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बजट से पहले Zerodha के निखिल कामत ने छोटे निवेशकों को दी सलाह, मान लेंगे तो फायदे में रहेंगे!

बजट से पहले Zerodha के निखिल कामत ने छोटे निवेशकों को दी सलाह, मान लेंगे तो फायदे में रहेंगे!

निखिल कामत ने कहा कि आपको अपनी रिसर्च करनी चाहिए और लम्बे समय के लिए निवेश की दृष्टि से बाजार में उतरना चाहिए.

निखिल कामत ने कहा कि आपको अपनी रिसर्च करनी चाहिए और लम्बे समय के लिए निवेश की दृष्टि से बाजार में उतरना चाहिए.

Nikhil Kamath Advice To Retail Investors : जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत ने रिटेल निवेशकों को महत्वपूर्ण सलाह दी है. उन्होंने छोटे निवेशकों को इस समय सावधानी बरतने को कहा है. उन्होंने कहा, लंबे समय के लिए अच्छे शेयरों को चुनें.

नई दिल्ली. Nikhil Kamath Advice To Retail Investors : आम बजट (Union Budget) आने वाला है और भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) पिछले कई दिनों से लगातार ऊपर की तरफ बढ़ रहा है. जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत (Zerodha Co-founder Nikhil Kamath) ने ऐसे समय में कुछ महत्वपूर्ण बातें कही हैं. उन्होंने रिटेल निवेशकों को इस समय सावधानी बरतने को कहा है. निखिल ने इसके अवाला और भी कई बिंदुओं पर अपनी राय रखी है.

निखिल कामत ने कहा कि हाल ही के दिनों के उलट बाजार का रिटर्न कुछ अलग तरीके से हो सकता है. आपको अपनी रिसर्च करनी चाहिए और लम्बे समय के लिए निवेश की दृष्टि से बाजार में उतरना चाहिए. उन्होंने रिटेल अथवा छोटे निवेशकों को सलाह दी कि कोई भी स्टॉक चुनने में आपको सिलेक्टिव होना पड़ेगा.

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विदेश में लिस्टिंग के लिए नरम हों नियम

कई कंपनियों और उनके सलाहकारों ने सरकार से मौजूदा नियमों में बदलाव की मांग की है, जिससे कि गैर-सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों (Unlisted Indian companies) को विदेशों में सूचीबद्ध करने की अनुमति मिले. सरकार ने 2020 में घोषणा की थी कि वह कंपनियों को सीधे विदेशी एक्सचेंज में लिस्ट करने की अनुमति देने वाले नियमों को लागू करेगी.

हालांकि, निखिल कामत को लगता है कि विदेशों में सूचीबद्ध होने के लिए नियमों को देखने के बजाय, भारत में लिस्टिंग के मानदंड़ों को आसान बनाने की जरूरत है, जबकि कानूनों के उल्लंघन के लिए दंड को कड़ा किया जा सकता है. उन्होंने कहा, भारत में कंपनियों को लिस्ट होने से पहले लंबा इंतजार करना पड़ता है और इसमें कई बाधाएं भी आती हैं. लेकिन एक बार लिस्ट होने के बाद यदि कोई कंपनी कानूनों का उल्लंघन करती है तो उसके लिए पेनल्टी काफी कम है. इससे छोटे निवशकों को नुकसान हो सकता है.

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बजट से क्या चाहिए?

कामत चाहते हैं कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को खत्म कर दें, क्योंकि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) दोनों ही लागू हैं. उन्होंने कहा कि अगर सरकार STT रखना चाहती है तो वह लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर टैक्स (Tax on LTCG) हटाने पर विचार कर सकती है.

निखिल कामत ने ETMarkets.com को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “मैं कहूंगा कि ट्रेडिंग के मामले में STT के माध्यम से बढ़ा हुआ लाभ एलटीसीजी (LTCG) पर टैक्स हटाने की भरपाई कर सकता है.” कामत ने कहा कि STT और LTCG के आसपास कर सुधार (Tax reforms) से अर्थव्यवस्था को काफी फायदा होगा.

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बजट में क्रिप्टोकरेंसी पर बात हो तो बेहतर

कामत ने कहा कि सरकार जो क्रिप्टोकरेंसी विधेयक (Cryptocurrency Bill) ला रही है, वह संभवत: एसेट क्लास के आसपास के ज्यादातर मसलों का हल लेकर आएगा. लेकिन अगर इसे बजट में लाया जाता है, तो यह स्पष्ट होगा कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी को कैसे पहचानेगी. मतलब क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग और किस तरीके से टैक्स लगाया जाएगा इत्यादी के बारे में.

Tags: Budget, Share market, Stock market

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