आठ साल के बच्‍चे को सीधे मिला 9वीं में दाखिला, जानें कैसे किया ये कमाल

नियम के अनुसार उत्‍तर प्रदेश बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा देने के लिये छात्र की उम्र 14 होनी चाहिए, लेकिन राष्‍ट्रम जैसे मेधावी छात्रों को 10 साल की उम्र में ही परीक्षा देने की अनुमति मिल जाती है.

News18Hindi
Updated: August 5, 2019, 10:25 AM IST
आठ साल के बच्‍चे को सीधे मिला 9वीं में दाखिला, जानें कैसे किया ये कमाल
लखनऊ के बच्‍चे ने क‍िया ये कमाल
News18Hindi
Updated: August 5, 2019, 10:25 AM IST
हुनर और प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं. विलक्षण प्रतिभा के धनी, 8 साल के राष्ट्रम आदित्य श्री कृष्ण उसकी मि‍साल हैं. राष्‍ट्रम को यूपी बोर्ड ने कक्षा 9वीं में सीधे प्रवेश लेने की विशेष अनुमति दे दी है. ऐसा होने के बाद राष्‍ट्रम, साल 2021 की मैट्रिक परीक्षा में सिर्फ 10 साल की उम्र में ही हिस्‍सा ले सकेंगे. राष्‍ट्रम, एम.डी शुक्‍ला इंटर कॉलेज से मैट्रिक की परीक्षा देंगे.

हालांकि नियम तो यह कहते हैं कि उत्‍तर प्रदेश बोर्ड के कक्षा 10वीं की परीक्षा में सिर्फ वही छात्र बैठ सकते हैं, जिन्‍होंने 14 साल की उम्र पूरी कर ली है. लेकिन राष्‍ट्रम के टैलेंट को देखते हुए उत्‍तर प्रदेश बोर्ड को उन्‍हें कम उम्र में ही कक्षा 10वीं की परीक्षा देने की अनुमति दे दी है.

बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्‍तव ने बताया कि राष्‍ट्रम के पिता को इसकी जानकारी दे दी गई है. राष्‍ट्रम के पिता पवन कुमार आचार्य, एक एस्‍ट्रोलॉजर हैं. उन्‍होंने कहा कि फिलहाल राष्‍ट्रम अपनी पढ़ाई पर फोकस कर रहा है. स्‍कूल की प्राइमरी शिक्षा उसे घर पर मिली है. मैंने और पत्‍नी ने मिलकर घर पर ही उसकी पढ़ाई पर मेहनत की है. राष्‍ट्रम की मैथ्‍स और सोशल साइंस की समझ अच्‍छी है और योग व मेडिशन में तो उसकी मास्‍टरी है. उसे हिन्‍दी और अंग्रेजी का भी ज्ञान है. कुछ हद तक वह फ्रेंच भाषा भी जानता है. हमने UP Board को आवेदन दिया था, जिसे उन्‍होंने स्‍वीकर कर लिया है.

राष्‍ट्रम के पिता का कहना है कि इस उम्र बच्‍चों का ध्‍यान खेलने में ज्‍यादा होता है. पर राष्‍ट्रम अलग है. वह दूसरे बच्‍चों से अलग है. उसका ज्‍यादा समय पढ़ाई में जाता है.

जिस स्‍कूल में राष्‍ट्रम का दाखिला होने जा रहा है, उसके प्रिंसिपल एन.एन उपाध्‍याय ने कहा कि राष्‍ट्रम के पिता पवन कुमार आचार्य कक्षा 9 में प्रवेश के लिए हमारे पास आए. लिहाजा शिक्षकों ने सामान्‍य प्रक्रिया के अनुसार राष्‍ट्रम का टेस्‍ट लिया. राष्‍ट्रम की काबिलियत को देखकर टीचर्य भी हैरान हैं. उसके टैलेंट को देखते हुए हमने बोर्ड को एक पत्र लिखा और बोर्ड की स्‍वीकृति मिलने के बाद ही सारी फॉमैलिटी पूरी की गई है. स्‍कूल डिस्ट्रिक इंस्‍पेक्‍टर मुकेश कुमार ने कहा कि कक्षा 9वीं में सीधे दाखिले के लिये बोर्ड ने राष्‍ट्रम को स्‍पेशल परमिशन दी है.

हालांकि इससे पहले साल 2007 में लखनऊ की रहने वाली सुष्‍मा वर्मा का नाम भी 'Limca Book of Records' में शामिल किया गया. सुष्‍मा देश की सबसे कम उम्र में मैट्रिक करने वाली छात्रा हैं. वह उस वक्‍त 7 साल की थीं. सुष्‍मा ने सिर्फ 13 साल की उम्र में ही BSc परीक्षा पास कर ली है. सुष्‍मा के बड़े भाई ने भी सिर्फ 14 साल की उम्र में ही BSc परीक्षा पास कर ली थी. फिलहाल वह बेंगलुरु में जॉब करने के साथ MCA भी कर रहे हैं.
First published: August 5, 2019, 9:59 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...