94% इंजीनियरों ने लॉकडाउन का इस्तेमाल अपना कौशल बढ़ाने के लिए किया: सर्वे

94% इंजीनियरों ने लॉकडाउन का इस्तेमाल अपना कौशल बढ़ाने के लिए किया: सर्वे
ये आंकड़े ब्रिजलैब्ज के एक सर्वे के मुताबिक हैं.

यह सर्वे देश भर में 10 से 14 अगस्त के बीच 1,100 से अधिक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के साथ ऑनलाइन साक्षात्कार पर आधारित है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 22, 2020, 8:56 PM IST
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नई दिल्ली. ज्यादार इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स ने कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान खाली वक्त का इस्तेमाल ऑनलाइन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए किया. एक सर्वे में यह बात कही गई.

इस वक्त का इस्तेमाल नया कौशल सीखने के लिए किया
ब्रिजलैब्ज के एक सर्वे के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान परंपरागत शिक्षा संस्थान बंद रहे, लेकिन इससे डिजिटल शिक्षा के नए आयाम खुले. सर्वे में 94 प्रतिशत इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स ने कहा कि उन्होंने घर पर रहने के दौरान इस वक्त का इस्तेमाल नया कौशल सीखने के लिए किया, ताकि हालात सामान्य होने पर उनका रिज्यूमे अधिक प्रभावशाली हो.

1,100 इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के साथ ऑनलाइन साक्षात्कार
यह सर्वे देश भर में 10 से 14 अगस्त के बीच 1,100 से अधिक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के साथ ऑनलाइन साक्षात्कार पर आधारित है. ब्रिजलैब्ज की स्थापना मौजूदा इंजीनियरों के बीच कौशल की कमी को पूरा की गई थी, ताकि उन्हें नौकरी के लिए अधिक बेहतर ढंग से तैयार किया जा सके.



ऑनलाइन लाइव सत्र अधिक उपयोगी
सर्वे में 42 प्रतिशत लोगों ने पाया कि किसी सवाल के समाधान के लिए ऑनलाइन लाइव सत्र अधिक उपयोगी है, जबकि 21 प्रतिशत ने ऑफलाइन कक्षाओं पर आधारित शिक्षा को बेहतर बताया.

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90 प्रतिशत नियमित, पूर्णकालिक नौकरी पसंद करते हैं
सर्वे में 72 प्रतिशत लोगों ने दूर रहकर काम करने की इच्छा जताई, जबकि 28 प्रतिशत लोग कार्यालय में जाकर काम करना चाहते थे. नौकरी के बारे में 90 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे नियमित, पूर्णकालिक नौकरी पसंद करते हैं.
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