बड़ी खबर: सर्वे में हुआ खुलासा, 83 फीसदी पैरेंट्स चाहते हैं बच्चों को स्कूल भेजना

बड़ी खबर: सर्वे में हुआ खुलासा, 83 फीसदी पैरेंट्स चाहते हैं बच्चों को स्कूल भेजना
83 फीसदी पैरेंट्स चाहते हैं बच्चों को स्कूल भेजना.

ऑनलाइन सर्वे करीब 76,019 छात्रों के पैरेंट्स पर कराया गया था. स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट द्वारा करवाए गए इस सर्वे में यह भी सामने आया कि 83 फीसदी पैरेंट्स अपने बच्चों को सितंबर से स्कूल भेजने को तैयार भी हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 7, 2020, 1:48 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus Pandemic) के कारण पिछले चार महीनों से स्कूल कॉलेज बंद पड़े हुए हैं. सरकार लगातार इन कोशिशों में लगी है कि स्कूलों को फिर से खोला जाए. इसके लिए तरह तरह विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है. हालांकि, कुछ दिन पहले ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने घोषणा की थी कि बिना पैरेंट्स की इच्छा के स्कूलों को नहीं खोला जाएगा. केंद्र सरकार भी इस बात पर लगातार विचार कर रही है कि कैसे स्कूलों को खोला जाए.

ऑनलाइन सर्वे में हुआ खुलासा
इसी बीच हरियाणा में हुए एक सर्वे में सामने आया है कि 85 फीसदी 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के पैरेंट्स चाहते हैं कि स्कूलों को फिर से खोल दिया जाए. उनका मानना है कि महामारी के बावजूद स्कूलों को खोल दिया जाना चाहिए. यह ऑनलाइन सर्वे करीब 76,019 छात्रों के पैरेंट्स पर कराया गया था. स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट द्वारा करवाए गए इस सर्वे में यह भी सामने आया कि 83 फीसदी पैरेंट्स अपने बच्चों को सितंबर से स्कूल भेजने को तैयार भी हैं.

पैरेंट्स से पूछे गए सवाल
सर्वे के लिए शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 22 जिलों में से कुछ जिलों को स्कूलों को चुना जिसमें पढ़ने वाले छात्रों के पैरेंट्स से स्कूलों को दोबारा खोले जाने को लेकर सवाल पूछ गए. पैरेंट्स से चार सवाल पूछे गए- पहला, क्या स्कूलों को सितंबर महीने से खोल देना चाहिए. दूसरा- क्या माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं. तीसरा- क्या घर की किसी सदस्य का कोविड टेस्ट हुआ है. और चौथा- क्या घर को कोई व्यक्ति कोविड पॉजिटिव पाया गया है.





दो स्कूलों पर किया जाएगा ट्रायल
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्होंने दो स्कूलों के लिए ट्रायल रन करने की योजना बनाई है. ये दोनों स्कूल सीनियर सेकेंडरी स्कूल होंगे. ये दोनों स्कूल चार चार दिनों के लिए खोले जाएंगे. इसके लिए तारीखें पहले ही बात दी जाएंगी. ट्रायल के दौरान कैमरे की मदद से स्कूल को फंक्शनिंग को देखा जाएगा कि बच्चे कैसे स्कूल आए, कैसे क्लास अटेंड की, कैसे स्कूल से गए, क्या वे इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग मेनटेन कर पाए या नहीं.

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सात सदस्यीय टीम करेगी मॉनीटर
हेल्थ एंड सैनिटाइजेशन एक्सपर्ट्स की सात सदस्यों की टीम इसे मॉनीटर करेगी और किसी भी तरह की गलती होने पर टीचर्स को आगाह किया जाएगा ताकि वे अगल दिन इसमें सुधार कर सकें. सरकार 21 सितंबर से स्कूलों को खोलने की योजना बना रही है क्यों केंद्र सरकार ने कहा है कि 21 सितंबर से कंटेनमेंट जोन से बाहर के छात्र गाइडेंस के लिए टीचर्स से मिल सकते हैं. हालांकि, छात्रों को अपने पैरेंट्स की ओर से एक लिखित स्वीकृति पत्र देना होगा.
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