पिछले दो सालों में 2400 स्टूडेंट्स ने छोड़ी IIT की पढ़ाई, जानें वजह

पोस्‍टग्रेजुएट और पीएचडी प्रोगाम में सबसे ज्‍यादा स्‍टूडेंट्स ड्रॉप आउट हुए हैं.

News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 6:50 PM IST
पिछले दो सालों में 2400 स्टूडेंट्स ने छोड़ी IIT की पढ़ाई, जानें वजह
2 सालों में 2,400 ने छोड़ी IIT की पढ़ाई
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Updated: July 29, 2019, 6:50 PM IST
हर साल हजारों छात्र-छात्राएं ऐसे हैं, जिन्‍हें किसी न किसी कारणवश देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्‍थान में शुमार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पढ़ने का मौका नहीं मिल पाता. वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे स्‍टूडेंट्स भी हैं, जो इस शानदार अवसर मिलने के बाद भी आईआईटी छोड़ देते हैं. जी हां पिछले दो सालों की ही बात करें तो 2461 स्‍टूडेंट्स ने बीच में (IIT) की पढ़ाई छोड़ दी. इनमें सबसे ज्‍यादा जो संख्‍या है वो है, उनमें 371 अनुसूचित जाति (SC), 199 अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से 601 है. ये आंकड़े मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हैं.

इनमें सबसे ज्‍यादा जिस आईआईटी से स्‍टूडेंट्स ने बीच में पढ़ाई छोड़ी है, उनमें IIT Delhi है. यहां 782 स्‍टूडेंट्स ने बीच में पढ़ाई छोड़ दी. इसके बाद IIT खड़गपुर (622) और IIT बॉम्बे (263). ये ऐसे संस्‍थान हैं, जहां जाना अधिकतर छात्र-छात्राओं का सपना होता है. वहीं सबसे ज्‍यादा ड्रॉपआउट जिन प्रोगाम हुए हैं, वे हैं पोस्‍टग्रेजुएट और पीएचडी जैसे कोर्सेज हैं. इन कोर्सेज में एक वर्ष में 13,000 से अधिक छात्र IIT में प्रवेश लेते हैं.

ड्रॉपआउट की ये है वजह

इस बारे में मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि स्‍टूडेंट्स के ड्रापआउट होने की ये वजहें हो सकती हैं. इनमें अन्य कॉलेजों, संस्थानों, व्यक्तिगत कारणों,  पीजी पाठ्यक्रमों के दौरान प्लेसमेंट और विदेश में हॉयर स्‍टडी या फिर मेडिकल जैसी वजहें हो सकती हैं. वहीं उन्होंने कहा कि ग्रेजुएट प्रोगाम में ड्राप आउट होने की वजहों में कॉलेज का गलत सेलेक्‍शन, खराब शैक्षणिक प्रदर्शन, व्यक्तिगत और चिकित्सा वजह हो सकते हैं.

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First published: July 29, 2019, 6:50 PM IST
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