HC का प्राइवेट स्कूलों को निर्देश, 20 प्रतिशत कम करें ट्यूशन फीस

सुविधाओं के इस्तेमाल के लिए गैर जरूरी शुल्क की अनुमति नहीं. (फाइल फोटो)
सुविधाओं के इस्तेमाल के लिए गैर जरूरी शुल्क की अनुमति नहीं. (फाइल फोटो)

अदालत ने आदेश दिया कि वित्त वर्ष 2020-21 में कोई फीस वृद्धि नहीं होगी.

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  • Last Updated: October 14, 2020, 3:27 PM IST
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नई दिल्ली. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने यहां के 145 निजी स्कूलों को आदेश दिया कि वे कम से कम 20 प्रतिशत ट्यूशन फीस कम करने की पेशकश करें. इसने साथ ही कहा कि सुविधाओं के इस्तेमाल के लिए गैर जरूरी शुल्क की अनुमति नहीं होगी.

निजी स्कूल कम से कम 20 प्रतिशत फीस कम करें
उल्लेखनीय है कि शहर के 145 निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल फीस में कमी करने का अनुरोध करते हुए याचिका दायर की थी. उनका कहना था कि कक्षाएं केवल ऑनलाइन चल रही हैं.

कलकत्ता उच्च न्यायालय का आदेश
अदालत ने आदेश दिया कि वित्त वर्ष 2020-21 में कोई फीस वृद्धि नहीं होगी और अप्रैल 2020 से जब तक स्कूल दोबारा पारंपरिक तरीके से खुल नहीं जाते, तब तक सभी 145 स्कूल शुल्क में कम से कम 20 प्रतिशत कमी करने की पेशकश करेंगे.



सात दिसंबर 2020 को दोबारा सुनवाई 
यह फैसला न्यायमूर्ति संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति मौसमी भट्टाचार्य की पीठ ने दिया. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस याचिका पर वह सात दिसंबर 2020 को दोबारा सुनवाई करेगी. इससे पहले अदालत निर्देशों के अनुपालन में हुई प्रगति की निगरानी करेगी.

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कब खुलेंगे स्कूल
फीस कम करने के आदेश के अलावा स्कूल खुलने की बात करें तो अनलॉक 5.0 की गाइडलाइन में 15 अक्टूबर के बाद से सभी स्कूल और कॉलेज को नियमों के साथ खोलने की इजाजत दे दी गई है.  इसका निर्णय केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों पर छोड़ा है.
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