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Zee Entertainment को फिलहाल नहीं बुलानी पड़ेगी EGM, बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज की Invesco की मांग

Zee Entertainment को फिलहाल नहीं बुलानी पड़ेगी EGM, बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज की Invesco की मांग

ZEE-Invesco विवाद में बॉम्‍बे हाई कोर्ट ने ईजीएम बुलाने पर रोक लगा दी है.

ZEE-Invesco विवाद में बॉम्‍बे हाई कोर्ट ने ईजीएम बुलाने पर रोक लगा दी है.

बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने ज़ी एंटरटेनमेंट और इनवेस्‍को विवाद (ZEEL-Invesco Dispute) मामले में आदेश सुरक्षित रखने से एक दिन पहले ईजीएम (EGM) बुलाने के लिए कहा था. साथ ही कहा था कि ईजीएम में पारित प्रस्ताव तब तक स्थगित रखा जाएगा, जब तक ईजीएम की मांग की वैधता पर निर्णय नहीं हो जाता है.

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    नई दिल्‍ली. इनवेस्‍को के साथ जारी विवाद में ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment) को बड़ी राहत मिल गई है. दरअसल, बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने ज़ी एंटरटेनमेंट के शेयहोल्डर्स की असाधारण आम बैठक (EGM) बुलाने पर फिलहाल रोक लगा दी है. ईजीएम बुलाने की मांग ज़ी एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ी निवेशक इनवेस्को (Invesco) की ओर से की गई थी. इसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया. हाई कोर्ट ने 22 अक्टूबर को मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था.

    ZEE एंटरटेनमेंट की ओर से पेश वकील गोपाल सुब्रमण्यम ने सुनवाई के दौरान कहा था कि किसी भी सूचीबद्ध कंपनी के बोर्ड में एग्जिक्यूटिव और नॉन-एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर्स का संतुलन होना चाहिए. हम इनवेस्को की ईजीएम के जरिये बोर्ड में बदलाव की योजना को नाकाम कर देंगे. साथ ही कहा कि ऐसे किसी भी बदलाव के लिए सूचना व प्रसारण मंत्रालय से मंजूरी लेने की जरूरत होती है. सुनवाई के दौरान ज़ी ने दलील दी थी कि इनवेस्को और ओएफआई ग्लोबल फंड की ओर से ईजीएम बुलाने की मांग अवैध और अनुचित है.

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    हाई कोर्ट में आमने-सामने
    ज़ी एंटरटेनमेंट के प्रबंध निदेशक पुनीत गोयनका (MD Punit Goenka) की ओर से पेश वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता कपिल सिब्बल ने सुनवाई के दौरान तर्क दिया कि अगर उनको हटा दिया जाता है तो कंपनी और बोर्ड के लिए कोई एमडी और सीईओ नहीं होगा. कोई भी कंपनी एमडी व सीईओ के बिना काम नहीं कर सकती है. इनवेस्को की ओर से पेश वकील जनक द्वारकादास ने कहा था कि निवेशक के पास ईजीएम बुलाने का कानूनी अधिकार है. इनवेस्‍को ईजीएम बुलाने के लिए संख्या और प्रकिया दोनों जरूरतों को पूरा करती है.

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    एनसीएलटी में भी है मामला
    द्वारकादास ने कहा कि ईजीएम बुलाने के लिए शेयरहोल्डर के पास कंपनी में न्यूनतम 10 फीसदी हिस्सेदारी होनी चाहिए, जबकि इनवेस्को और ओएफआई ग्लोबल फंड के पास संयुक्त रूप से 17.88 फीसदी हिस्सेदारी है. साथ ही कहा कि उन्होंने इस मामले में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) का रुख किया है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखने से एक दिन पहले ज़ी को ईजीएम बुलाने के लिए कहा था. साथ ही कोर्ट ने कहा था कि ईजीएम में पारित होने वाले प्रस्ताव को तब तक स्थगित रखा जाएगा, जब तक ईजीएम की मांग की वैधता पर निर्णय नहीं हो जाता है.

    Tags: Bombay high court, Business news in hindi, Zee tv, Zee5

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