YES बैंक को दिसंबर तिमाही में हुआ ₹18,564 करोड़ का घाटा, NPA 40 हजार करोड़ से अधिक

40 हजार करोड़ रुपये से अधिक हुआ NPA

YES Bank ने पिछले साल इसी अवधि में 1,000 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया था और सितंबर में समाप्त हुई तिमाही में 629 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 17,134 करोड़ रुपये से बढ़कर 40,709 करोड़ रुपये हो गया.

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    मुंबई. संकटग्रस्त यस बैंक (YES Bank) ने दिसंबर, 2019 में समाप्त हुई तिमाही में उसे 18,564 करोड़ रुपये का घाटा होने की शनिवार को जानकारी दी. निजी क्षेत्र के इस बैंक का संचालन फिलहाल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आदेश पर प्रशांत कुमार कर रहे हैं. बैंक ने पिछले साल इसी अवधि में 1,000 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया था और सितंबर में समाप्त हुई तिमाही में 629 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. केन्द्रीय मंत्रिमंडल की ओर से मंजूरी प्राप्त योजना के तहत कुमार बैंक के नए मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक हो सकते हैं.

    यस बैंक की नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) दिसंबर तिमाही में 18.87 प्रतिशत हो गयी हैं जो पिछली तिमाही (सितंबर) में 7.39 प्रतिशत थीं. साथ ही बैंक के पास अनिवार्य रूप से रखी जाने वाली नकदी में भी गिरावट आयी है. ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 17,134 करोड़ रुपये से बढ़कर 40,709 करोड़ रुपये हो गया. वहीं, नेट एनपीए 4.35 फीसदी से बढ़कर 5.97 फीसदी हुआ.

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    यस बैंक के रिकंस्ट्रक्शन प्लान को मंजूरी
    शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में यस बैंक के रिकन्स्ट्रक्शन प्लान को मंजूरी मिल गई है. इस प्लान के तहत यस बैंक में एसबीआई (SBI) 49 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदेगी. इसके अलावा प्राइवेट लेंडर्स में ICICI Bank, HDFC बैंक और एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक भी निवेश करेंगे. इन सभी बैंकों के निवेश पर 3 साल का लॉक-इन पीरियड होगा. SBI के लिए शर्त ये होगी कि वो इस दौरान अपने निवेश को 26 फीसदी से कम नहीं कर सकती है. जबकि अन्य लेंडर्स के लिए यह लिमिट 75 फीसदी की होगी.

    18 मार्च से हट जाएंगी खाते से पैसा निकालने पर लगी सभी रोक
    कट से जूझ रहे यस बैंक को पटरी पर लाने के लिए लागू हुए नए प्लान को लेकर नोटिफिकेशन जारी हो गया है. यस बैंक डिपॉजिटर्स के लिए राहत की खबर यह है कि जैसे ही स्कीम नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, उसके 3 तीन के अंदर यस बैंक का मोरे​टोरियम पीरियड खत्म कर दिया जाएगा. इसका मतलब है कि नोटिफिकेशन जारी होने के तीन दिन के अंदर यस बैंक से सभी प्रतिबंध हट जाएंगे और डिपॉजिटर्स 50,000 रुपये से अधिक का ट्रांजैक्शन कर सकेंगे.

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