कोविड वैक्सीन बना रही है भारतीय कंपनी Zydus अब बनाएगी कोरोना की दवा!

कोविड वैक्सीन बना रही है भारतीय कंपनी Zydus अब बनाएगी कोरोना की दवा!
हरियाणा में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

जायडस केडिला (Zydus Cadila) के चेयरमैेन और एमडी पंकज आर पटेल ने CNBC TV18 को खास बातचीत में बताया कि वो जल्द कोरोना को ठीक करने में इस्तेमाल की जाने वाली सबसे कारगर Remdesivir जल्द बनाने की तैयारी में है.

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नई दिल्ली. फार्मा कंपनी जायडस कैडिला (Zydus Cadila) ने अपनी संभावित कोविड-19 वैक्सीन ZyCoV-D का इंसानों पर ट्रायल शुरू कर दिया है. जायडस केडिला के चेयरमैेन और एमडी पंकज आर पटेल ने CNBC TV18 को खास बातचीत में बताया कि वो जल्द कोरोना को ठीक करने में इस्तेमाल की जाने वाली सबसे कारगर Remdesivir जल्द बनाने की तैयारी में है. आपको बता दें कि दुनिया के कई देशों के अस्पतालों में क्लीनिकल ट्रायल के दौरान ये तथ्य सामने आए थे कि रेमडेसिविर कोरोना के लक्षण की अवधि को 15 दिनों से घटाकर 11 दिन कर सकता है. इस कारण भी रेमडेसिविर की मांग बढ़ गई है. हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ये कोई प्रभावी उपचार नहीं है. लेकिन किसी भी दवा की ग़ैर मौजूदगी में डॉक्टर्स भारत में कोरोना के मरीज़ों के लिए ये दवा लिख रहे हैं. इस कारण दिल्ली और भारत के अन्य शहरों में इसकी मांग बढ़ गई है.

फार्मा कंपनी जायडस कैडिला (Zydus Cadila) ने अपनी संभावित कोविड-19 वैक्सीन ZyCoV-D का इंसानों पर ट्रायल शुरू कर दिया है. कंपनी ने एक नियामकीय जानकारी में बताया कि पहले चरण में वह देश के विभिन्न हिस्सों में 1000 लोगों को इसके लिए इनरॉल करेगी. कंपनी ने कहा कि ZyCoV-D का एडेप्टिव फेज I/II ह्यूमन क्लिनिकल ट्रायल पहली इंसानी डोज के साथ शुरू हो चुका है. इस मल्टी सेंट्रिक स्टडी में वैक्सीन की सेफ्टी, टॉलेरेबिलिटी (सहनशीलता) और इम्यूनोजेनिसिटी (प्रतिरक्षाजनकता) का आकलन किया जाएगा.


ग्लेनमार्क घटा चुकी है अपनी दवा की कीमत- दवा निर्माता ग्लेनमार्क फार्मा ने एंटीवायरल ड्रग फैबिफ्लू की कीमत में 27 फ़ीसदी कमी कर दी है. अब फैबिफ्लू के प्रति टेबलेट की कीमत ₹75 हो गई है. ग्लेनमार्क फार्मा ने पिछले महीने से फैबिफ्लू टेबलेट को ₹103 प्रति टेबलेट के भाव से लांच किया था. ग्लेनमार्क फार्मा ने कहा था कि फैबिफ्लू कोविड19 के इलाज के लिए फेविपिराविर दवा है, जिसे नियामक की मंजूरी मिली थी. कोरोना के मामूली लक्षण वाले मरीजों के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली फैबिफ्लू के साथ सबसे अच्छी बात यह है कि यह खाने वाली दवा है जो इलाज का एक सुविधाजनक विकल्प है.



रेमडेसिविर को अमेरिका की कंपनी ने बनाया- अमेरिका में स्थित गिलिएड साइंसेज़ ने मूल रूप से इबोला के इलाज़ के लिए रेमडेसिविर बनाया था. अब इसने भारत की चार कंपनियों सिप्ला, जुबिलिएंट लाइफ़, हिटेरो ड्रग्स और माइलॉन को भारत में ये दवा बनाने की अनुमति दे दी है. लेकिन अभी तक हिटेरो ने ही ये दवा बनाई है.
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