12वीं के बाद आर्ट्स स्ट्रीम से इन क्षेत्रों में संवार सकते हैं करियर, जानें विषय की बारीकियां

बैचलर ऑफ आर्ट्स- बीए सबसे लोकप्रिय ग्रेजुएशन लेवल का कोर्स है.

बैचलर ऑफ आर्ट्स- बीए सबसे लोकप्रिय ग्रेजुएशन लेवल का कोर्स है.

अगर आर्ट्स के छात्र मैनेजमेंट कोर्सेज में भविष्य बनाना चाहते हैं तो 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद कई मैनेजमेंट कोर्सेज उपलब्ध हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 10, 2020, 5:27 PM IST
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नई दिल्ली. अगर आपने आर्ट्स स्ट्रीम से 12वीं की परीक्षा पास कर ली है और आगे इसी स्ट्रीम में करियर बनाना चाहते हैं तो आपको इस स्ट्रीम के बारे में गहरी समझ की जरूरत है. क्योंकि इस स्ट्रीम के अंदर बहुत सारे विषय आते हैं. आज हम आपको आर्ट्स स्ट्रीम के बारे में जानकारी देंगे.

बैचलर डिग्री कोर्स

बैचलर ऑफ आर्ट्स- बीए सबसे लोकप्रिय ग्रेजुएशन लेवल का कोर्स है, जिसे हाई स्कूल की पढ़ाई के बाद करते हैं. इसके अंतर्गत विभिन्न विषय हैं, जिसे छात्र अपने करियर के अनुसार चुन सकते हैं और उस विषय में आगे बढ़ सकते हैं. आमतौर पर, कोर्स के पहले वर्ष के दौरान, छात्रों को तीन प्रमुख विषयों को चुनना होता है और अंतिम वर्ष के दौरान, ऑनर्स के लिए एक मूल विषय चुनना होता है. आर्ट्स स्ट्रीम में ये लोकप्रिय विषय बैचलर डिग्री कोर्स में शामिल हैं.

बैचलर डिग्री कोर्स में
इतिहास

भूगोल

राजनीति विज्ञान



लोक प्रशासन

अंग्रेजी साहित्य

अर्थशास्त्र

टेक्‍न‍िकल कोर्सेज

अगर आपने आर्ट्स स्ट्रीम में एडमिशन लिया है तो आगे चलकर आप टेक्नि‍कल कोर्स में एडमिशन भी ले सकते हैं. अंडरग्रेजुएट लेवल पर आर्ट्स स्ट्रीम छात्रों के लिए कुछ टेक्नि‍कल कोर्सेज भी उपलब्ध हैं, जिसका चयन कर छात्र भविष्य में टेक्नि‍कल फील्ड में भी अपना करियर बना सकते हैं.

बीसीए - बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन.

बी.आर्क - बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर.

लॉ कोर्सेज

कानूनी के दांव पेंच के बारे में आपको पढ़ाई करनी है और वकील बनना चाहते हैं तो हाई स्कूल में आर्ट्स विषय का चयन करना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा. आर्ट्स विषय से ग्रेजुएशन करने के बाद एलएलबी किया जा सकता है. आमतौर पर, एलएलबी कोर्सेज में शामिल होने की योग्यता स्नातक की डिग्री है. छात्र कानून में 5 साल के एकीकृत कार्यक्रमों का चयन भी कर सकते हैं.

बीए+एलएलबी- बैचलर ऑफ आर्ट्स और बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ.

बीबीए+एलएलबी-बैचलर ऑफ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन और बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ.

मैनेजमेंट कोर्सेज

अगर आर्ट्स के छात्र मैनेजमेंट कोर्सेज में भविष्य बनाना चाहते हैं तो 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद कई मैनेजमेंट कोर्सेज उपलब्ध हैं. इनमें ग्रेजुएशन डिग्री लेवल के कोर्सेज, एकीकृत पांच साल के कोर्सेज और यहां तक ​​कि शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेशन प्रोग्राम्स भी शामिल हैं. हालांकि, उनमें से सबसे लोकप्रिय हैं :

बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन)

बीएमएस (बैचलर ऑफ बिजनेस स्टडीज)

एकीकृत बीबीए + एमबीए प्रोग्राम (5 साल की अवधि)

बीएचएम (बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट)

रीटेल मैनेजमेंट (डिप्लोमा)

फैशन डिजाइन/डिजाइन कोर्सेज

डिजाइनिंग आर्ट्स छात्रों के लिए एक बड़ा करियर डोमेन है. खासकर उन छात्रों के लिए जो विजुअल आर्ट्स में विशेषज्ञ हैं. आर्ट्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए डिजाइन स्ट्रीम में कई ग्रेजुएशन लेवल के कोर्सेज उपलब्ध हैं.ये कोर्स इन तरह के हैं.

बैचलर ऑफ टेक्सटाइल डिज़ाइन

बैचलर ऑफ डिज़ाइन (एक्सेसरी)

बैचलर ऑफ फैशन कम्युनिकेशन

बैचलर ऑफ इंटीरियर डिजाइनिंग

बैचलर ऑफ प्रोडक्ट डिज़ाइन

फर्नीचर और इंटीरियर डिजाइन कोर्सेज

बैचलर ऑफ डिजाइन (लेदर)

बैचलर ऑफ फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी

परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्सेज

सही विषयों को ऐसे चुनें

जब आर्ट्स स्ट्रीम की बात आती है, तो अधिकांश छात्र ललित कला उप-डोमेन से कुछ ऐच्छिक यानी ऑप्‍शनल विषयों के साथ मानविकी विषयों का चयन करते हैं. हाई स्कूल से ही छात्रों की इस विषय में पकड़ मजबूत होती है. हाई स्कूल ही किसी भी कोर्स का फाउंडेशन होता है इसलिए, छात्रों को इस अवधि के दौरान आर्ट्स स्ट्रीम के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विषयों के लेने की छूट दी जाती है. लेक‍िन आर्ट्स विषय का चयन करते समय इन बातों पर ध्यान देना चाहिए.

खुद की द‍िलचस्‍पी: इस विषय में छात्रों को निर्णय लेने से पहले किसी विषय या उप-डोमेन में अपनी रुचि और जुनून पर पूरी तरह विचार करना चाहिए. एक रचनात्मक और शोध आधारित स्ट्रीम होने के नाते, कॉलेज में उच्च अध्ययन और उसके बाद के करियर के फैसलों में भी आपकी रुचि एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

अपना मजबूत पक्ष देखें: अपने पसंद के क्षेत्रों की पहचान के साथ-साथ, आपको अपनी मजबूत पक्ष और कमजोरियों को भी ध्यान में रखना चाहिए. इससे आपको उप-डोमेन और विषयों के चयन में सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी.

आर्ट्स स्ट्रीम के कुछ सब-डोमेन

मानविकी (ह्यूमैनिटी)

मानविकी एक विशाल क्षेत्र है और इसे कुछ शब्दों के माध्यम से परिभाषित करना संभव नहीं है. आमतौर पर, मानविकी के अंतर्गत मनुष्य की स्थिति का अध्ययन किया जाता है. इसमें मानव पृष्ठभूमि में मानव व्यवहार, सामाजिक-सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रणालियों के विकास के पीछे के कारणों को समझना और उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का पता लगाना आदि कार्य शामिल हैं. इस डोमेन में विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है और उनमें से कुछ हैं.

इतिहास

भाषा

साह‍ित्‍य

कानून

फिलोसोफी

धर्म

परफॉर्मिंग आर्ट्स

एन्थ्रोपोलॉजी

कम्युनिकेशन

सोशियोलॉजी

साइकोलॉजी

दृश्य कला (विजुअल आर्ट्स)

पेंटिंग

ड्राइंग

मूर्ति कला

फोटोग्राफी

कांसेप्चुअल आर्ट्स

आर्किटेक्चर

बुनाई

कपड़े (फेब्रिक्स)

परफॉर्मिंग आर्ट्स

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