New Education Policy: नई शिक्षा नीति को लेकर पश्चिम बंगाल में 6 सदस्यीय पैनल गठित

New Education Policy: नई शिक्षा नीति को लेकर पश्चिम बंगाल में 6 सदस्यीय पैनल गठित
नई शिक्षा नीति को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है.

केंद्र सरकार ने 34 साल पुरानी व्यवस्था को बदलते हुए नई शिक्षा नीति (New Education Policy) का ऐलान किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 3:10 PM IST
  • Share this:
कोलकाता. पश्चिम बंगाल सरकार ने नई शिक्षा नीति की स्टडी करने के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया है. इस समिति में जादवपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर सुरंजन दास, रिटायर्ड प्रोफेसर और टीएमसी सांसद सौगता रॉय और शिक्षाविद् पबित्रा सरकार शामिल हैं. केंद्रीय कैबिनेट ने भी 34 साल की व्यवस्था को बदलकर लागू की गई न्यू एजुकेशन पॉलिसी को मंजूरी दे दी है. बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने नई एजुकेशन पॉलिसी को पश्चिमी देशों की नकल करार दिया था.

समिति 15 अगस्त तक देगी रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने बताया, समिति नई शिक्षा नीति में शामिल कई बिंदुओं की बारीकी से पड़ताल करेगी. समिति 15 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट पेश कर देगी. उन्होंने साथ ही कहा कि हम इस मामले में स्कूल टीचर्स और यूनिवर्सिटीज के प्रोफेसर्स के विचार भी जान रहे हैं. एक बार जब कमेटी रिपोर्ट पेश कर देगी, हम नई शिक्षा नीति के बारे में अपने विचार से केंद्र सरकार को अवगत करा देंगे.

ये भी पढ़ें
पश्चिम बंगाल राज्य संयुक्त प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट 7 Aug को, काउंसलिंग ऑनलाइन


सरकारी स्कूल: किस्से और कहानियों के सहारे बच्चे बन रहे अच्छे भारतीय

29 जुलाई को नई शिक्षा नीति को मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट ने 29 जुलाई को नई एजुकेशन पॉलिसी को मंजूरी दी थी. इसने 1986 की पुरानी एजुकेशन पॉलिसी की जगह ली. इसके तहत दसवीं और बारहवीं बोर्ड की परीक्षाओं को भी रीडिजाइन किया गया है. नई पॉलिसी के अनुसार, स्टूडेंट्स के पास एक साल में दो बार एग्जाम देने का मौका होगा. इसके अलावा एम फिल को खत्म कर दिया गया है. पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने नई शिक्षा नीति को लेकर सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने राज्य सरकारों को विश्वास में लिए बगैर नई नीति बनाने की निंदा की.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज