Zomato के IPO पर संकट, SEBI समीक्षा कर रही है कि चीनी कंपनी का कितना नियंत्रण

चीन की कंपनियां अब भी भारत की सूचीबद्घ कंपनियों में 10 फीसदी तक हिस्सा खरीद सकती हैं.

चीन की कंपनियां अब भी भारत की सूचीबद्घ कंपनियों में 10 फीसदी तक हिस्सा खरीद सकती हैं.

Zomato आईपीओ के जरिए 8,250 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की योजना बना रही है. यह देश का पहला कंज्यूमर आधारित इंटरनेट स्टार्टअप है, जो लिस्टिंग की तैयारी कर रहा है. इस आईपीओ में जोमैटो की तरफ से 7,500 करोड़ रुपये के ताजा इक्विटी शेयर की पेशकश की जाएगी.

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मुंबई. भारतीय शेयर बाजार में आने वाले फूड डिलिवरी ऐप जोमैटो (Zomato) के आईपीओ पर संकट के बादल छाने लगे हैं. भारतीय प्रतिभूति एंव विनिमय बोर्ड (SEBI) जोमेटो के आईपीओ मसौदे की समीक्षा कर रहा है. सेबी जांच कर रहा है कि जोमैटो का नियंत्रण किसके पास है और उसका स्वरूप कैसा है.

चीन के अरबपति बिजनेसमैन जैक मा के एंट ग्रुप के पास इसकी 23 फीसदी हिस्सेदारी है. साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि शेयर लिस्ट होने के बाद एंट ग्रुप को बोनस शेयर या राइट्स इश्यू कितना जारी होगा. चीन के संबंध में संशोधित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) नियम के तहत उसे मंजूरी की जरूरत पड़ेगी या नहीं.

सेबी देख रहा जोमैटो का नियंत्रण चीनी कंपनी के पास तो नहीं

सूत्रों के मुताबिक, सेबी यह देख रहा है कि जोमैटे का नियंत्रण चीनी निवेशकों के हाथ में तो नहीं है. विदेशी निवेश के चलते यह देखा जा रहा है कि मौजूदा प्रणाली के प्रेस नोट 3 के तहत उसे इजाजत की जरूरत है या नहीं.' इस बारे में जोमैटो से संपर्क किया गया लेकिन उसने कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया. भारतीय कंपनियों में पड़ोसी देशों से एफडीआई निवेश पर रोक के सरकार के उपायों को ध्यान में रखकर इस पर विचार किया जा रहा है. असल में कोरोना महामारी के दौरान स्थानीय कंपनियों के मूल्यांकन में कमी आने के अवसर का लाभ उठाकर कंपनियों के अधिग्रहण को रोकने के मकसद से यह नियम बनाया गया है.
कोरोना के बाद 7 पड़ोसी देशों के निवेश का पहले मूल्यांकन होता है

हालांकि निश्चित सीमा नहीं होने से चीन की कंपनियां अब भी भारत की सूचीबद्घ कंपनियों में 10 फीसदी तक हिस्सा खरीद सकती हैं. लेकिन पिछले साल के प्रेस नोट के तहत चीन सहित सात देशों से ऐसे निवेश का पहले सरकार द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा. एफडीआई का नियमन वाणिज्य मंत्रालय द्वारा किया जाता है, जबकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेश का नियमन सेबी के दायरे में आता है.

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जैक मा का एंट ग्रुप जोमैटो का दूसरा सबसे बड़ा निवेशक

एंट फाइनैंशियल 2018 से ही जोमैटो की निवेशक है. यह जोमैटो की दूसरी सबसे बड़ी निवेशक है. कंपनी में इसका करीब 3,243 करोड़ रुपये का निवेश है. 2018 में इसने जोमैटो में 14.7 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी. बाद में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 23 फीसदी हो गई. जनवरी 2020 में जोमैटो ने एंट से 15 करोड़ डॉलर जुटाए थे लेकिन नियम बदलने से अलीबाबा समूह को दोबारा देखना पड़ा था कि कंपनी में अतिरिक्त निवेश कब किया जाए.

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जैमेटो का आईपीओ 8250 करोड़ रुपये का

जोमैटो आईपीओ के जरिए 8,250 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की योजना बना रही है. यह देश का पहला कंज्यूमर आधारित इंटरनेट स्टार्टअप है, जो लिस्टिंग की तैयारी कर रहा है. इस आईपीओ में जोमैटो की तरफ से 7,500 करोड़ रुपये के ताजा इक्विटी शेयर की पेशकश की जाएगी. वहीं इंफो एज (इंडिया) लिमिटेड की तरफ से 750 करोड़ रुपये की बिक्री पेशकश होगी. कंपनी ने बताया कि ताजा शेयरों की बिक्री से मिली धनराशि का इस्तेमाल विस्तार योजनाओं के लिए किया जाएगा, जिसमें अधिग्रहण भी शामिल है.
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