PPF अकाउंट में आपका निवेश रहेगा सुरक्षित, इसमें ब्याज पर नहीं लगाता टैक्स, जानें अकाउंट मैच्योर होने पर क्या करें?

PPF अकाउंट में निवेश सबसे सुरक्षित हैं.

PPF अकाउंट (Account) में आप अधिकतम 1.5 लाख रुपये का सालाना निवेश (Investment) कर सकते है. यदि कुल निवेश पर मिलने वाला ब्याज प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक है. तो आपको इसके ऊपर इनकम टैक्स (Income Tax) नहीं देना होगा.

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    नई दिल्ली. आप जब भी कोई निवेश करते है. तो सबसे पहले आपके मन में ख्याल आता है कि कहीं आपका किया हुआ निवेश डूब न जाए. ऐसे में आप बहुत सोच समझ कर ही निवेश करते है और कई बार तो ऐसी जगह निवेश कर बैठते है. जहां निवेश पर होने वाली आमदनी पर सरकार मोटा टैक्स वसूलती है. ऐसे में हम आपको सुरक्षित निवेश के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) स्कीम के बारे में बताने जा रहे है. जो पूरी तरह से सुरक्षित है क्योंकि यह निवेश सरकार के संरक्षण में किया जाता है और इस पर ब्याज सरकार की ओर से दिया जाता है. इसके साथ ही PPF अकाउंट में आप अधिकतम 1.5 लाख रुपये का सालाना निवेश कर सकते है. यदि कुल निवेश पर मिलने वाला ब्याज प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक है. तो आपको इसके ऊपर इनकम टैक्स नहीं देना होगा. आइए जानते है PPF निवेश के बारे में...

    15 साल के बाद मैच्योर होता है निवेश- PPF में अधिकतर वहीं लोग निवेश करते है. जो सेल्फ इम्प्लायड होते है या EPFO के दायरे में नहीं आते. इसके अलावा, जिन लोगों के पास नौकरी या कारोबार जैसा कोई संगठित ढांचा नहीं है, वह भी लंबी अवधि के निवेश के लिए पीपीएफ को चुनते हैं. आपको बता दें पीपीएफ में निवेश, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने पर मिलने वाली रकम, तीनों पूरी तरह से टैक्स फ्री है. पीपीएफ 15 साल के बाद मैच्योर होता है. यदि आप PPF अकाउंट से कुछ पैसा निकालना चाहते है. तो इसके लिए आपको कम से कम 5 साल तक इंतजार करना होगा.

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    कैसे और कहा खोले PPF अकाउंट- सरकार की ओर से PPF अकाउंट खोलने के लिए कुछ नियम बनाए गए है. जिसमें खाताधारक की न्यूनतम और अधिकतम उम्र की कोई बाध्यता नहीं रखी गई है. इसके साथ ही PPF अकाउंट खोलने के लिए आपके पास किसी बैंक का खाता होना आवश्यक है. वहीं आप PPF अकांउट को भारतीय पोस्ट ऑफिस, राष्ट्रीय कृत बैंक और प्रमुख निजी बैंक में आसानी से खोल सकते हैं. 

    मैच्योरिटी के बाद बंद कर सकते है अकाउंट- यदि आपका PPF अकाउंट में किया गया निवेश मैच्योर हो गया है और आप इसके बाद निवेश नहीं करना चाहते. तो आप इस अकाउंट को बंद कर सकते है. इसके साथ ही आप अपने मूल और ब्याज को पोस्ट ऑफिस या बैक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते है. इसके लिए आपको एक फॉर्म सबमिट करना होगा. जिसमें PPF और सेंविग अकाउंट की डिटेल होगी. इसके साथ ही आपको ओरिजनल पास बुक और एक कैंसिल्ड चेक भी जमा करना होगा.

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    नए कॉन्ट्रीब्यूशन के साथ अकाउंट बढ़ा सकते हैं- अगर पीपीएफ मैच्यौर होने के बाद अकाउंट आगे के लिए बढ़ाना हो, और नए कॉन्ट्रीब्यूशन के साथ बढ़ाना हो तो आपको फॉर्म भरना होगा. ध्यान रहे ऐसा करने के लिए आपको मैच्योरिटी पीरियड खत्म होने से साल भर के भीतर फॉर्म भरकर देना होगा. मैच्योरिटी के बाद पीपीएफ अकाउंट 5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ता है. आप इसे अपने मुताबिक कितनी ही बार एक्सटेंड कर सकते हैं.
    बिना नए कॉन्ट्रीब्यूशन के जारी रखना- पीपीएफ में ये विकल्प डिफॉल्ट है. अगर आप पीपीएफ मैच्योर होने के बाद उसे नहीं निकालते हैं या कोई और विकल्प नहीं चुनते है तो खुद-ब-खुद आपकी पीपीएफ मैच्योरिटी तारीख पांच सालों के लिए बढ़ जाती है. हालांकि, इसमें आप और ज्यादा योगदान नहीं कर सकते हैं, लेकिन बैलेंस की राशि पर टैक्स फ्री ब्याज आता रहता है. एक वित्तीय वर्ष में केवल एक बार विद्ड्रॉल कर सकते हैं. आप चाहें तो पीपीएफ मैच्योरिटी एक्सटेंशन इच्छा अनुरूप भी ले सकते हैं. इसके लिए किसी कागजी काम की जरूरत नहीं है.

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