NEET 2020 परीक्षा में 100 फीसदी अंक लाने के बाद भी आकांक्षा को मिली दूसरी रैंक, ये है वजह

आकांक्षा को 100 फीसदी अंक मिलने के बावजूद सेकेंड रैंक आई है.
आकांक्षा को 100 फीसदी अंक मिलने के बावजूद सेकेंड रैंक आई है.

आकांक्षा को 100 फीसदी अंक मिलने के बावजूद दूसरी रैंक आई हैै. शोएब आफताब को भी सौ फीसदी अंक मिले हैं और उनकी पहली रैंक आई है. जानिए क्यों....

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 17, 2020, 6:21 PM IST
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नई दिल्ली. NEET UG 2020 की प्रवेश परीक्षा का परिणाम आने के बाद ओडिसा के शोएब आफताब और उत्तर प्रदेश की आकांक्षा सिंह सिंह के बराबर अंक आए लेकिन शोएब को टॉपर करार दिया गया. शोएब और आकांक्षा दोनों को 720 में 720 अंक मिले लेकिन शोएब को पहली रैंक मिली और आकांक्षा को दूसरी रैंक मिली. ऐसा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की टाई ब्रेकर पॉलिसी की वजह से हुआ. टाई ब्रेकर के दौरान विषयों के अंक और गलत उत्तरों को देखा जाता है. दोनों स्टूडेंट्स को समान अंक मिले इसलिए उम्र के आधार पर रैंक तय की गई. शोएब की उम्र आकांक्षा से ज्यादा है इसलिए शोएब को पहली रैंक दी गई.

उम्र के आधार पर रैंक इसलिए तय की गई क्योंकि टाई ब्रेकर नियमों में ऐसा ही है. अगर दो स्टूडेंट्स के समान अंक आते हैं, तो सबसे पहले विषयों में आए नम्बरों की तुलना की जाती है. वहां भी स्थिति समान हो, तब उम्र के आधार पर परिणाम एक अंतिम विकल्प होता है. टाई ब्रेकर पॉलिसी में यही है. ज्यादा उम्र वाले अभ्यर्थी को कम उम्र वाले अभ्यर्थी पर प्राथमिकता देने का प्रावधान है और यही आकांक्षा सिंह के मामले में हुआ. शोएब से उम्र में छोटी होने के कारण आकांक्षा को दूसरी रैंक दी गई.

NEET परीक्षा टाई ब्रेकर पॉलिसी

  1. बायोलॉजी में सबसे ज्यादा अंक लाने वाले अभ्यर्थी को अन्य अभ्यर्थियों की तुलना में ऊपर माना जाएगा. अगर दो स्टूडेंट्स के मार्क्स एक जैसे आते हैं, तो दूसरे नम्बर की अप्रोच के साथ इसका हल किया जाएगा.



  2. जिस अभ्यर्थी के कैमिस्ट्री में सबसे ज्यादा मार्क्स आए हैं, उसे सबसे ऊपर माना जाएगा. अगर दो स्टूडेंट्स के एक जैसे मार्क्स आते हैं, तो तीसरी अप्रोच के तहत जाया जाएगा.

  3. तीसरे अप्रोच के अंतर्गत सभी विषयों में कम गलत उत्तर देने वाले अभ्यर्थी को सबसे ऊपर माना जाएगा. अगर यहाँ भी एक जैसे मार्क्स आते हैं, तो पॉलिसी चार के तहत जाया जाएगा.

  4. जो अभ्यर्थी उम्र में बड़े हैं, उन्हें कम उम्र वाले अभ्यर्थियों पर प्राथमिकता दी जाएगी.

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