अमेरिका में 11 भारतीय स्टूडेंट्स गिरफ्तार, अवैध तरीके से रहने का आरोप

गैर आव्रजक विद्यार्थियों को एक साल तक उनके शिक्षा से जुड़े क्षेत्र में काम करने की अनुमति दी जाती है.
गैर आव्रजक विद्यार्थियों को एक साल तक उनके शिक्षा से जुड़े क्षेत्र में काम करने की अनुमति दी जाती है.

आईसीई ने कहा कि ये छात्र वैसी कंपनियों में काम करने का दावा कर रहे थे, जो कंपनी वास्तव में हैं ही नहीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 23, 2020, 3:46 PM IST
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नई दिल्ली. संघीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने अमेरिका में अवैध तरीके से रहने के मामले में कुल 15 विद्यार्थियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 11 भारत के हैं. आव्रजन एवं सीमा शुल्क अधिकारियों ने इन विद्यार्थियों को बोस्टन, वाशिंगटन, ह्यूस्टन समेत कई अन्य शहरों से गिरफ्तार किया है. इनमें भारत के अलावा लीबिया के दो, सेनेगल का एक और बांग्लादेश का एक नागरिक है.

गिरफ्तारी ऑप्टिकल इल्यूजन अभियान के तहत 
अधिकारियों के अनुसार इस विद्यार्थियों की गिरफ्तारी ऑप्टिकल इल्यूजन अभियान के तहत की गई है. इस अभियान के तहत वैसे गैरआव्रजक विद्यार्थियों को गिरफ्तार किया जाता है जो ऑप्टिकल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) कार्यक्रम का इस्तेमाल करके अमेरिका में बने रहते हैं.

गैर आव्रजक विद्यार्थियों को एक साल तक रहने की इजाजत
इस कार्यक्रम के तहत गैर आव्रजक विद्यार्थियों को एक साल तक उनके शिक्षा से जुड़े क्षेत्र में काम करने की अनुमति दी जाती है. वहीं उन्हें इस एक साल के अलावा 24 महीने तक देश में काम करने की अनुमति भी दी जाती है, बशर्ते विद्यार्थी एसटीईएम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स) वैकल्पिक प्रैक्टिकल प्रशिक्षण में हिस्सा लें.



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छात्रों ने वहां काम करने का दावा किया जो वास्तव में हैं ही नहीं
आईसीई ने कहा कि ये छात्र वैसी कंपनियों में काम करने का दावा कर रहे थे, जो कंपनी वास्तव में हैं ही नहीं.
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