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एक ईमेल कर सकता है आपके बैंक खाते को खाली! जानिए पैसों को सेफ रखने का तरीका

साइबर अपराधी बैंकिंग फ्रॉड के लिए नए-नए तरीको को अपना रहे हैं.
साइबर अपराधी बैंकिंग फ्रॉड के लिए नए-नए तरीको को अपना रहे हैं.

साइबर अपराधी (Cyber criminal) ज्यादातर मामले में आप से KYC प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहते है. इसके लिए वह आप को डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड (Debit card, credit card) या आपका बैंक अकाउंट (Bank account) फ्रीज करने का डर दिखाते है और आपके इसी डर का फायदा उठाकर आपकी गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 26, 2020, 8:15 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना महामारी के दौरान देश में अधिकांश ऑफिस का काम लोग घर से ही कर रहे हैं. ऐसे में लोगों का ज्यादातर समय इंटरनेट और दूसरी वेबसाइट पर ही गुजरता है. जिसका फायदा बैंक फ्रॉड करने वाले धोखेबाज उठा रहे है. ये लोग आम आदमी को बैंक, वित्तीय संस्था या किसी नामी वेबसाइट की ओर से ईमेल करके चूना लगाने की कोशिश कर रहे है. ऐसे में जानना जरूरी है कि इन फ्रॉड करने वालों की पहचान कैसे की जाए और खुद को फिशिंग का शिकार होने से कैसे बचाया जाए. आइए जानते है इसके बारे में....



फिशिंग क्या है?- यदि आपको याद हो तो आपके पास किसी अनजान व्यक्ति का कॉल आया होगा. जब उसने आपसे कहा होगा कि आपका डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या आपको बैंक अकाउंट फ्रीज होने वाला है. इसके लिए आपको KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी. साइबर अपराधी के इस जाल में  कई लोग फंसे भी होंगे. लेकिन आपको बता दे बैंकिंग फ्रॉड का ये तरीका बहुत पुराना हो गया है. अब फ्रॉड करने वाले हाईटेक हो गए है और वह अब आपको काल न करके बैंक, वित्तीय संस्था या किसी बड़ी वेबसाइट का फर्जी पेज बनाकर ईमेल करते है और आपकी गोपनीय जानकारी हासिल करके बैंक फ्रॉड का अंजाम देते है और आपको पूरा अकाउंट खाली कर देते है.



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कैसे बचे बैंक फ्रॉड से?- यदि आपके पास बैंक, वित्तीय संस्था या किसी बड़ी वेबसाइट से ईमेल आए तो आप तुरंत जवाब देने से बचे. इसके साथ ही आप यह जानने की कोशिश करें कि आपके पास जो ईमेल आया है. वो फर्जी वेबसाइट से तो नहीं आया. इसके लिए आप जैसे ही उक्त वेबसाइट के लिंक पर करसर ले जाएंगे या https:// को चेक करेंगे और वहां s लिखा हुआ आ रहा है तो समझ जाए कि आप  सुरक्षित साइट पर हैं. इसके अलावा फिशिंग से बचने के कई और भी तरीके हैं.
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फिशिंग से बचने के तरीके- साइबर अपराधी हमेशा बल्क में ईमेल भेजते है और ईमेल में संबोधन का तरीका 'डियर नेट बैंकिंग कस्टमर' जैसे शब्दों से शुरू करते है. जबकि बैंक और वित्तीय संस्था आपको ईमेल करते है तो आपके नाम के साथ संबोधित करते है. ऐसे में आपको समझ लेना चाहिए कि आपको जो ईमेल आया है वो फर्जी हो सकता है. इसके अलावा ज्यादातर फर्जी ईमेल में आपको सभी जानकारी एक लिंक पर अपडेट करने के लिए कहा जाता है. जबकि बैंक और वित्तीय संस्था आपको वेबसाइट या नजदीकी ब्रांच में जा कर अपनी निजी जानकारी देने के लिए कहते है. ऐसे में छोटी-छोटी सावधानी ही आपको बड़े बैंक फ्रॉड से बचा सकती हैं.
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