JEE Main Exam 2020 : बाढ़ग्रस्त इलाकों के स्टूडेंट्स को बड़ी राहत, एग्जाम के लिए दोबारा कर सकते हैं अप्लाई

JEE Main Exam 2020 : बाढ़ग्रस्त इलाकों के स्टूडेंट्स को बड़ी राहत, एग्जाम के लिए दोबारा कर सकते हैं अप्लाई
कोर्ट ने ये भी कहा कि महाराष्ट्र के विदर्भ के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में रहने वाला कोई छात्र अगर देरी से परीक्षा केंद्र पर पहुंचता है तो वह एनटीए के पास फिर से परीक्षा करवाए जाने के लिए अप्लाई कर सकता है.

कोर्ट ने ये भी कहा कि महाराष्ट्र के विदर्भ के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में रहने वाला कोई छात्र अगर देरी से परीक्षा केंद्र पर पहुंचता है तो वह एनटीए के पास फिर से परीक्षा करवाए जाने के लिए अप्लाई कर सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 1, 2020, 3:45 PM IST
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नई दिल्ली. बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच (Nagpur Bench of Bombay High Court) ने मंगलवार को जेईई मेन परीक्षा (JEE Main Exam) पर रोक लगाने से मना कर दिया. हालांकि, कोर्ट ने ये भी कहा कि महाराष्ट्र के विदर्भ के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र (Flood-hit Area of Vidarbha in Maharashtra) में रहने वाला कोई छात्र अगर परीक्षा केंद्र पर नहीं पहुंच पाता है या देरी से पहुंचता है तो वह एनटीए के पास फिर से परीक्षा करवाए जाने के लिए अप्लाई कर सकता है.

एनटीए एप्लीकेशन के 15 दिनों के भीतर लेगा फैसला

जस्टिस रवि देशपांडे और जस्टिस पुष्पा गनेडीवाला ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी इन आवेदनों पर ज़रूर विचार करेगा और उसी ध्यान में रखते हुए फैसला लेगा. बता दें कि पूरे देश में आज यानी 1 सितंबर को सुबह 9 बजे से परीक्षा शुरू हो गई है. आगे कोर्ट ने कहा कि बाढ़ की वजह से काफी जिलों में इस वक्त हालात काफी खराब है. इसकी वजह से स्टूडेंट को दिक्कत नहीं होनी चाहिए क्योंकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है.


सेंटर को-ऑर्डिनेटर के जरिए दे सकेंगे आवेदन


कोर्ट ने कहा कि कोई भी छात्र अपने सेंटर के को-ऑर्डिनेटर के जरिए एनटीए के पास एप्लीकेशन फाइल कर सकता है. इसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी संबंधित जिले के जिलाधिकारी से बातचीत करके 15 दिनों के भीतर इस बारे में फैसला करेगी.

छात्र द्वारा लिखे पत्र का कोर्ट ने लिया था संज्ञान
इससे पहले हाईकोर्ट ने सोमवार को एक छात्र द्वारा लिखे लेटर का संज्ञान लिया था. भंडारा जिले के रहने वाले नितेश नाम के इस छात्र ने बाढ़ग्रस्त इलाकों में रहने वाले कैंडीडेट्स के लिए चिंता जताई थी कि वे कैसे सेंटर तक पहुंचेंगे. इसलिए नितेश ने परीक्षा को टालने की मांग की थी. छात्र ने कहा कि नागपुर, अमरावती, अकोला, चंद्रपुर, गोंडिया और गढ़चिरौली जैसे बाढ़ ग्रस्त जिलों में परीक्षा को टाल देना चाहिए.

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सोमवार को कोर्ट ने केंद्र सरकार, महाराष्ट्र सरकार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को जेईई-मेन परीक्षा को बाढ़ग्रस्त इलाकों के लिए टालने पर विचार करने को कहा था.
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