69 हज़ार शिक्षक भर्ती मामले में नया विवाद, अब 'आंसर की' को लेकर असंतोष

69 हज़ार शिक्षक भर्ती मामले में नया विवाद, अब 'आंसर की' को लेकर असंतोष
दो प्रश्नों के जवाब को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने आपत्ति दर्ज कराई है.

आंसर की जारी होने के बाद दो प्रश्नों के उत्तर को लेकर कुछ अभ्यर्थी अभी भी संतुष्ट नहीं है. हालांकि, परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने शनिवार को आपत्तियों का निस्तारण करते हुए संशोधित अंतिम आंसर की जारी कर दी थी.

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नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश में परिषदीय प्राथमिक स्कूलो में 69 हज़ार शिक्षकों की भर्ती का मामला फिर से विवादित हो गया है. हाई कोर्ट द्वारा सरकार के पक्ष में फैसला सुनाए जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया था कि एक हफ्ते के अंदर सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए. इसी के तहत आंसर की जारी की गई थी. लेकिन अब इसे ही लेकर विवाद हो रहा है.

दो प्रश्नों को लेकर कुछ अभ्यर्थियों में है असंतोष-
दरअसल, लाइव हिंदुस्तान के मुताबिक आंसर की जारी होने के बाद दो प्रश्नों के उत्तर को लेकर कुछ अभ्यर्थी अभी भी संतुष्ट नहीं है. हालांकि, परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने शनिवार को आपत्तियों का निस्तारण करते हुए संशोधित अंतिम आंसर की जारी कर दी थी.

लाइव हिंदुस्तान के मुताबिक बलिया के ललित मोहन सिंह के अनुसार बुकलेट सीरीज बी के प्रश्न संख्या 14 'निम्नलिखित में से कौन-सा एक सामाजिक प्रेरक है' का जवाब विषय विशेषज्ञों ने आत्म-गौरव माना है. जबकि राज्य शिक्षा संस्थान की ओर से तैयार बीटीसी प्रथम सेमेस्टर बाल विकास एवं सीखने की प्रक्रिया में इसका जवाब प्रेम माना गया है.
अभ्यर्थियों की आपत्ति हुई खारिज-


वहीं बी सीरीज के ही प्रश्न संख्या 74 में पूछा है 'भारत में गरीबी का आकलन किस आधार पर किया जाता है.' इसका जवाब विषय विशेषज्ञों ने परिवार का उपभोग व्यय माना है. जबकि एनसीईआरटी की कक्षा 11 की किताब के अनुसार प्रति व्यक्ति व्यय सही जवाब होना चाहिए. इन दोनों ही प्रश्नों पर अभ्यर्थियों ने साक्ष्यों के साथ आपत्ति दर्ज कराई है. हालांकि, विषय विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर इन्हें खारिज कर दिया गया है. कुछ अभ्यर्थी ऐसे में फिर से कोर्ट जा सकते हैं. हालांकि, जिस तेजी के साथ शासन इस पर काम कर रहा है उससे यही लगता है कि इसी हफ्ते परिणाम आ जाएगा.
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