कड़ा इम्तिहान: एग्जाम से एक घंटे पहले हुई पिता की मौत, बोर्ड परीक्षा में हासिल किए 88 अंक

कड़ा इम्तिहान: एग्जाम से एक घंटे पहले हुई पिता की मौत, बोर्ड परीक्षा में हासिल किए 88 अंक
सीबीएसई के नतीजे 15 जुलाई को जारी किए गए.

अर्थव ने कहा, पेपर के वो तीन घंटे मेरी जिंदगी का अब तक का सबसे मुश्किल वक्त था. मेरे सामने बार बार पापा का चेहरा आ रहा था.

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अथर्व जोशी की जिंदगी का सबसे दुखद दिन वही था, जब उनके सिर से पिता का साया उठा. लेकिन उसी दिन उनका 10वीं क्लास का मैथ्स का पेपर था. इसी मातम भरे दिन उन्हें पेपर में अपना बेस्ट भी देना था. पिता की मौत के महज एक घंटा बाद ही वे 10वीं के सीबीएसई बोर्ड एग्जाम में बैठे थे. पढ़ें उन्हीं की कहानी.

16 साल के अर्थव लोक पुरम पब्लिक स्कूल से हैं. पिता की मौत के फौरन बाद, उसी गम की घड़ी में पेपर लिखा. टाइम्स आफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अर्थव ने उस पेपर में 88 नंबर हासिल किए हैं.

अचानक मौत
अथर्व की मां सुनिला जोशी ने बताया कि वह दिन अब भी हमें झकझोरता है, क्योंकि मेरे 52 साल के पति की मौत अचानक हुई थी. उन्होंने पिछली रात हमारे साथ खाना खाया था और मैंने जो सब्जी पकाई, उसकी भी तारीफ की थी. वह स्वस्थ थे और किसी बेचैनी की शिकायत भी नहीं की थी. सुबह वह जवाब नहीं दे रहे थे. क्योंकि उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था. मैंने चिल्लाकर अथर्व को अलर्ट किया. उसने महसूस किया कि उसके पिता बेजान थे. जब उनकी जाँच हुई तो दिल की धड़कन नहीं थी.
हिम्मत से लिया काम


अथर्व बुरी तरह रो रहा था. लेकिन मां ने उसे शांत करते हुए मजबूत होने के लिए कहा. क्योंकि उसे एक घंटे में पेपर के लिए उपस्थित होना था. उन्होंने महसूस किया कि अगर पिता होंगे वह यह सुनकर परेशान हो जाएंगे कि उनका बेटा उनकी वजह से परीक्षा में शामिल नहीं हुआ. इसके बाद उसने हिम्मत से काम लिया.

मौत के एक घंटे बाद पेपर
पिता के निधन की खबर के एक घंटे में किशोर किसी बाद वह तरह तैयार होकर परीक्षा के लिए रवाना हुआ. उन्हें यह भी अपराधबोध रहा कि जब वे एक ही कमरे में थे. और वह एयर कंडीशनर को बंद करने के लिए रात में उठा था तो पिता को चेक क्यों नहीं किया.

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पेपर के 3 घंटे सबसे मुश्किल वक्त
अर्थव ने कहा, पेपर के वो तीन घंटे मेरी जिंदगी का अब तक का सबसे मुश्किल वक्त था. मेरे सामने बार बार पापा का चेहरा आ रहा था. बस किसी तरह मैंने पेपर पूरा किया. पेपर से वापस आने पर उन्हें पिता के लिए आखिरी फर्ज भी निभाना था. अब मैथ्स में 88 नंबर देखकर अर्थव को यकीन नहीं हुआ. उनकी कुल परसेंटेज 81.2% है. अर्थव की ये कहानी ठाणे (Thane), महाराष्ट्र की है.
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