यस बैंक पर 25 करोड़ रुपए की पेनॉल्टी वाले सेबी के फैसले पर सेट ने लगाई रोक, जानें पूरा मामला

यस बैंक (Yes Bank) को AT-1 बॉन्ड मामले में फिलहाल राहत

यस बैंक (Yes Bank) को AT-1 बॉन्ड मामले में फिलहाल राहत

यस बैंक (Yes Bank) पर सेबी ने ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए बैंक और बैंक के तीन अधिकारियों पर पेनाल्टी लगाई थी

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नई दिल्ली. यस बैंक (Yes Bank) को AT-1 (एडिशनल टीयर 1) बॉन्ड मामले में फिलहाल राहत मिल गई है. मार्केट रेगुलेरटर सेबी के 25 करोड़ रुपए की तरफ से यस बैंक पर पेनाल्टी लगाने के फैसले पर सिक्योरिटीज अपीलीय ट्रिब्यूनल (सेट, SAT) ने अंतरिम रोक लगा दी है.

सेबी ने यस बैंक पर पेनाल्टी लगाने के साथ ही इसके तीन अधिकारियों पर भी जुर्माना थोपा था. इसमें विवेक कंवर पर 1 करोड़ रुपए, आशीष नासा और जसजीत सिंह पर 50-50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था. मार्केट रेगुलेटर सेबी का आरोप था कि बैंक ने ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की है. यस बैंक ने सेकेंडरी मार्केट में AT-1 बॉन्ड की बिक्री करते हुए इसके रिस्क फैक्टर की जानकारी ग्राहकों को नहीं दी थी.

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सेबी को अगले 4 हफ्तों में इस मामले में अपना जवाब देने की मोहलत
सेट ने सेबी को अगले 4 हफ्तों में इस मामले में अपना जवाब देने को कहा है. इसके तीन हफ्तों के बाद यस बैंक को सेबी के जवाब पर अपना पक्ष पेश करना है. इस मामले को अगली सुनवाई के लिए 31 जुलाई तक के लिए टाल दिया गया है. सेट ने यस बैंक की पेनाल्टी पर अंतरिम रोक लगाते हुए कहा है कि अगर यस बैंक का पक्ष गलत साबित होता है तो आदेश के दो हफ्ते के भीतर पेनाल्टी चुकानी होगी.

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बैंक रीहैबिटेशन की राह पर था और काफी पैसा बैंक को रिवाइव करने पर खर्च हुआ



SAT ने अपने आदेश में कहा है, "बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के तहत हमने पाया कि केंद्र सरकार ने मार्च 2020 में यस बैंक पर मोरटोरियम लागू किया था. इसके बाद बैंक का एडमिनिस्ट्रेटर भी सरकार ने नियुक्त किया था. बैंक रीहैबिटेशन की राह पर था और काफी पैसा बैंक को रिवाइव करने पर खर्च हुआ." सेट के मुताबिक पहली नजर में सवाल ये है कि क्या ग्राहकों को AT-1 बॉन्ड्स के रिस्क की जानकारी दी गई थी. सेट ने अपने आदेश में आगे कहा, "पहली नजर में हमने पाया कि AT-1 बॉन्ड्स के रिस्क की जानकारी वेबसाइट पर दी गई है और इसकी जानकारी सबको थी. इसी को आधार बनाकर पेनाल्टी पर अंतरिम रोक लगाई गई है."

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रिलेशनशिप मैनेजर पर कोई केस दर्ज नहीं 

पेनाल्टी पर अंतरिम रोक को सही ठहराते हुए सेट ने कहा, "हमने यह भी पाया कि रिलेशनशिप मैनेजर पर कोई केस दर्ज नहीं है. सेट के मुताबिक इस बात की बेहतर ढंग से जानकारी रिलेशनशिप मैनेजर दे सकते हैं लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में उन्हें शामिल नहीं किया गया है. वहीं, दूसरी तरफ प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट टीम के सदस्यों को नोटिस भेजा गया है और उनपर पेनाल्टी लगाई गई है."

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