बैंक इंप्लॉई के लिए जरूरी खबर: वित्त मंत्री ने कहा, स्थानीय भाषाओं को समझने वाले अधिकारियों का कैडर तैयार करें बैंक

शाखा में स्थानीय लोग आते हैं, पर वहां काम कर रहे अधिकारी स्थानीय भाषा बोल पाने में असमर्थ होते हैं. (सांकेतिक तस्वीर)
शाखा में स्थानीय लोग आते हैं, पर वहां काम कर रहे अधिकारी स्थानीय भाषा बोल पाने में असमर्थ होते हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

सीतारमण ने कहा, ‘‘हमें ऐसे लोगों के कैडर की जरूरत है जो उस राज्य की भाषा समझ सके जहां उनकी तैनाती होती है.’’

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 2, 2020, 6:37 PM IST
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नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीमारमण ने बृहस्पतिवार को बैंकों से ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के लिये क्षेत्रीय भाषाओं को समझने और उसमें बातचीत करने वाले अधिकारियों का कैडर बनाने को कहा. उन्होंने कहा कि यह सही मायने में उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवाओं जैसी अखिल भारतीय सेवाओं के समरूप बनाएगा. वित्त मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अधिकारियों के लिये सतर्कता निरोधक मोड्यूल समेत प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रम शुरू किये जाने के मौके पर यह बात कही.

स्थानीय भाषा सीखने की जरूरत
सीतारमण ने कहा कि कई क्षेत्रों में हिंदी समझी नहीं जाती. उनके अधिकारियों को अभी भी ग्राहकों की सेवा करने के लिए स्थानीय भाषा सीखने की जरूरत है. ऐसे में बैंकों का यह दावा करने का कोई मतलब नहीं है कि वे अखिल भारतीय स्तर पर उनकी उपस्थिति है. उन्होंने कहा, ‘‘हमें ऐसे लोगों के कैडर की जरूरत है जो उस राज्य की भाषा समझ सके जहां उनकी तैनाती होती है.’’

 बैंकों में नियुक्ति अखिल भारतीय स्तर पर 
वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों में नियुक्ति अखिल भारतीय स्तर पर होती है. लेकिन अधिकारियों की नियुक्ति अगर वैसे राज्य में दूर-दराज क्षेत्र में होती है, जहां हिंदी नहीं बोली जाती और वे स्थानीय भाषा बोल नहीं पाते.



अधिकारी स्थानीय भाषा बोल पाने में असमर्थ 
उन्होंने कहा, ‘‘...मेरे पास ऐसे कुछ मामले आये जिससे यह पता चला कि शाखा में स्थानीय लोग आते हैं, पर वहां काम कर रहे अधिकारी स्थानीय भाषा बोल पाने में असमर्थ होते हैं.’’

नियुक्ति के मामले में भाषा में विशेषज्ञता प्राप्त हो
सीतारमण के अनुसार इसीलिए अधिकारियों खासकर नई नियुक्ति के मामले में यह जरूरी है कि स्वेच्छा के आधार यह निर्णय किया जाए कि वे किस भाषा में विशेषज्ञता प्राप्त करना चाहते हैं.

क्षेत्रीय भाषा में बैंक अधिकारियों के सहज नहीं होने के मामला
उल्लेखनीय है कि पिछले साल संसद में दक्षिणी राज्यों के कई सदस्यों ने क्षेत्रीय भाषा में बैंक अधिकारियों के सहज नहीं होने के मामला उठाया था. उस समय वित्त मत्री ने कहा थ कि वह कर्नाटक जैसे दक्षिणी राज्यों के सांसदों की मांग पर गौर कर रही हैं कि नियुक्ति परीक्षा स्थानीय भाषा में भी हो.

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एक से अधिक भाषा सीखने की संभावना
इस मौके पर मुख्य सतर्कता आयुक्त संजय कोठारी ने कहा कि सिविल सेवा की तरह बैंक क्षेत्र में मातृभाषा के अलावा एक से अधिक भाषा सीखने की संभावना टटोली जानी चाहिए ताकि लोगों की बातों को अच्छी तरह से समझ जा सके.
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