यस बैंक मामले पर राणा कपूर ने कहा- पिछले 13 महीने में जो कुछ हुआ, मुझे उसकी कोई जानकारी नहीं

यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर. (फाइल फोटो)

यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर. (फाइल फोटो)

यस बैंक (Yes Bank) मामले पर पूर्व प्रोमोटर राणा कपूर (Rana Kapoor) ने बयान दिया है. इसके पहले आरबीआई ने बैंक के पूनर्गठन प्लान के बारे में जानकारी दी है.

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नई दिल्ली. यस बैंक (Yes Bank) के संस्थापक और पूर्व प्रबंध निदेशक राणा कपूर (Rana Kapoor) ने इस पूरे मामले पर कहा है कि हाल के दिनों में उठाए गए कदम के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने इस प्राइवेट बैंक पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके बाद कोई भी डिपॉजिटर अगले 1 महीने के दौरान अपने खाते से 50,000 रुपये से अधिक रकम नहीं निकाल सकता है. राणा कपूर ने कहा, 'पिछले 13 महीने से मैं बैंक के किसी भी काम में शामिल नहीं हुआ हूं...ऐसे में मुझे किसी भी बदलाव के बारे में कोई जानकारी नहीं है...' इंडिया टूडे ने अपनी एक रिपोर्ट में इसक जिक्र​ किया है.



कभी यस बैंक की कमान संभालने वाले राणा कपूर ने पिछले नवंबर महीने में ही अपने बचे हुए स्टेक को बेच दिया था. इसी दौरान प्रोमोटर ईकाई येस कैपिटल (Yes Capital) और मॉर्गन क्रेडिट्स (Morgan Credits) ने भी यस बैंक की अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी.



एक अन्य मीडिया रिपोर्ट में राणा कपूर को हवाले से कहा गया है, 'मैं बैंक का संस्थापक था. लेकिन पिछले 13 महीने में जो कुछ भी हुआ, उसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है.' उन्होंने इस बात को भी खारिज कर दिया कि करीब 4 महीने से वो भारत छोड़कर लंदन में रह रहे हैं. इस पर उन्होंने कहा, 'दो सप्ताह के ​लिए मैं अपनी बेटी से मिलने के लिए लंदन गया था. मैं मुंबई वापस आ चुका हूं.'





एक दशक में कपूर ने खड़ी की 3.4 लाख करोड़ रुपये की कंपनी
इसके पहले, राणा कपूर और उनकी समू​ह की ईकाईयों की यस बैंक में 2.16 फीसदी की हिस्सेदारी ​थी, जिसकी कुल कीमत 510 करोड़ रुपये थी. इसके अलावा नवंबर 2019 में ही 1.8 फीसदी अन्य स्टेक को भी बेचा गया था. बता दें ​कि यस बैंक को एक दशक में ही जमीन से उठाकर 3.4 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति बनाने में राणा कपूर का ही हाथ था. हालांकि, बाद में इस बैंक के फंसे कर्ज में लगातार इजाफा होता रहा और फिर बैंक की वित्तिय स्थिति बदत्तर होती चली गई.



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यस बैंक के शेयरों में भारी गिरावट

राणा कपूर में जोखिम लेने की कला का फायदा बैंक को सीधे तौर पर मिला. यही कारण रहा कि एक समय में यस बैंक के शेयर 1,400 रुपये प्रति शेयर के उच्चतम स्तर तक पहुंच चुका था. शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार बंद होने के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर यस बैंक के शेयर्स 16.20 रुपये के भाव पर बंद हुए.



RBI ने अपने हाथों में ली कमान

बीते गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक ने जानकारी दी थी कि यस बैंक के डिपॉजिटर्स 3 अप्रैल तक अपने खाते से 50,000 रुपये से अधिक नहीं निकाल सकते हैं. इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने यस बैंक के बोर्ड को भंग करते हुए एसबीआई के पूर्व सीएफओ प्रशांत कुमार को नया एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त कर दिया है. अब यस बैंक के भविष्य की डोर केंद्र सरकार, RBI और SBI के हाथ में है.



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मास्टरस्ट्रोक बना परेशानी का सबब

बीते कुछ समय में बैंक का गवर्नेंस लगातार सवालिया निशान खड़े करता रहा है. बैंक के मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) में लगातार गिरावट देखने को मिली है. कॉरपोरेट सेक्टर में राणा कपूर का नेटवर्क स्ट्रॉन्ग माना जाता है. बैंक को कई महत्वपूर्ण ​डील दिलाने में कपूर ने अहम भूमिका निभाई थी. कपूर ने उन कंपनियों को पूंजीगत मदद ​दी, जिन्हें अन्य उधारकर्ता कर्ज देने से कतराते थे. लेकिन कभी मास्टरस्ट्रोक समझा जाना वाला यह कदम अब यस बैंक के लिए सबसे बुरी कहानी बन गया है.



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