बड़ी खबर! इस वजह से भारतीयों का सोने से मोह हुआ भंग, 3 साल में सबसे कम खरीदा Gold

जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान भारत में सोने की डिमांड 32 फीसदी गिरकर 123.9 टन पर आ गई है.
जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान भारत में सोने की डिमांड 32 फीसदी गिरकर 123.9 टन पर आ गई है.

डब्ल्यूजीसी (WGC- World Gold Council) की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में सोने की डिमांड जुलाई-सितंबर तिमाही में बढ़कर 1,107.9 टन पर पहुंच गई है. एक साल पहले की इसी अवधि में मांग 1,079 टन थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2019, 2:16 PM IST
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मुंबई. भारतीयों को अब सोना ज्यादा लुभा नहीं पा रहा है. जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान भारत में सोने की डिमांड 32 फीसदी गिरकर 123.9 टन पर आ गई है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक नरमी और स्थानीय स्तर पर ऊंची कीमतों की वजह से भारत की सोने की मांग पिछले साल के मुकाबले इस साल सितंबर तिमाही में 32 फीसदी गिरकर 123.9 टन पर आ गई है. वहीं, सोने का आयात भी 2019 की तीसरी तिमाही में 66 प्रतिशत गिरकर 80.5 टन रह गया. चीन के बाद भारत सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है. आपको बता दें कि दुनियाभर में सोने की डिमांड तीसरी तिमाही में बढ़कर 1,107.9 टन पर पहुंच गई है. एक साल पहले की इसी अवधि में मांग 1,079 टन थी.

क्यों गिरी डिमांड- डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जूलर्स पहले से आयात किए स्टॉक और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) से अपनी मांग को पूरा कर रहे हैं. इससे आयात में गिरावट आई है. इसके अलावास्थानीय बाजार में, सितंबर में सोने का भाव 39,011 रुपये प्रति दस ग्राम पर था , जो अब 38,800 रुपये प्रति दस ग्राम के आसपास है. ऐसे में महंगा होने से डिमांड पर असर पड़ा है.

>> आपको बता दें कि 2019 की तीसरी तिमाही में सोने की डिमांड 32.3 फीसदी गिरकर 123.9 टन रह गई. इसमें आभूषणों की कुल मांग का 101.6 टन और 22.3 टन सिक्का/बिस्कुट मांग शामिल है. 2018 की तीसरी तिमाही में सोने की मांग 183.2 टन थी.




>> डब्ल्यूजीसी भारत के मैनेजिंग डायरेक्टर सोमसुंदरम पीआर का कहना है कि भारत में सोने की मांग दो वजहों से गिरी है. पहला कारण है सोने की ऊंची कीमतें. दूसरी तिमाही के आखिर से तीसरी तिमाही के अंत में सोने की कीमतों में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है. भारत और चीन समेत विभिन्न देशों में आई आर्थिक नरमी मांग घटने की दूसरी वजह है. इससे उपभोक्ताओं की धारणा प्रभावित हुई है.

>> रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 के पहले नौ महीने में देश की सोने की कुल मांग गिरकर 496.11 टन रह गई. एक साल पहले जनवरी - सितंबर में यह आंकड़ा 523.9 टन था. 2018 में सोने की कुल मांग 760.4 टन थी.

>> इस प्रकार , जनवरी - सितंबर 2019 में सोने का कुल आयात भी घटकर 502.9 टन रहा. पिछले वर्ष की इसी अवधि में 587.3 टन सोने का आयात किया गया था. 2018 में भारत ने 755.7 टन सोने का आयात किया था.

>> सोमसुंदरम ने बताया कि सोना महंगा होने से ग्रामीण क्षेत्रों में डिमांड तेजी से कम हुई है. उन्होंने कहा,जब मांग कम है तो लोग सोने का पुनर्चक्रण कर रहे हैं. देश में पुन : प्रसंस्करण किए जाने वाले सोने की कुल मात्रा पहले नौ महीनों में बढ़कर 90.5 टन हो गई जबकि 2018 के पूरे साल में यह 87 टन था.

आगे भी डिमांड गिरने का अनुमान- उन्होंने कहा कि इस आउटलुक को देखते हुए डब्ल्यूजीसी ने भारत के कुल सोने की मांग के अनुमान को घटाया है. यह 2019 में 700-750 टन के दायरे में रह सकती है. पहले इसके 750-800 टन के दायरे में रहने का अनुमान लगाया था.

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