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यूनिवर्सिटीज में पढ़ाए जा रहे आजब- गजब कोर्स, कुंडली देख बताते हैं बीमारी, कराते हैं हिंदी में इंजीनियरिंग

News18Hindi
Updated: January 12, 2020, 1:15 PM IST
यूनिवर्सिटीज में पढ़ाए जा रहे आजब- गजब कोर्स, कुंडली देख बताते हैं बीमारी, कराते हैं हिंदी में इंजीनियरिंग
विश्वविद्यालयों में अजीब और रोचक तरह के विषयों की पढ़ाई कराई जाती है. इनकी फीस भी अन्य कोर्सों के मुकाबले ज्यादा होती है.

Unique Courses : देश भर के विश्वविद्यालयों (Universities) में कई तरह के अजीबो-गरीब, लेकिन रोचक विषयों (unique courses) की पढ़ाई कराई जाती है. जिनके बारे में शायद आपको जानकारी नहीं हैं. इन कोर्सों में दाखिले की फीस(Fees)भी काफी ज्यादा होती.

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Unique Courses :  देश के कई विश्वविद्यालयों ने अजीबो-गरीब और रोचक कोर्स शुरू किए हैं. इनमें कई तरह की पढ़ाई कराई जाती है. काशी हिंदू विश्वविद्यालय में 13 जनवरी के बाद से आयुर्वेद विभाग में एक नया सर्टिफिकेट कोर्स 'भूत विज्ञान' शुरू हो रहा है. इसी तरह से देश के कई विश्वविद्यालयों में ऐसे रोचक कोर्स कराए जाते हैं, जिनके बारे में हम आपको बता रहे हैं.

बनारस विश्वविद्यालय में होगी 'भूत विज्ञान' की पढ़ाई
विश्वविद्यालय में विभागाध्यक्ष यामिनी भूषण ने बताया कि एकेडमिक काउंसिल ऑफ काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने इस कोर्स को मान्यता भी दे दी है. इस कोर्स की फीस 50 हजार रुपये होगी और इसकी अवधि 6 महीने की होगी. कोर्स को शुरू करने के साथ ही पहले सत्र में विभाग ने इसकी कुल 10 सीटें निश्चित की हैं.



भूत विज्ञान में यह पढ़ाया जाएगा
इस कोर्स का नाम सुनकर आपको लगता होगा कि इसमें क्या पढ़ाया जाएगा तो हम आपको बता दें कि इसमें साइकोलॉजी, फिजियोलॉजी, एनाटॉमी, मेडिसिन विषय की पढ़ाई होगी.

कौन कर सकता है आवेदनभूत विज्ञान में अगर आप डिप्लोमा करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको मेडिकल ग्रेजुएट होना चाहिए. अन्य दूसरे स्ट्रीम के स्टूडेंट इस कोर्स में दाखिला नहीं ले सकते. इस कोर्स का उद्देश्य मानसिक बीमारी को भूत-प्रेत का असर मानने के अंधविश्वास को दूर करना है.

छात्र ज्योतिष से बताते हैं पेट में लड़का है या लड़की
देश के दिल कहे जाने वाले मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जीवाजी यूनिवर्सिटी में एमए ज्योतिर्विज्ञान की पढ़ाई कराई जाती है. दो साल के इस डिग्री प्रोग्राम में चार सेमेस्टर हैं. इस कोर्स की खासियत यह है कि यहां छात्रों को ज्योतिषीय गणना के द्वारा गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग बताने की कला सिखाई जाती है. कोर्स की दूसरी खासियत यह है कि कुंडली देख कर यह बताना सिखाया जाता है कि आगे व्यक्ति को कौन सा रोग हो सकता है और वह कैसे ठीक होगा. इस कोर्स की फीस 20 हजार रुपए है.

नेता बनना सिखाती है यह यूनिवर्सिटी
पंजाब यूनिवर्सिटी में एमए गवर्नमेंस एंड लीडरशिप प्रोग्राम की पढ़ाई कराई जाती है, जिसमें छात्रों को भाषण देना सिखाया जाता है. विश्वविद्यालय में इसकी कुल 15 सीट हैं. विश्वविद्यालय इसी विषय में एक डिप्लोमा कोर्स भी चलाता है. इसमें भी 15 सीटें हैं. इस कोर्स में छात्रों को चुनाव प्रक्रिया, कैंपेनिंग करना और भाषण देना, वोट बटोरने के लिए संवाद कला सिखाई जाती है.

यहां के छात्र मंत्रों से ठीक करते हैं डायबिटीज
राजस्थान में जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में मंत्र से चिकित्सा का कोर्स कराया जाता है. इस यूनिवर्सिटी में मंत्र प्रतिष्ठान के बैनर तले एडमिशन शुरू हो रहे हैं. इस विभाग में रिसर्च भी कराया जाता है. इस कोर्स में मधुमेह, ब्रेन, हार्ट सहित कई गंभीर बीमारियों का मंत्र के द्वारा इलाज करना सिखाया जाता है.

गर्भ संस्कार का कोर्स, हिंदी में इंजीनियरिंग
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में 2014 से गर्भ संस्कार तपोवन केंद्र खुला है.विश्वविद्यालय दावा करता है कि गर्भवती महिलाओं को हिंदू संस्कारों और गर्भ संवाद के जरिए स्वस्थ और बुद्धिमान शिशु पैदा करने में सहायता मिलेगी. इसके साथ ही इस विश्वविद्यालय में हिंदी में इंजीनियरिंग और एमबीए की पढ़ाई कराई जाती है.

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First published: January 12, 2020, 12:56 PM IST
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