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ZEE-Sony Deal: क्या सुभाष चंद्रा ने यूएस फंड को दी मात! पढ़िए कौन फायदे में रहा

सुभाष चंद्रा (फोटो- twitter.com/iamsunnydeol/status/1200780880194588672)

सुभाष चंद्रा (फोटो- twitter.com/iamsunnydeol/status/1200780880194588672)

हाल ही में जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के साथ मर्जर की घोषणा की है.

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    नई दिल्ली. भारतीय मीडिया मुगल सुभाष चंद्रा (Subhash Chandra) एक हफ्ते पहले तक अपना ताज खोते हुए नजर आ रहे थे. एक अमेरिकी फंड मैनेजर ने उनके कंट्रोल को खत्म करने खिलाफ अभियान छेड़ा हुआ था. लेकिन एक हफ्ते के अंदर ही पासा पलट गया और सुभाष चंद्रा के बचाव में एक जापानी समूह (Japanese Conglomerate) आगे आ गया. यह जापानी समूह खुद भी पश्चिमी देशों के फंड मैनेजरों की तरफ से ऐसी कई चुनौतियों का सामना कर चुका है.

    हाल ही में जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises) ने जापान की सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (Sony Pictures Networks India) के साथ मर्जर की घोषणा की है. डील के मुताबिक जी के चीफ एग्जिक्यूटिव और फाउंडर सुभाष चंद्रा के बेटे पुनीत गोयनका मर्जर के बाद बनने वाली नई कंपनी के एमडी और सीईओ बने रहेंगे. साथ ही सोनी नई कंपनी में 1.4 अरब डॉलर का निवेश भी करेगी. इसके अलावा चंद्रा परिवार को कंपनी में अपनी हिस्सेदारी करीब 4 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी तक ले जाने का विकल्प भी मिला है.

    नई कंपनी में सुभाष चंद्रा को अतिरिक्त शेयर मिलेंगे. विलय से पहले कंपनी को मॉइनॉरिटी शेयरहोल्डरों के लिए ओपन ऑफर लाना होगा. हालांकि ऐसा लगता है कि अधिकतर मॉइनॉरिटी शेयरहोल्डर इस मर्जर से खुश नही हैं. कंपनी के शेयरों में हालिया 32 फीसदी की गिरावट कुछ ऐसे ही संकेत देती है.

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    यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इससे पिछले हफ्ते कंपनी के शेयर 40 फीसदी तक उछले थे. ऐसा  इनवेस्को और जी एंटरटेनमेंट के दूसरे निवेशकों की तरफ से गोयनका को हटाने और कंपनी पर सुभाष चंद्रा परिवार के करीब 30 सालों से चले आ रहे नियंत्रण को खत्म करने की मांग के बाद हुआ था.

    इससे पहले 2018 में भी जी के प्रमोटरों पर संकट के बादल छाए थे. आईएल एंड एफएस ग्रुप के धराशायी होने के बाद क्रेडिट मार्केट ने सुभाष चंद्रा के लिए दरवाजे बंद किए दिए थे. कंपनी के गिरवी रखे शेयरों को लेंडर्स और फंड हाउसों ने ब्लॉक कर दिया. तब इनवेस्को ने जी एंटरटेनमेंट में भारी निवेश कर सुभाष चंद्रा का बचाव किया था. हालांकि दो साल बाद इनवेस्को ने सुभाष चंद्रा परिवार के कंट्रोल को खत्म करने के लिए अभियान शुरू, लेकिन इस बार सोनी बचाव के लिए आगे आ गई.

    ऐसा लग रहा है कि मार्केट यह फैसला नहीं कर रहा है देश का सबसे बड़ा प्राइवेट टेलीविजन नेटवर्क, अपने प्रमोटरों के कंट्रोल में अधिक वैल्यूएबल है या उनके पूरी तरह से हट जाने के बाद.

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