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अगले 5 साल में खुलेंगे IIT और IIM जैसे 50 नए संस्थान, इस बार के शिक्षा बजट में होगा काफी कुछ नया- जानें

अगले 5 साल में खुलेंगे IIT और IIM जैसे 50 नए संस्थान, इस बार के शिक्षा बजट में होगा काफी कुछ नया- जानें

फाइल फोटो

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5 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पूर्ण बजट पेश करने वाली हैं. इसमें शिक्षा के क्षेत्र में कुछ अहम घोषणाएं हो सकती हैं. सरकार हाईअर एजुकेशन में नए संस्थान स्थापित करने के साथ स्कूली शिक्षा में बदलाव पर फोकस कर सकती है.

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 5 जुलाई को पूर्ण बजट पेश करने वाली हैं. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले पूर्ण बजट में क्या-क्या खास रहने वाला है, इसके कयास अभी से लगाए जाने शुरू हो गए हैं. खासकर छात्रों और युवाओं को ध्यान में रखते हुए बजट में शिक्षा के क्षेत्र में सरकार क्या करने जा रही है, ये जानना जरूरी है. इस बार के शिक्षा बजट में सरकार कुछ अहम घोषणाएं कर सकती हैं. इसके पहले पीयूष गोयल के पेश किए अंतरिम बजट में शिक्षा के क्षेत्र में बजट आवंटन में 10 फीसदी का इजाफा हुआ था.

    मोदी सरकार नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2019 के जरिए शिक्षा व्यवस्था में सुधार के प्रयास कर रही है. इसके जरिए स्कूली शिक्षा से लेकर हाईअर एजुकेशन तक में बदलाव लाया जाएगा. परीक्षा के मौजूदा सिस्टम में भी फेरबदल संभव है. मोदी सरकार शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए कुछ अहम घोषणाएं कर सकती है. सरकार जिन मुद्दों पर विशेष ध्यान दे सकती हैं वो ये हो सकते हैं-



    शिक्षा बजट में इन बातों पर रहेगा फोकस

    -बजट में सरकार केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालयों की संख्या बढ़ा सकती है. 2024 तक ऐसे 200 और स्कूल खोले जाने का लक्ष्य रखा गया है.

    -सेंट्रल लॉ कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, साइंस और मैनेजमेंट इंस्टीट्यूशन में अगले 5 साल में कम से कम 50 फीसदी सीटें बढाई जा सकती हैं. इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे. राज्य सरकारों को भी सीटें बढ़ाने को प्रेरित किया जाएगा.

    -हाईअर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन की संख्या बढ़ाने पर काम होगा. सरकार अगले 5 साल में कम से कम 50 ऐसे संस्थान तैयार कर सकती है.

    -टीचर्स की ट्रेनिंग के लिए विशेष प्रशिक्षण संस्थान खोले जाएंगे. इन संस्थानों में 4 साल का कंबाइड कोर्स होगा. शिक्षकों के प्रशिक्षण पर बल दिया जाएगा.

    -छात्रों के लिए स्मार्ट क्लासेज की शुरुआत की जाएगी. इसमें नई तकनीक से पढ़ाई पर जोर होगा.

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण


    -स्कूली शिक्षा को मजबूत करने के लिए और उसे आधुनिक बनाने के लिए वैज्ञानिक नजरिए के साथ विकास पर ध्यान दिया जाएगा. स्कूली पढ़ाई को ज्यादा आसानी से समझने वाली बनाई जाएगी. साथ ही सरकार टीचर्स के ट्रेनिंग पर भी ध्यान देगी.

    -सरकार की योजना प्रधानमंत्री इनोवेटिव लर्निंग प्रोग्राम की शुरूआत करने की है. इसमें देशभर के टैलेंटेड बच्चों को एक जगह इकट्ठा किया जाएगा. बच्चों में मौलिक सोच को बढ़ावा देने के लिए सरकार इनोवेशन की संस्कृति विकसित करेगी.

    -सरकार ऑनलाइन एजुकेशन पर फोकस करेगी. इसे विस्तार से लागू किया जाएगा.

    -सभी मिडिल स्कूलों को ऑपरेशनल डिजिटल बोर्ड के तहत लाने की दिशा में काम किया जाएगा.

    -रिवाइटलाइजिंग ऑफ इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड सिस्टम्स इन एजुकेशन (RISE) के जरिए उच्च शिक्षा में 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश होगा.

    प्रतीकात्मक फोटो


    1 फरवरी को पेश हुए अंतरिम बजट में शिक्षा के क्षेत्र में 2019-20 के लिए 93,847.64 करोड़ के खर्च का प्रावधान किया गया था. इसमें 37,461.1 करोड़ रुपए हाईअर एजुकेशन पर खर्च करने के लिए दिए गए थे. जबकि 56,386.63 करोड़ रुपए स्कूली शिक्षा पर खर्च करने के लिए दिए गए थे. सरकार ने रिसर्च पर खर्च करने के लिए अलग से पैसे दिए हैं. रिसर्च और इससे संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर पर अगले 4 साल में 1 लाख करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है.

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    Tags: Budget 2019, College education, Job and career, Modi government, Modi Government Budget, Narendra modi, Nirmala sitarama, Nirmala Sitaraman, Nirmala sitharaman, Union Budget 2019

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