Bihar Board BSEB 10th Result 2020 : ये हैं वो टॉपर्स जिनके कारण पिट चुकी है बिहार बोर्ड की भद, जानें इनके नाम

Bihar Board BSEB 10th Result 2020 : ये हैं वो टॉपर्स जिनके कारण पिट चुकी है बिहार बोर्ड की भद, जानें इनके नाम
इन टॉपर्स ने खोली Bihar Board की पोल (फाइल फोटो)

बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2020ः बिहार बोर्ड (Bihar Board Matric Results 2020) टॉपर्स के मुद्दे पर कई बार फजीहत झेल चुका है, क्योंकि जब भी कोई रिजल्ट प्रकाशित होता है तो कुछ ना कुछ विवाद हमेशा ही जुड़ता रहा है.

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पटना. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (Bihar School Examination Board) द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा के परिणाम (Result of Matriculation Examination) जारी होने को लेकर बीते कई दिनों तक दुविधा की स्थिति बनी रही. रिजल्ट कब जारी होगा इसको लेकर बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर (Anand Kishor) को छोड़ कोई और अधिकारी ये बताने में सक्षम नहीं थे कि रिजल्ट कब घोषित होंगे. अंतत: सोमवार को शिक्षा विभाग ने इसपर स्पष्टीकरण जारी किया कि मंगलवार को परिणाम घोषित हो जाएंगे. हालांकि एक सवाल जो मीडिया (Media) से लेकर तमाम छात्रों और शिक्षाविदों के जेहन में बार-बार उठता रहा, वो ये कि आखिर क्या वजह रही जो बोर्ड बीते एक हफ्ते से दुविधा में रहा. न्यूज 18 को मिली जानकारी के अनुसार कुछ तकनीकी दिक्कतों के साथ ही टॉपर्स की सूची (Toppers list) पर बोर्ड कंफर्म होना चाहता था कि कहीं कोई गड़बड़ी न रह जाए.


दरअसल बिहार बोर्ड (Bihar Board) टॉपर्स के मुद्दे पर कई बार फजीहत झेल चुका है क्योंकि जब भी कोई रिजल्ट प्रकाशित होता है तो कुछ ना कुछ विवाद हमेशा ही जुड़ता रहा है. बता दें कि बिहार बोर्ड के कई टॉपर्स ऐसे हैं जिनका रिजल्ट घोषित होने के बाद बिहार बोर्ड के कारनामों की पोल खुली है. आइये ऐसे ही कुछ प्रकरण को एक बार फिर जानते हैं.


गणेश ने खोली थी बिहार बोर्ड की पोल
वर्ष 2017 में गणेश नाम के छात्र ने ने आर्ट्स में टॉप किया था. उसको हिंदी में 100 में से 80 अंक, संगीत में 100 में से 83, सामाजिक विज्ञान में 100 में से 80 अंक और मनोविज्ञान में 100 में से 50 अंक एनआरए में 50 में से 42 और एमएएल में 50 में से 36 अंक प्राप्त किए थे. लेकिन, संगीत विषय में टॉप करने वाले गणेश को संगीत का बिल्कुल भी ज्ञान नहीं था. जिसके बाद बोर्ड की फजीहत हुई.



 





साइंस टॉपर को इलेक्ट्रॉन-प्रोटान भी नहीं था पता
वर्ष 2016 में साइंस में टॉप करने वाले सौरभ को 500 में से 485 अंक मिले थे, लेकिन जब उनसे साइंस से जुड़े आसान सवाल किए गए तो वो जवाब नहीं दे पाए थे. साइंस टॉपर सौरभ श्रेष्ठ को इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन के बारे में ही पता नहीं था. यहां भी बोर्ड ये साबित करने में नाकामयाब रहा कि उसका टॉपर सही है.

आर्ट्स टॉपर को अपने सब्जेक्ट का नाम भी नहीं था पता
साल 2016 में इंटर आर्ट्स टॉपर रूबी अपने विषय तक का नाम ठीक से नहीं बता सकी थी. उन्होने पॉलिटिकल साइंस को न केवल 'प्रोडिगल साइंस' बताया था बल्कि कहा था कि इसमें खाना बनाना सिखाया जाता है. बता दें कि रिजल्ट में अनियमितता सामने आने के बाद जब बिहार बोर्ड ने कई टॉपर्स का दोबारा टेस्ट लिया तो उसमें रूबी राय, सौरभ श्रेष्ठ और राहुल कुमार फेल हो गए. बोर्ड ने इन तीनों का रिजल्ट रद्द कर दिया था.

वर्ष 2018 में भी सामने आया था बोर्ड से जुड़ा विवाद
बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट 2018 के नतीजे आने के बाद टॉपर कल्पना कुमारी विवादों में घिर गईं थीं.  साइंस स्ट्रीम में टॉप करने वाली कल्पना कुमारी की उपस्थिति स्कूल में 75 प्रतिशत से कम थी.इसके बाद सवाल उठाया गया कि इतनी कम उपस्थिति के बाद उसे परीक्षा देने की अनुमति कैसे मिली.

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First published: May 26, 2020, 11:45 AM IST
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