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नोएडा-ग्रेनो में और यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे बनेंगी इलेक्ट्रोनिक सिटी, ज़मीन की तलाश शुरु

आधा दर्जन से ज़्यादा बड़ी कंपनियां यहां आने के लिए अपनी रजामंदी दे चुकी हैं. 
(सांकेतिक तस्वीर)
आधा दर्जन से ज़्यादा बड़ी कंपनियां यहां आने के लिए अपनी रजामंदी दे चुकी हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

योगी सरकार नोएडा-ग्रेनो में करीब 100 एकड़ की ज़मीन पर इलेक्ट्रॉनिक सिटी बनाने जा रही है. इसके लिए ज़मीन की तलाश शुरू हो गई है. यहां ओप्पो, सैमसंग, डिक्सन, हीरानंदरानी ग्रुप, इंफोसिस और टीसीएस जैसी कंपनियां बड़ा निवेश कर सकती हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 9:55 AM IST
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नोएडा. ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) और नोएडा (Noida) एक और बड़ा हब बनने जा रहा है. इस बार यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसमे यमुना एक्सप्रेस-वे को भी शामिल किया है. इन तीनों जगहों पर योगी सरकार इलेक्ट्रॉनिक सिटी (Electronic City) बनाने जा रही है. इसके लिए ज़मीन की तलाश भी शुरु हो गई है. ग्रेनो में करीब 100 एकड़ जगह पर इलेक्ट्रोनिक सिटी बनाई जानी है. वहीं यमुना एक्सप्रेस-वे (Yamuna Expressway) के किनारे जेवर में यह सिटी बनाई जाएगी. इस सिटी में आने के लिए कई बड़ी कंपनियां अपनी रजामंदी दे चुकी हैं. सरकार ने इन तीनों ही जगह को "इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग जोन" घोषित किया है.

इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अफसरों के मुताबिक ओप्पो, सैमसंग, डिक्सन, हीरानंदानी ग्रुप, इंफोसिस तथा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसी बड़ी कंपनियों ने इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी में निवेश करने के लिए पहल की है. वहीं ओप्पो ने तो टेगना क्लस्टर की स्थापना करने के लिए काम भी शुरु कर दिया है. ओप्पो के साथ मिलकर तीन भारतीय तथा ताइवान की चार कंपनियां मिलकर टेगना क्लस्टर की स्थापना करेंगी. करीब दो हजार करोड़ रूपये का निवेश इस क्लस्टर में आएगा.

जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगी इलेक्ट्रोनिक सिटी
नोएडा और ग्रेनो के अलावा तीसरी इलेक्ट्रॉनिक सिटी यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे जेवर एयरपोर्ट के पास बनाई जाएगी. सूत्रों की मानें तो इसके लिए अफसरों ने ज़मीन की तलाश भी शुरु कर दी है. इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना एकसप्रेस-वे के नजदीक होने के चलते अभी से तीनों ही जगह इस प्रोजेक्ट को एक कामयाब प्रोजेक्ट माना जा रहा है. प्रस्ताव के मुताबिक ग्रेनो में इलेक्ट्रॉनिक सिटी के लिए 100 एकड़ ज़मीन पर एक बड़ी विदेशी कंपनी ने काम भी शुरु कर दिया है. वहीं नोएडा की ज़मीन का मामला अभी बैठकों तक सीमित है.
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यूपी के यह प्रोजेक्ट भी जुड़ेंगे इलेक्ट्रोनिक सिटी से
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