World Egg Day: जब एक वॉयरल मैसेज ने भारत में बर्बाद कर दिया अंडे-मुर्गी से जुड़ा 1 लाख करोड़ रुपये का कारोबार

125 करोड़ रुपये रोज का है अंडे का कारोबार
125 करोड़ रुपये रोज का है अंडे का कारोबार

World Egg Day 2020: कोरोनावायरस (कोविड-19) का पॉल्ट्र्री उद्योग पर बहुत बुरा असर पड़ा है. इस उद्योग में करीब 6 लाख लोगों का रोजगार छूट गया है और उद्योग को अब तक 24 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 9, 2020, 4:12 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. आज विश्व अंडा दिवस है. जानकारों की मानें तो भारत विश्व अंडा उत्पादन में चौथे नंबर पर आता है. संडे हो या मंडे अंडा रोज खाया जाता है. हालांकि अंडे को लेकर कुछ भ्रम भी है. कुछ लोग कहते हैं कि अंडा नॉनवेज की कैटेगिरी में आता है तो कुछ इसे वेज बताते हैं. लेकिन 6 महीने पहले वॉयरल हुए एक मैसेज ने इस कारोबार को बर्बादी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया था. उस मैसेज ने इतना डर फैसला दिया था कि कारोबारियों ने खुद अपने हाथों से जिंदा मुर्गी और उनके चूजों को ज़मीन में दफना दिया. गाड़ियां भर-भरकर अंडे फेंके गए. नतीजा यह निकला कि आज बाज़ार में अंडे की मांग तो खूब है, लेकिन उतना उत्पादन नहीं हो रहा है. और सर्दी शुरु होने से पहले ही अंडे के दाम बढ़ते जा रहे हैं.

कोरोनावायरस (कोविड-19) का पॉल्ट्र्री उद्योग पर बहुत बुरा असर पड़ा है. इस उद्योग में करीब 6 लाख लोगों का रोजगार छूट गया है और उद्योग को अब तक 24 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है. वायरस संक्रमण से पहले पॉल्ट्र्री उद्योग का बाजार 1.20 लाख करोड़ रुपए का था और इसमें 4 करोड़ लोगों को सीधे या परोक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ था.

पॉल्ट्री उद्योग देश की जीडीपी में 2 फीसदी का योगदान करता है. वायरस संक्रमण के प्रसार की शुरुआती अवस्था में यानी जनवरी के आखिरी सप्ताह में सोशल मीडिया पर एक अफवाह उड़ी थी कि चिकन और अंडे से भी कोरोनावायरस फैलता है. इसके कारण बड़े पैमाने पर लोगों ने चिकन और अंडे खाना छोड़ दिया और आज तक स्थिति में बदलाव नहीं हुआ है.



उद्योग को मोटे तौर पर चार मुख्य सेक्टरों में बांटा जा सकता है- ब्रीडर, लेयर (टेबल एग), ब्रॉयलर (चिकेन) और फीडिंग उद्योग. खास बात यह भी है कि देश में मक्के और सोयाबीन का जितना उत्पादन होता है, उसके आधे की खपत पॉल्ट्र्री उद्योग में ही हो जाती है.


दुनियाभर में चिकन के उत्पादन में भारत का तीसरा और अंडे के उत्पादन में चौथा स्थान है. देश में हर महीने 70-80 करोड़ किलोग्राम ब्रॉयलर का उत्पादन होता है. वहीं अंडे का उत्पादन देश में रोजाना 30 करोड़ की संख्या में होता है.

125 करोड़ रुपये रोज का है अंडे का कारोबार-हरियाणा में अंडे का कारोबार करने वाले अशोक कुमार चावला का कहना है, देश में हर रोज 30 करोड़ अंडे का उत्पादन होता है. उत्तर भारत में पंजाब और हरियाणा में 1.5 से 2 करोड़ा अंडा, यूपी में 2.5 से 3 करोड़ अंडे का उत्पादन होता है. बिहार में भी तेजी से अंडे का उत्पादन बढ़ रहा है. यूपी में इस वक्त गोरखपुर में अंडे का खूब उत्पादन हो रहा है. हैदराबाद में 4 करोड़ अंडे रोज का उत्पादन है. अगर साउथ की बात करें तो वहां भी पोल्ट्री फार्म खूब खुल रहे हैं.



मछली पालन के साथ अंडा उत्पादन भी हो रहा है. साउथ के कई राज्य ऐसे हैं जहां 3 से 4 करोड़ अंडे का उत्पादन हो रहा है.40 फीसदी ही मुर्गी-मुर्गे बचे हैं पोल्ट्री फार्म में -2019 के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 32 करोड़ मुर्गी-मुर्गे थे. इसमे से 60 फीसद कोरोना और लॉकडाउन की भेंट चढ़ गए.

यूपी पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन के अध्यक्ष नवाब अली ने न्यूज18 से बात करते हुए बताया, “इस साल फरवरी-मार्च से मुर्गियों पर भी कोरोना की आफत गिरनी शुरु हो गई थी. हालांकि किसी भी एक्सपर्ट ने यह नहीं बताया था कि मुर्गियों को भी कोरोना हो सकता है या फिर मुर्गियां और अंडे खाने से कोरोना हो सकता है.

बावजूद इसके सोशल मीडिया पर मैसेजों की ऐसी बाढ़ आई की पोल्ट्री कारोबार तबाह हो गया.
लोगों ने मुर्गें और अंडे खाने से मुंह फेर लिया. लॉकडाउन की वजह से पोल्ट्री मालिकों के पास मुर्गियों को खिलाने के लिए दाना नहीं बचा. ट्रांसपोर्ट भी बंद हो चुका था.

ऐसे में जब इंसानों के लिए खाने के लाले पड़े हुए थे तो मुर्गियों के लिए दाना कहां से लाते. नतीजा यह हुआ कि लोगों ने मुर्गियां और उनके बच्चों को जिंदा दफनाना शुरु कर दिया. अंडे भी फेंक दिए. 10 रुपये किलो तक मुर्गी बेची गईं.”
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज