जानिए कितने पढ़े-लिखे थे पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली

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Updated: August 24, 2019, 3:06 PM IST
जानिए कितने पढ़े-लिखे थे पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली
जेटली का स्‍वास्‍थ्‍य 18 महीने से खराब चल रहा था.

अरुण जेटली दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान काफी एक्टिव रहे. उन्होंने कई आंदोलनों में खुलकर भाग लिया.

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अलविदा अरुण जेटली: पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने 24 अगस्त दोपहर 12 बजकर 07 मिनट पर AIIMS में आखिरी सांस ली. बीजेपी (BJP) के वरिष्‍ठ नेता जेटली को कुछ दिन पहले सांस लेने में परेशानी के चलते AIIMS में भर्ती कराया गया था. जानिए कितने पढ़े-लिखे थे हमारे पूर्व वित्त मंत्री. जानिए

28 दिसंबर 1952 को दिल्ली में जन्मे अरुण जेटली के पिता महाराज किशन जेटली पेशे से वकील और मां रतन प्रभा जेटली हाउस वाइफ थी. किशन और रतन के बेटे की पढ़ाई 1957 से 69 तक दिल्ली के सेंट ज़ेवियर स्कूल से हुई. स्कूल के बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के 'श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स' से 1973 में B.COM में ऑनर्स डिग्री ली. इसके बाद उन्होंने 1977 में दिल्ली यूनिवर्सिटी की फैकल्टी ऑफ लॉ से LLB की डिग्री ली.

70 के दशक में वे दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस में ABVP के स्टूडेंट लीडर रहे. 1974 में दिल्ली यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट यूनियन के प्रेजिडेंट भी रहे. आंतरिक आपातकाल (1975-77) के दौरान जब मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया, तो वे 19 महीने की अवधि के लिए निवारक निरोध (under preventive detention) के तहत रहे.

अरुण जेटली के निधन की सूचना


अरुण जेटली दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान काफी एक्टिव रहे. उन्होंने कई आंदोलनों में खुलकर भाग लिया. साथ ही Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad से भी जुड़े रहे.

भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन
अरुण जेटली, राज नारायण और जयप्रकाश नारायण द्वारा साल 1973 में शुरू किए गए भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन के प्रमुख नेता भी रहे. वे जयप्रकाश नारायण द्वारा नियुक्त छात्र और युवा संगठन की राष्ट्रीय समिति के संयोजक भी रहे. इसके अलावा जेटली नागरिक अधिकार आंदोलन (civil rights movement ) में भी सक्रिय रहकर सतीश झा और स्मितु कोठारी के साथ पीयूसीएल बुलेटिन खोजने में मदद करते थे.
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अखिल भारतीय सचिव 
1977 में लोकतांत्रिक युवा मोर्चा का संयोजक होने के नाते, जब कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा तो जेटली को दिल्ली एबीवीपी का अध्यक्ष और एबीवीपी का अखिल भारतीय सचिव नियुक्त किया गया. फिर उन्हें 1980 में भाजपा की युवा शाखा (youth wing of the BJP) का अध्यक्ष और दिल्ली इकाई (secretary of the Delhi Unit ) का सचिव बनाया गया.

करियर का शुरुआती दौर
जेटली ने 1987 से भारत के सर्वोच्च न्यायालय से पहले देश के कई उच्च न्यायालयों में लॉ  प्रैक्टिस की. जनवरी 1990 में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें सीनियर एडवोकेट की उपाधी दी. 1989 में वी. पी. सिंह सरकार ने उन्हें एडीशनल सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया और बोफोर्स घोटाले की जांच में कागजी कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी.

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First published: August 24, 2019, 2:50 PM IST
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