अगर आप एक से ज्‍यादा घर के मालिक हैं तो इन फॉर्म से दाखिल नहीं कर सकते ITR

अगर आप एक से ज्‍यादा घर के मालिक हैं तो इन फॉर्म से दाखिल नहीं कर सकते ITR
सीबीडीटी की ओर से जारी नए फॉर्म में एक से ज्‍यादा आवासीय संपत्ति वाले करदाताओं के आईटीआर दाखिल करने के नियम बदल दिए गए हैं.

केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (CBDT) की ओर से जारी नए इनकम टैक्‍स रिटर्न फार्म (ITR Forms) में कुछ बदलाव भी किए गए हैं. पहले अगर पति-पत्‍नी संयुक्‍त तौर पर खरीदे गए म‍कान या फ्लैट में रहते हैं तो वे आईटीआर-1 और 4 के जरिये रिटर्न दाखिल नहीं कर सकते थे. बदलाव के बाद ऐसे दंपती इन्‍हीं दोनों फॉर्म से रिटर्न भर सकते हैं.

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नई दिल्‍ली. केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने कुछ समय पहले इनकम टैक्‍स रिटर्न (ITR) फाइल करने के लिए नए आईटीआर फॉर्म-1 से लेकर 7 तक जारी कर दिए हैं. इनमें फिलहाल आईटीआर फॉर्म-1 और 4 (Form-1 and 4) ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करने के लिए उपलब्‍ध हैं. जनवरी 2020 में जब आईटीआर-1 और 4 जारी किए गए थे, तब कहा गया था कि अगर किसी दंपती के पास संयुक्‍त नाम से कोई मकान या फ्लैट है तो वे इन फॉर्मों से रिटर्न दाखिल नहीं कर सकते हैं. अब ये प्रतिबंध हटा लिया गया है. नए नियम के मुताबिक, अगर किसी दंपती के पास संयुक्‍त नाम से सिर्फ एक आवास है और उनकी कुल सालाना आय (Income) 50 लाख रुपये तक है तो वे इन फॉर्मों से रिटर्न भर सकते हैं.

दो या ज्‍यादा आवासीय संपत्ति वालों को भरना होगा ये फॉर्म
सीबीडीटी के मुताबिक जिन लोगों की आय 50 लाख से ज्‍यादा है और एक से अधिक हाउस प्रॉपर्टी (House Property) से आमदनी होती है तो वे फॉर्म-1 और 4 के जरिये आईटीआर नहीं भर सकते. दरअसल, आजकल अगर पति-पत्‍नी वर्किंग हैं तो संयुक्‍त नाम पर एक से ज्‍यादा घर खरीदने का चलन आम हो गया है. इससे दंपती होम लोन पर टैक्‍स छूट का फायदा ले सकते हैं. होम लोन के मूलधन के भुगतान पर धारा-80सी के तहत छूट मिलती है. इस पर 1.5 लाख रुपये तक की छूट ली जा सकती है. इसके अलावा ब्‍याज पर 2 लाख रुपये तक की राहत मिल सकती है. अब एक से ज्‍यादा मकान या फ्लैट के स्‍वामित्‍व वाले दंपती को फॉर्म-2 के जरिये आईटीआर दाखिल करना होगा.

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फॉर्म-2 के जरिये कौन दाखिल सकते हैं इनकम टैक्‍स रिटर्न


आईटीआर-2 फॉर्म के जरिये वे लोग रिटर्न दाखिल कर सकते हैं, सालाना आमदनी 50 लाख रुपये से ज्‍यादा है. इसके अलावा खेती (Agriculture Income) से 5,000 रुपये सालाना से ज्‍यादा आय वाले व्‍यक्ति भी आईटीआर दाखिल करने के लिए फॉर्म-2 का इस्‍तेमाल कर सकते हैं. वहीं, एक मकान या फ्लैट से आय पाने वाले व्‍यक्तिगत करदाता को भी आईटीआर फॉर्म-1 या 4 के बजाय फार्म-2 के जरिये ही रिटर्न दाखिल करना होगा. इसके अलावा विदेश के व्‍यवसाय या संपत्ति से कमाई करने वाले लोगों को भी इसी फॉर्म से रिटर्न भरना है. कैपिटल गेंस (Capital Gains), हॉर्स रेस (Horse RFace), लॉटरी से होने वाली आय का ब्‍योरा भी आईटीआर-2 के जरिये ही बताना होगा.

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सीबीडीटी ने फॉर्म-16 के साथ ही जारी किया फॉर्म-26एएस
सीबीडीटी ने फॉर्म-16 के अलावा फॉर्म-26एएस (Form-26AS) जारी किया है. संशोधित फॉर्म-26 एएस में करदाता की संपत्ति और शेयर लेनदेन की पूरी सूचना होगी. टीडीएस-टीसीएस के साथ कुछ लेनदेन, करों के भुगतान और एक वित्त वर्ष में डिमांड-रिफंड से संबंधित लंबित या पूरी हो चुकी प्रक्रिया की सूचना को शामिल किया गया है. आपने एक साल में कितनी प्रॉपर्टी खरीदी, अपने विभिन्न बैंक खातों से कितना लेनदेन किया, कितनी एफडी कराई, कितनी रकम शेयर बाजार में लगाई और म्यूचुअल फंड में कितना निवेश किया, इसका ब्योरा आयकर विभाग नए फॉर्म में देगा. ये फॉर्म आप अपनी बैंक से ले सकते हैं.

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