कभी डूबने की कगार पर खड़े Yes Bank ने की तगड़ी कमाई! दिसंबर 2020 तिमाही में हुआ 150 करोड़ रुपये का मुनाफा

यस बैंक ने घाटे से उबरकर दिसंबर 2020 तिमाही में मुनाफा दर्ज किया.

यस बैंक (YES Bank) की वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में ब्याज से आय (Interest Income) 2,560 करोड़ रुपये रही है, जो वित्त वर्ष 2020 की समान तिमाही में 1,064 करोड़ रुपये थी. तिमाही दर तिमाही आधार पर दिसंबर 2020 तिमाही में बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (Gross NPAs) 16.90 फीसदी से घटकर 15.36 फीसदी हो गया है.

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    नई दिल्‍ली. निजी क्षेत्र का यस बैंक (YES Bank) एक साल पहले डूबने की कगार पर खड़ा था. इसके बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कमान संभाली और यस बैंक की कायापलट कर दी. अब यस बैंक ने दिसंबर 2020 तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं. वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही में बैंक को 150.7 करोड़ रुपये का मुनाफा (Profit) हुआ है. बता दें कि वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में बैंक को 18,560 करोड़ रुपये का घाटा (Loss) हुआ था. इसकी वजह से बैंक की हालत खराब हो गई थी. करीब 10 महीने पहले यस बैंक इतने घाटे में था कि आरबीआई को कई प्रतिबंध लगाने पड़े थे.

    बैंक की ब्‍याज से हुई आय में दर्ज की गई दोगुना बढ़ोतरी
    वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में यस बैं‍क की ब्याज से आय 2,560.4 करोड़ रुपये रही है, जो वित्त वर्ष 2020 की समान तिमाही में 1,064.7 करोड़ रुपये रही थी. दूसरे शब्‍दों में कहें तो बैंक ने पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले इस बार ब्‍याज से दोगुना से ज्‍यादा आमदनी की है. तिमाही दर तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) 16.90 फीसदी से घटकर 15.36 फीसदी हो गया है. इसी तिमाही में बैंक का नेट एनपीए 4.71 फीसदी से घटकर 4.04 फीसदी रहा है. आसान शब्‍दों में समझें तो बैंक का ग्रॉस एनपीए 32,344.4 करोड़ रुपये से घटकर 29,546.5 करोड़ रुपये रहा है, जबकि नेट एनपीए 7,868.1 करोड़ रुपये के मुकाबले 6,856.6 करोड़ रुपये रहा है.

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    बैंक को पुनर्गठित कर्ज से निपटने के लिए मिले हैं 2 साल
    यस बैंक की दिसंबर 2020 तिमाही के दौरान कुल आय बढ़कर 6,518.37 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 6,268.50 करोड़ रुपये थी. बैंक का टैक्‍स और आकस्मिक खर्च को छोड़कर अन्य प्रावधान घटकर 2,198.84 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 24,765.73 करोड़ रुपये था. बैंक के निदेशक मंडल ने इक्विटी या लोना के जरिये 10,000 करोड़ रुपये घटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. बैंक ने कहा कि पुनर्गठित कर्जों (Restructured Loans) से निपटने के लिए हमें दो साल का समय मिला है, जबकि शेष 10,000 करोड़ रुपये का 12 से 18 महीनों में हल निकाल लिया जाएगा.

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