरिंग मैनेजर का पोस्ट संभाल रहीं हैं. सिंधू ने वीजेटीआई मुंबई से बीई सिविल डिग्री हासिल की हैं और आईआईएम-अहमदाबाद से एक मैनेजमेंट एजुकेशन प्रोग्राम कर रहीं हैं. नायर को 18 वर्षों का अनुभव है. इसमें उन्होंने एयरपोर्ट्स, कार्मशियल और रेजिडेंशियल बिल्डिंग, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और पुलों के डिजाइन शामिल हैं.नायर इंस्टीट्यूशन आॅफ सिविल इंजीनियरिंग (UK) की भारत में वूमन इन इंजीनियरिंग इनशिएटिव की चेयरपर्सन भी हैं. इतना ही नहीं नायर को संगीत सुनना काफी पसंद है. वे ड्राइविंग और कार रैलियों का शौक रखती हैं. इसके अलावा वे एनिमल लवर भी है. नायर बताती हैं कि उनके पति और माता-पिता काफी सपोर्टिव हैं, इसलिए वे आसानी से सबकुछ कर लेती हैं. खाली समय में वे अपने बेटे के साथ बिताती हैं.
3. आभा शेठ - पावर लेडी (Power Lady)

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पूरी भारत में लगे कोविड लाॅकडाउन के बावजूद एलएंडटी एमएचआई पॉवर टर्बाइन जेनरेटर्स ने अपने जापानी ग्राहक के शेड्यूल को पूरा करने के लिए समय पर 1070 एमडब्ल्यू सुपरक्रिटिकल स्टीम टरबाइन की आपूर्ति की जो कि भारत में अब तक निर्मित सबसे अधिक रेटिंग है. गुजरात के वल्लभ विद्यानगर में स्थित बिड़ला विश्वकर्मा महाविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, शेठ 2009 में ग्रेजुएट इंजीनियरिंग ट्रेनी के रूप में एलएंडटी में शामिल हुई थीं. उन्होंने कोराडी टीम और एलएंडटी पावर के लिए डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली को एकल रूप से कार्यान्वित और निष्पादित किया. उन्होंने सुपर क्रिटिकल जनरेटर के लिए 660 मेगावाट जनरेटर स्टेटर कॉइल के विकास और इन-हाउस निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
उन्होंने हजीरा में एलएंडटी की मेगा सुविधा में विनिर्माण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक स्थापित किया.

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4. गोवु सुश्रुत- मेट्रो मूवर (Metro Mover)

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23 वर्षीय गोवु सुश्रुत तीन साल पहले जनवरी के दिन हैदराबाद के नागोले स्टेशन पर एक वातानुकूलित मेट्रो रेक के हाई-टेक कन्सोलिएट में खड़ी थीं, तो आत्मविश्वास से भरपूर होने के बावजूद वे थोड़ी नर्वस थीं. आखिरकार, वह उन यात्रियों के लिए जिम्मेदार होगी जो एलएंडटी हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड (Hyderabad Metro Rail ltd.) ट्रेन में सवारी करेंगे. जैसे ही लोग अपनी सीटों पर कब्जा करने के लिए दौड़े सुश्रुत ने की धड़कने भी बढ़ गईं, हालांकि उन्हें भरोसा था कि माइक्रोकंट्रोलर सिस्टम का मार्गदर्शन करेगा.उन्होंने धीरे से एक छोटे गियर जैसे शाफ्ट को पुश दिया, कुछ बटन दबाए, स्वचालित पीए सिस्टम ने घोषणा की और ब्लू लाइन पर ट्रेन, धीरे-धीरे रैडबर्ग प्लेटफॉर्म की तरफ बढ़ने लगी. सुश्रुत अब 28-किमी की दूरी पर एक दिन में तीन ट्रेन-यात्राएं करती हैं. इसके साथ वे अपने छोटे बेटे और ससुराल वालों की देखभाल सुनिश्चित करते हुए अपने परिवार की जिम्मेदारियों का हिस्सा हैं. मूल रूप से तेलंगाना के महबूबनगर की सुश्रुत बताती हैं कि मैं तीन महीने के लिए हैदराबाद मेट्रो रेल द्वारा विशेष ट्रेनिंग सेशन से गुजरने के बाद ट्रेन ऑपरेटर के रूप में काम करना शुरू किया. बताया कि मेरे माता-पिता ने मेरा बहुत साथ दिया.
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