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Zee Entertainment को झटका! बॉम्बे हाई कोर्ट ने Invesco की मांग के मुताबिक EGM बुलाने का दिया आदेश

Zee Entertainment को झटका! बॉम्बे हाई कोर्ट ने Invesco की मांग के मुताबिक EGM बुलाने का दिया आदेश

ZEE-Invesco विवाद में बॉम्‍बे हाई कोर्ट ने ईजीएम बुलाने का आदेश दिया है.

ZEE-Invesco विवाद में बॉम्‍बे हाई कोर्ट ने ईजीएम बुलाने का आदेश दिया है.

ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment) की असाधारण आम बैठक (EGM) में पारित किसी भी प्रस्ताव को तब तक के लिए रोक दिया जाएगा, जब तक बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) बैठक के लिए इनवेस्को (Invesco) के अनुरोध की वैधता पर फैसला नहीं कर लेता.

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    नई दिल्‍ली. ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment) और इनवेस्‍को (Invesco) समेत कंपनी के निवेशकों के बीच जारी विवाद में नया मोड़ आ गया है. इस मामले में बॉम्‍बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने ज़ी एंटरटेनमेंट को तगड़ा झटका दिया है. दरअसल, सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने ज़ी एंटरटेनमेंट को शेयरधारकों की असाधारण आम बैठक (ZEEL EGM) बुलाने का आदेश दिया है. हालांकि, जस्टिस जीएस की अदालत ने कहा कि इस ईजीएम में पारित प्रस्ताव को तब तक स्थगित रखा जाएगा, जब तक कोर्ट ईजीएम की मांग की वैधता पर फैसला नहीं कर लेता.

    ‘ईजीएम में पारित प्रस्‍ताव होगा सूचना व प्रसारण मंत्रालय का मामला’
    ज़ी एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ी निवेशक इनवेस्को ने कंपनी के प्रबंध निदेशक पुनीत गोयनका के साथ दो अन्य निदेशकों को हटाने के लिए ईजीएम बुलाने की मांग की थी. हाई कोर्ट ने कहा है कि ईजीएम में पारित होने वाला प्रस्‍ताव सूचना व प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) का मामला होगा. फिलहाल कोर्ट ने एमडी गोयनका और दो निदेशकों को हटाने के प्रस्‍ताव को स्थगित कर दिया है. बता दें कि ज़ी में इनवेस्‍को और उसके ओएफआई की मिलाकर करीब 18 फीसदी हिस्‍सेदारी है. वहीं, अकेली इनवेस्को की 7.74 फीसदी हिस्सेदारी है. इनवेस्‍को इस टीवी नेटवर्क में प्रबंधन और बोर्ड में बदलाव कराने की लगातार कोशिश कर रही है.

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    इनवेस्‍को ने 6 स्‍वतंत्र बोर्ड सदस्‍य नियुक्‍त करने का दिया है सुझाव
    ज़ी एंटरटेनमेंट को खरीदने के लिए पिछले महीने सोनी ग्रुप कॉर्प की भारतीय इकाई ने एक गैर-बाध्यकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. प्रस्तावित सौदे में विलय के बाद बनी इकाई में सोनी इंडिया की लगभग 53 फीसदी और बाकी ज़ी समूह की हिस्सेदारी होगी. ज़ी एंटरटेनमेंट के प्रमोटर सुभाष चंद्रा के परिवार की इस समय कंपनी में लगभग 4 फीसदी हिस्सेदारी है. सोनी पिक्चर नेटवर्क्स इंडिया (SPNI) के साथ घोषित विलय के बाद नई इकाई में ये हिस्सेदारी घटकर महज 2 फीसदी रह जाएगी. बता दें कि इनवेस्‍को और ओएफआई ग्‍लोबल चाइना फंड एलएलसी ने 6 नए स्‍वतंत्र बोर्ड सदस्‍यों को नियुक्‍त करने और ज़ी के मौजूदा सीईओ पुनीत गोयनका को हटाने का सुझाव दिया है.

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    इनवेस्‍को की चिट्ठी का ज़ी एंटरटेनमेंट ने दिया था तीखा जवाब
    इनवेस्‍को ने 11 सितंबर 2021 को ज़ी एंटरटेनमेंट से शेयरधारकों की असाधारण आम सभा बुलाने की मांग की थी. हाल में इनवेस्‍को ने एक खुली चिट्ठी लिखकर बोर्ड की स्‍वतंत्रता को बढ़ाने की तत्‍काल जरूरत पर जोर दिया था. इनवेस्‍को ने इसमें कहा था कि बोर्ड कंपनी करे बेहतर शासन और नेतृत्‍व देने में नाकाम रहा है. हालांकि, ज़ी ने इनवेस्‍को की चिट्ठी का तीखा जवाब देते हुए कहा था कि पिछले कुछ हफ्तों की शेयरधारक की कार्रवाई यह मानने के लिए पर्याप्त है कि यह पूरी तरह से दूसरे कारणों से प्रेरित है. बता दें कि ज़ी ने 1 अक्‍टूबर को बोर्ड में बदलाव की इनवेस्‍को की मांग को ठुकरा दिया था.

    Tags: Bombay high court, Business news, Business news in hindi, Dispute, Zee tv, Zee5

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