10 हजार से ज्यादा टीचर्स की नियुक्ति रद्द, सरकार से लगाई मदद की गुहार

प्रयागराज में अनामिका शुक्ला के दस्तावेज पर नौकरी कर रही रीना की सेवा समाप्त कर दी गई है. (सांकेतिक चित्र)
प्रयागराज में अनामिका शुक्ला के दस्तावेज पर नौकरी कर रही रीना की सेवा समाप्त कर दी गई है. (सांकेतिक चित्र)

नौकरी (Jobs) गंवाने वाले 10323 टीचर्स की एसोसिएशन (Teachers Association) ने राज्य सरकार (State Government) से मांगी मदद.

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अगरतला. त्रिपुरा के दस हजार से ज्यादा टीचर्स काफी परेशान हैं. दरअसल, इन शिक्षकों की नियुक्ति रद्द कर दी गई है. इस मामले में टीचर्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है. नौकरी गंवाने के बाद इन सभी टीचर्स ने ऑल त्रिपुरा 10323 पीड़ित टीचर्स एसोसिएशन (All Tripura 10,323 Victimised Teachers Association) नामक एक संगठन बनाया है. इस संगठन के प्रेसिडेंट प्रदीप बानिक ने संवाददाताओं से बताया कि मानवीय सहायता के बावजूद वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. उन्हें तत्काल मदद की जरूरत है.

हाल ही में नौकरी गंवाने वाले इन शिक्षकों के संगठन ने शुक्रवार को राज्य सरकार से अपील कर कहा कि लॉकडाउन के दौरान उन्हे जीवन चलाने के लिए राहत राशि प्रदान करें. इन सभी को राज्य सरकार ने अप्रैल महीने में एक बार 35 हजार रुपए की अनुग्रह राशि दी थी.

लेफ्ट के शासनकाल में हुई थी नियुक्ति
हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार, त्रिपुरा में सीपीआई (एम) लेफ्ट के शासनकाल के दौरान चरणों में 10 हजार से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी. इसके नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी और 2014 में त्रिपुरा हाईकोर्ट ने नियुक्ति की प्रक्रिया को दोषपूर्ण बताते हुए इनकी सेवा समाप्त कर दी. हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद लेफ्ट की सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई. लेकिन शीर्ष अदालत ने 2017 मार्च में हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा.
31 मार्च को खत्म हो रहा है कार्यकाल


इन 10323 शिक्षकों में से कई को नौकरियां मिल गई हो. लेकिन फिलहाल 8,882 शिक्षक वैसे हैं जिनकी नौकरी का वर्तमान कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हो रहा है. प्रदेश के सीएम ने कहा था कि इन शिक्षकों को 35,000 रुपये का भत्ता एक बार मिलेगा.

राज्य सरकार ने फाइल की है स्पेशल पीटीशन
सीएम ने साथ में यह भी बताया था कि राज्य सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के पास स्पेशल पीटीशन फाइल किया है. जिसमें अस्थायी शिक्षकों को स्थायी गैर शिक्षण पदों पर नियुक्त करने की मांग की गई है. सीएम का कहना है कि राज्य सरकार इनकी समस्या सुलझाने का हर संभव प्रयास करेगी.

 

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