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Career Tips: 12वीं के बाद करें ये कोर्स, 4 साल में मिल सकता है विदेश जाने का मौका

Career Tips: 12वीं के बाद करें ये कोर्स, 4 साल में मिल सकता है विदेश जाने का मौका

ऑक्यूपेशनल थेरेपी में बनाएं करियर

ऑक्यूपेशनल थेरेपी में बनाएं करियर

Career Tips, Occupational Therapy: 12वीं के बाद आप करियर के नए मौके तलाश रहे हैं तो ऑक्यूपेशनल थेरेपी (Occupational Therapy) का क्षेत्र एक बहुत अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है (Career Options After 12th). इस सेक्टर में करियर बनाकर आप विदेश में नौकरी की संभावनाएं भी देख सकते हैं (Jobs in Abroad). प्रोफेशनल ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट (Occupational Therapist) बनने के लिए 4 साल के डिग्री कोर्स के अलावा कई डिप्लोमा कोर्स (Diploma Course) भी किए जा सकते हैं. इसके बाद आपको लाखों के पैकेज पर आसानी से नौकरी मिल जाएगी (Occupational Therapist Salary). जानिए इसके लिए जरूरी योग्यता और करियर के मौके.

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    नई दिल्ली (Career Tips, Occupational Therapy). 12वीं के बाद करियर ऑप्शन को लेकर परेशान होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है (Career Options After 12th). ऐसे कई शानदार करियर ऑप्शन हैं, जहां आप 12वीं के बाद अपना करियर संवार सकते हैं. भारत में ऑक्युपेशनल थेरेपी (Occupational Therapy) की शुरुआत साल 1950 में हुई थी लेकिन यहां अब भी इसे लेकर ज्यादा जागरूकता नहीं है. अगर आप चाहें तो ऑक्युपेशनल थेरेपी का कोर्स (Occupational Therapy Course) करके विदेश तक जा सकते हैं.

    ऑक्यूपेशनल थेरेपी (Occupational Therapy) का संबंध शारीरिक और मानसिक रूप से दिव्यांग लोगों की देखभाल करने से जुड़ा हुआ है. इसमें उनकी रोकथाम, देखभाल और पुनर्वास पर ध्यान दिया जाता है. शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर लोगों की देखभाल करने वाले प्रोफेशनल को ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट कहा जाता है (Occupational Therapist).

    कोर्स के बाद यहां मिलेंगे मौके
    ऑक्यूपेशनल थेरेपी कोर्स (Occupational Therapy Course) में प्रवेश के लिए बायोलॉजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री विषयों के साथ 12वीं पास होना जरूरी है. ऑक्यूपेशनल थेरेपी चार साल का डिग्री कोर्स है. इसमें 6 महीने की इंटर्नशिप भी अनिवार्य है. बैचलर डिग्री करने के बाद मास्टर डिग्री और डॉक्टरल डिग्री भी कर सकते हैं.

    पीडियाट्रिक्स, न्यूरोसाइंसेस, मेंटल हेल्थ, कम्युनिटी रीहैबिलिटेशन में मास्टर्स डिग्री हासिल कर सकते हैं.  सरकारी संस्था, प्राइवेट संस्था, स्कूल, डे केयर सेंटर में ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट की काफी मांग है.

    जरूरी हैं ये स्किल्स
    इस प्रोफेशन में छात्रों को संवेदनशील होने से लेकर वैज्ञानिक नजरिया तक अपनाना पड़ता है. इसमें उन्हें मरीजों के दुख को समझकर उसके हिसाब से उपचार करने की जरूरत होती है. अच्छी कम्युनिकेशन स्किल, टीम वर्क, मेहनती, रिस्क उठाने और दबाव को झेलने जैसे गुण इस प्रोफेशन के लिए बहुत जरूरी हैं. इसमें ज्यादातर काम मेडिकल उपकरणों के सहारे होता है. इसलिए उनका ज्ञान भी आवश्यक है (Occupational Therapist Skills).

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    इन कोर्स से बनेगी बात
    बीएससी इन ऑक्यूपेशनल थेरेपी (ऑनर्स)
    बीएससी इन ऑक्यूपेशनल थेरेपी
    बैचलर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी
    डिप्लोमा इन ऑक्यूपेशनल थेरेपी
    एमएससी इन फिजिकल एंड ऑक्यूपेशनल थेरेपी
    मास्टर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी

    इन पदों पर मिल सकता है काम
    यह कोर्स करने के बाद ऑक्यूपेशनल थेरेपी टेक्नीशियन, कंसल्टेंट, ऑक्यूपेशनल थेरेपी नर्स, रीहैबिलिटेशन थेरेपी असिस्टेंट, स्पीच एंड लैंग्वेज थेरेपिस्ट, स्कूल टीचर, लैब टेक्नीशियन और मेडिकल रिकॉर्ड आदि पदों पर काम मिल सकता है.

    विदेश में भी कर सकते हैं काम
    विदेशों में भी इस क्षेत्र में करियर के बेहतर अवसर मौजूद हैं. अमेरीका में ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट की एवरेज सालाना सैलरी 70 हजार डॉलर यानी करीब 50 लाख रुपये के आस-पास होती है. भारत में शुरुआत में वेतन कम होता है, लेकिन कुछ साल बाद अनुभव मिलने पर काफी आकषर्क वेतन मिलता है (Occupational Therapist Salary).

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