YES Bank के ग्राहकों को बड़ी राहत, दूसरे बैंक के खाते से ₹2 लाख से ज्यादा का कर सकेंगे पेमेंट

YES Bank के ग्राहकों को बड़ी राहत, दूसरे बैंक के खाते से ₹2 लाख से ज्यादा का कर सकेंगे पेमेंट
यस बैंक की RTGS सेवा बहाल

यस बैंक ने क्रेडिट कार्ड और लोन की किस्त भुगतान के लिये रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) सेवाएं भी शुरू कर दी हैं. आरटीजीएस के जरिये 2 लाख रुपये से अधिक के भुगतान किये जा सकते हैं.

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नई दिल्ली. यस बैंक (YES Bank) के ग्राहक अब अपने क्रेडिट कार्ड (Credit Card) और लोन की किस्तों के बकाए का 2 लाख रुपये से अधिक का भुगतान दूसरे बैंक से ऑनलाइन कर सकते हैं. यस बैंक ने बुधवार को ट्वीट के जरिये इसकी जानकारी दी. यस बैंक ने एक ही दिन पहले क्रेडिट कार्ड या कर्ज के बकाये के भुगतान के लिये अन्य बैंक के खातों से आईएमपीएस (IMPS) और एनईएफटी (NEFT) की सुविधा पुन: शुरू की थी.  अब बैंक ने इस तरह के भुगतान के लिये रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) सेवाएं भी शुरू कर दी है. आरटीजीएस के जरिये 2 लाख रुपये से अधिक के भुगतान किये जा सकते हैं. NEFT के जरिये 2 लाख रुपये तक के भुगतान की ही सुविधा है.

बैंक ने एक ट्वीट में कहा, यस बैंक के बकायों के भुगतान के लिये आरटीजीएस सेवाएं शुरू कर दी गयी हैं. अब आप किसी अन्य बैंक के खाते से यस बैंक के क्रेडिट कार्ड अथवा कर्ज की बकाया किस्तों का भुगतान कर सकते हैं.

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यस बैंक के खाते से ऑनलाइन भुगतान पर अभी भी रोक जारी
रिजर्व बैंक ने कुप्रबंधन के मद्देनजर यस बैंक का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया है. इसके बाद 5 मार्च से 3 अप्रैल की अवधि तक के लिये यस बैंक के उपभोक्ताओं के ऊपर अधिकतम 50 हजार रुपये निकालने की सीमा लगा दी गयी है. रिजर्व बैंक द्वारा नियंत्रण लिये जाने के बाद यस बैंक की ऑनलाइन लेन-देन की सेवाओं पर अस्थायी रोक लग गयी थी. यस बैंक के खाते से ऑनलाइन भुगतान पर अभी भी रोक जारी है.

राणा कपूर की हिरासत 16 मार्च तक बढ़ाई
मुंबई की एक विशेष अदालत ने यस बैंक (YES Bank) के संस्थापक राणा कपूर की हिरासत की अवधि बुधवार को 16 मार्च तक के लिये बढ़ा दी. प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने मनी लॉड्रिंग (Money Laundering) के आरोप में कपूर को हिरासत में लिया है. कपूर की हिरासत अवधि 11 मार्च तक की थी. समयसीमा समाप्त होने के मद्देनजर ईडी ने कपूर को न्यायमूर्ति पी.पी. राजवैद्य की विशेष अदालत में पेश किया.

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मनी लौंड्रिंग रोकथाम अधिनियम संबंधी मामलों की सुनवाई करने वाली इस विशेष अदालत को ईडी ने सुनवाई के दौरान बताया कि कपूर ने अपने कार्यकाल में विभिन्न निकायों को 30 हजार करोड़ रुपये के कर्ज आवंटित किये. ईडी ने कहा, इनमें से 20 हजार करोड़ रुपये के कर्ज एनपीए बन गये. हमें इसकी गहराई से जांच करनी है कि इन पैसों का किस तरह हेर-फेर हुआ. ईडी ने अदालत से हिरासत अवधि बढ़ाने की मांग की. अदालत ने ईडी की मांग पर हिरासत अवधि को 16 मार्च तक के लिये बढ़ा दिया.
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